“दिशा बैठक में सांसद चंद्रशेखर का सर्जिकल स्ट्राइक: देर से आए अफसरों पर बड़ी कार्रवाई के निर्देश
“दिशा बैठक में सांसद चंद्रशेखर का बड़ा एक्शन: ढिलाई पर जीरो टॉलरेंस, अफसरों को दोटूक चेतावनी”
बिजनौर में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक बनी सख्त निर्देशों और तेज फैसलों का केंद्र — सड़क मरम्मत, बिजली सुरक्षा, जलभराव समाधान और पेंशन योजनाओं पर बड़े निर्णय
बिजनौर में सोमवार को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति—‘दिशा’ बैठक इस बार केवल समीक्षा का औपचारिक मंच नहीं रहा। नगीना लोकसभा के सांसद एडवोकेट चंद्रशेखर (चंद्रशेखर आजाद) की अध्यक्षता में हुई यह बैठक प्रशासनिक सख्ती, तीखे निर्देश और समय पर कार्य न करने वाले अफसरों की जवाबदेही तय करने वाला “एक्शन मोड” कार्यक्रम बन गई।
बैठक का माहौल उस वक्त बेहद गंभीर हो गया जब सांसद ने समय से देर से पहुंचने वाले अधिकारियों पर खुलकर नाराजगी जताई और जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि तुरंत स्पष्टीकरण तलब किया जाए और यदि जवाब संतोषजनक न हो तो कार्रवाई न की जाए— बल्कि “तुरंत की जाए”।
यह बयान साफ संकेत देता है कि जिले में अब लापरवाही की संस्कृति के दिन खत्म हो चुके हैं।
शुरुआत ही संदेश देती हुई — बाबा साहब को श्रद्धांजलि
बैठक की शुरुआत सांसद और मुख्य विकास अधिकारी द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसका प्रतीकात्मक अर्थ था—
“समानता, न्याय और जवाबदेही पर आधारित प्रशासन।”देर से आने वाले अफसरों पर गिरी गाज — “समय पर नहीं आए, तो कार्रवाई तय”
सांसद ने स्पष्ट चेतावनी दी:
- “दिशा की बैठक को हल्के में न लें”
- “यह तीन महीने के विकास का पूरा मूल्यांकन है”
- “जो अधिकारी देरी करेगा या अनुपस्थित रहेगा, उस पर विभागीय कार्रवाई निश्चित है”
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि कोई विभागीय अधिकारी किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सकता तो अपने प्रतिनिधि को भेजना अनिवार्य होगा, वह भी सभी अद्यतन सूचनाओं के साथ।
यह निर्देश प्रशासनिक जवाबदेही को नई धार देता है।
जल जीवन मिशन: टूटी सड़कों पर सांसद की कड़ी टिप्पणी — “गांवों को गड्ढों का अड्डा मत बनने दें”
ग्राम पंचायत क्षेत्रों में पाइपलाइन डालने के दौरान सड़कें उखाड़े जाने और बाद में मरम्मत न होने की शिकायत बार-बार उठ रही थी।
इस पर सांसद का स्वर सख्त हो गया:
- अधिशासी अभियंता जल निगम को कड़े निर्देश
- कार्यदाई संस्थाओं को गुणवत्ता आधारित मरम्मत का अल्टीमेटम
- प्राथमिकता के आधार पर सड़क बहाली का आदेश
सांसद ने कहा—
“गांव की सड़कें विकास की पहचान हैं, इन्हें खोदकर छोड़ देना स्वीकार नहीं।”नजीबाबाद–धामपुर में जलभराव: “ये गलती दोबारा न दोहराई जाए”
पिछली बरसात में नजीबाबाद और धामपुर में कई दिनों तक जलभराव रहा, जिससे जनता बेहद परेशान हुई।
सांसद ने इस मुद्दे को बेहद गंभीर मानते हुए कहा:
- “जलभराव रोकने के लिए साइंटिफिक प्लान बनाएं”
- “योजना बनाकर शासन को तुरंत भेजें”
- “स्वीकृति मिलते ही काम धरातल पर दिखना चाहिए”
इस निर्देश के बाद साफ है कि आने वाली बरसात में दोनों शहरों में तेज सुधार देखने को मिलेगा।
बिजली विभाग पर ‘सख्त निगरानी’: जर्जर तारों पर तुरंत कार्यवाही
सांसद ने बिजली विभाग को लेकर बेहद स्पष्ट रुख अपनाया:
- शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लटके हुए तार तुरंत हटाए जाएं
- जहां-जहां जर्जर तार हैं, उन्हें अत्यधिक प्राथमिकता पर बदला जाए
- उपभोक्ताओं को कनेक्शन देने में “अनावश्यक देरी” किसी भी कीमत पर न की जाए
उन्होंने कहा—
“बिजली विभाग की लापरवाही से कोई हादसा हुआ तो उसकी सीधे जवाबदेही तय की जाएगी।”विधवा/निराश्रित महिलाओं की पेंशन: “एक भी पात्र वंचित नहीं रहना चाहिए”
सांसद ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया:
- ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विशेष कैंप लगें
- पात्र महिलाओं को उसी समय पेंशन सूची में शामिल किया जाए
- पेंशन योजना को “लोगों तक पहुंचाने” की बजाय “लोगों को खोजकर जोड़ने” की प्रक्रिया अपनाई जाए
यह निर्देश महिला सुरक्षा और सामाजिक कल्याण को लेकर सांसद की गंभीरता को दर्शाता है।
योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा — गुणवत्ता पर सबसे अधिक जोर
सांसद ने बैठक में कहा—
“योजनाओं की फाइलों में नहीं, जमीन पर काम दिखना चाहिए।”
उन्होंने लगभग हर विभाग से:
- प्रगति रिपोर्ट
- कार्य में कमियां
- आगामी रणनीति
सभी पर जवाब मांगा।
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने आश्वस्त किया कि सांसद के सभी निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा।यह बैठक नहीं, जिला प्रशासन के लिए ‘वॉर्निंग बेल’ थी
दिशा बैठक का यह सत्र स्पष्ट संदेश देता है कि:
- ढिलाई बंद होगी
- जवाबदेही तय होगी
- विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी
- सड़क, बिजली, पानी, पेंशन और जलभराव—हर मुद्दे पर तेज परिणाम दिखेंगे
सांसद चंद्रशेखर का तल्ख़ रुख और जिलाधिकारी की प्रतिबद्धता मिलकर यह संकेत देती है कि आने वाले महीनों में बिजनौर जिले की विकास परियोजनाओं में स्पीड और गुणवत्ता दोनों बढ़ने वाली हैं।












