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Diethylene Glycol मिश्रण से खतरा! जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कफ सिरप पर जारी किए सख्त निर्देश

Diethylene Glycol मिश्रण से खतरा! जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कफ सिरप पर जारी किए सख्त निर्देश
बच्चों की मौत की घटनाओं के बाद जनपद में औषधि जांच अभियान तेज — संदिग्ध कफ सिरप के नमूने अभिरक्षा में लेने के आदेश

बिजनौर, 06 अक्टूबर 2025 (संवाददाता) विभिन्न राज्यों में कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मृत्यु की घटनाओं के संज्ञान में आने के बाद जनपद प्रशासन सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर (IAS) ने औषधि विभाग के अधिकारियों को तत्काल एक्शन मोड में आने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि “जनहित सर्वोपरि है — किसी भी हालत में हानिकारक औषधियां जनपद में बिक्री या उपयोग में न रहें।”

 संदिग्ध औषधि ‘COLDRIF SYRUP’ पर रोक

जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य अनुज्ञापन प्राधिकारी, मध्य प्रदेश से प्राप्त पत्र के अनुसार M/s Sresan Pharmaceutical (Bangalore Highways, Sunguvachatram, Distt. Kanchheepuram) द्वारा निर्मित COLDRIF SYRUP (Batch No. SR-13, M/D May 2025, E/D April 2027) में Diethylene Glycol का अपमिश्रण पाया गया है। यह रासायनिक पदार्थ अत्यंत हानिकारक एवं जानलेवा सिद्ध हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, Diethylene Glycol का सेवन गंभीर विषाक्तता, गुर्दे की क्षति और मृत्यु तक का कारण बन सकता है।

 जिलाधिकारी के निर्देश —

जिलाधिकारी जसजीत कौर ने औषधि विभाग को निर्देशित किया कि —

  • जिले के सभी औषधि विक्रय प्रतिष्ठान, सरकारीगैर-सरकारी अस्पतालों में तत्काल जांच की जाए।
  • यदि उपरोक्त COLDRIF SYRUP या Sresan Pharmaceutical द्वारा निर्मित कोई अन्य कफ सिरप उपलब्ध हो, तो उसका नमूना संकलित कर अभिरक्षा में लिया जाए और बिक्री रोकी जाए।
  • संकलित सभी नमूनों का विवरण गूगल फार्म (https://forms.gle/ZhDq6vtocyuv4qvZ9) में दर्ज किया जाए।
  • लखनऊ प्रयोगशाला को सभी नमूने शीघ्र प्रेषित किए जाएं ताकि वैज्ञानिक परीक्षण कराया जा सके।
  • यह भी सुनिश्चित किया जाए कि एक ही औषधि (समान नाम व बैच नंबर) का नमूना एक से अधिक बार न लिया जाए।

 निर्माणशालाओं से भी नमूने लिए जाएंगे

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनपद में स्थित किसी भी औषधि निर्माणशाला से कफ सिरप एवं उसमें प्रयुक्त Propylene Glycol के नमूने संकलित कर लखनऊ प्रयोगशाला भेजे जाएं। रिपोर्ट प्राप्त होते ही दोषी पाए जाने वाले उत्पादकों या विक्रेताओं पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

 जनपद प्रशासन अलर्ट मोड में

डीएम जसजीत कौर ने स्पष्ट कहा कि “औषधि विभाग यह सुनिश्चित करे कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। मानव जीवन से खिलवाड़ करने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।” औषधि निरीक्षक दलों को फील्ड में सक्रिय कर दिया गया है और सभी प्रमुख मेडिकल स्टोरों की जांच शुरू कर दी गई है।

 विश्लेषण: हाल के वर्षों में Diethylene Glycol से जुड़े औषधि कांडों ने स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। ऐसे में बिजनौर प्रशासन की त्वरित सतर्कता और जिलाधिकारी द्वारा जारी निर्देश औषधि सुरक्षा की दिशा में एक सकारात्मक और जिम्मेदार कदम माने जा रहे हैं।

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