“रिटायर्ड फौजी परिवार की जमीन कब्जाने के लिए दबाव — पुलिस से भी मिल रही धमकी!”
नजीबाबाद में साजिश का जाल या प्रशासनिक लापरवाही? मामला पहुंचा अपर पुलिस अधीक्षक तक
बिजनौर से बड़ी खबर
नजीबाबाद क्षेत्र के ग्राम मथुरापुर मोर के एक सेना से सेवानिवृत्त परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
प्रार्थी अवधेश कुमार पुत्र श्री त्रिलोक चन्द का कहना है कि कुछ दबंग किस्म के लोग उनके परिवार को जमीन कब्जाने और हथियार का लाइसेंस रद्द करवाने के लिए धमका रहे हैं।
झूठी शिकायत और धमकियों से त्रस्त फौजी परिवार
- प्रार्थी के भाई बलदेव किशन, जो सेना से आर्डनरी कैप्टन के पद से सेवानिवृत्त हैं, के खिलाफ प्रतिपक्षियों ने झूठी दरख्वास्त नजीबाबाद थाने में दी।
- आरोप है कि विरोधियों ने 12 बोर की लाइसेंसधारी बंदूक को “जाली” बताकर मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश की।
- जिलाधिकारी ने जांच के लिए फाइल जम्मू भेजी, जहाँ से NOC आने का इंतजार है, लेकिन तब तक पुलिस द्वारा लाइसेंस जमा कराने का दबाव डाला जा रहा है।
जमीन विवाद भी बना तनाव की जड़
- अवधेश कुमार की पत्नी चरनजीत कौर ने 16 फरवरी 2023 को गाटा संख्या 1133, रकबा 2.851 हे. में से 0.107 हे. भूमि खरीदी थी।
- खरीद फरोख्त विधिवत रजिस्ट्री के माध्यम से हुई, और चरनजीत कौर कब्जा लेकर खेती कर रही हैं।
- आरोप है कि प्रतिपक्षी जसवंत सिंह पुत्र सुरेन्द्र सिंह अब उसी जमीन को अपनी बताकर दबाव और धमकी दे रहा है।
- जबकि जसवंत सिंह ने उसी खसरा संख्या के अन्य सहखातेदार वीरेन्द्र सिंह से 09 जून 2025 को 0.211 हे. भूमि खरीदी है —
लेकिन कब्जा उसके पास नहीं है, फिर भी उसने “स्टे आदेश” लेकर भ्रम फैला रखा है।
“पुलिस भी बना रही है दबाव” — आरोप
अवधेश कुमार ने पत्र में लिखा है कि
“थाना नजीबाबाद की पुलिस मुझे, मेरी पत्नी और भाई को डरा-धमकाकर लाइसेंस जमा कराने व जमीन पर कब्जा छोड़ने के लिए मजबूर कर रही है।”
उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि —
- पुलिस को परेशान करना बंद करने के आदेश दिए जाएं।
- झूठी दरख्वास्त करने वाले प्रतिपक्षियों पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।
- फौजी परिवार की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा की जाए।
प्रशासनिक जांच की मांग
सेवानिवृत्त सैनिक परिवार का कहना है कि
यह पूरा मामला रंजिश, भूमि विवाद और स्थानीय दबाव का परिणाम है।
उन्होंने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और पुलिस व्यवहार पर कार्रवाई की मांग की है।
मामले की पृष्ठभूमि एक नज़र में
| विषय | विवरण |
|---|---|
| शिकायतकर्ता | अवधेश कुमार पुत्र श्री त्रिलोक चन्द |
| निवास | ग्राम मथुरापुर मोर, थाना नजीबाबाद, बिजनौर |
| मुख्य प्रतिपक्षी | जसवंत सिंह, कुलवंत सिंह, गुरजीत सिंह उर्फ काका आदि |
| विवाद | भूमि कब्जा, झूठी FIR, हथियार लाइसेंस दबाव |
| दिनांक | 28 अक्टूबर 2025 |
| आवेदन भेजा गया | अपर पुलिस अधीक्षक, बिजनौर को |
ग्रामीणों में भी चर्चा
ग्राम मथुरापुर मोर और आसपास के क्षेत्रों में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
लोगों का कहना है कि अगर एक सेवानिवृत्त सैनिक परिवार को भी इस तरह परेशान किया जा रहा है, तो आम नागरिक कैसे सुरक्षित रहेंगे?
क्या कहता है कानून
- भूमि विवाद में स्टे ऑर्डर केवल संबंधित हिस्से पर लागू होता है,
दूसरे खातेदार के हिस्से पर नहीं। - किसी भी व्यक्ति को बिना साक्ष्य शस्त्र जमा कराने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
- यदि दबाव या धमकी का मामला साबित होता है, तो संबंधित पुलिसकर्मी और प्रतिपक्षी के खिलाफ धारा 506, 384, 420 IPC जैसी धाराएं लागू हो सकती हैं।
समापन
फिलहाल, यह मामला अपर पुलिस अधीक्षक बिजनौर के समक्ष पहुंच चुका है।
परिवार को उम्मीद है कि जांच के बाद सत्य सामने आएगा और सेवानिवृत्त फौजी परिवार को न्याय मिलेगा।
“फौजी की इज्जत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं”
स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन को ऐसे मामलों में
‘जीरो टॉलरेंस नीति’ अपनानी चाहिए, ताकि
देश की रक्षा करने वाले सैनिकों को अपने ही गांव में
धमकियों और दबाव से न गुजरना पड़े।












