पीएम आवास ग्रामीण में बढ़ी सख्ती: अब मनरेगा लोकपाल सुनेंगे आपकी शिकायतें
बाएं से प्रथम लोकायुक्त सुशील त्यागी
गाँवों में पारदर्शिता का नया मॉडल शुरू!**
बिजनौर, 15 नवम्बर 2025। ग्राम्य विकास व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा और असरदार कदम उठाया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय एवं आयुक्त ग्राम्य विकास के नवीन निर्देशों के तहत अब मनरेगा लोकपाल को प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G) की शिकायतों के निस्तारण की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दे दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण से जुड़ी अनियमितताओं, देरी, पात्रता विवादों और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण की उम्मीद जताई जा रही है।
जिले में अब किसके पास पहुँचेगी हर शिकायत?
बिजनौर में यह जिम्मेदारी मनरेगा लोकपाल सुशील कुमार त्यागी को सौंपी गई है। 📞 सीधा संपर्क: 7275554033
शिकायतकर्ता अपनी समस्याएँ तीन तरीकों से दर्ज कर सकेंगे—
✔️ सीधे लोकपाल श्री सुशील कुमार त्यागी को आवेदन देकर
✔️ विकास भवन, प्रथम तल – कक्ष संख्या 210 में संपर्क कर
✔️ किसी भी खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय में कार्यदिवसों पर पहुँचकर
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी BDO को निर्देशित किया है कि वे अपने कार्यालयों में मजबूत शिकायत पंजीकरण व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी ग्रामीण बिना परेशानी अपनी समस्या दर्ज करा सके।
यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है?
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में कई बार शिकायतें आती रही हैं—
लाभार्थी चयन में गड़बड़ी
निर्माण में देरी
किस्तों के भुगतान में समस्या
स्थानीय स्तर पर दबाव या भ्रष्टाचार की आशंका
ऐसे संवेदनशील मामलों में मनरेगा लोकपाल की एंट्री ग्रामीणों के लिए एक बड़ा राहत कदम माना जा रहा है।
संभावित बड़े फायदे:
🔹 शिकायतों के निस्तारण की गति बढ़ेगी
🔹 जवाबदेही तय होगी—कौन गलती कर रहा है, तुरंत सामने आएगा
🔹 भ्रष्टाचार और मनमानी पर सीधा अंकुश
🔹 ग्रामीणों को मिलेगा भरोसेमंद, निष्पक्ष और सीधे संपर्क का मंच
गाँव की सरकार को मिलेगा मजबूत आधार
इस नई व्यवस्था से सरकार की ग्रामीण विकास योजनाओं की छवि भी मजबूत होगी। योजनाओं की निगरानी में तेजी आएगी और पात्र लाभार्थियों तक आवास योजना का लाभ सही समय पर पहुँच पाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम ग्रामीण शिकायत निस्तारण व्यवस्था में “सिंगल-विंडो पारदर्शिता मॉडल” की तरह काम करेगा।
ग्रामीणों के हक की रक्षा के लिए प्रभावी कदम
मनरेगा लोकपाल को अतिरिक्त अधिकार देने का निर्णय न सिर्फ शिकायत समाधान को सरल करेगा, बल्कि ग्रामीणों के बीच यह संदेश भी देगा कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन रही है। आने वाले समय में इसका सकारात्मक असर ग्रामीण आवास व्यवस्था पर साफ देखा जा सकेगा।