🚭 “युवा पीढ़ी ने ली संकल्प की सौगंध”
डी.एन. शर्मा इंटर कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम में गूंजा संदेश — ‘सेहत ही है असली दौलत’
डॉक्टर्स ने बताया तंबाकू से जुड़ा भयावह सच, छात्रों ने पोस्टर और लेखन प्रतियोगिता से दी जागरूकता की मिसाल
मुरादाबाद से संवाददाता रिपोर्ट
मुरादाबाद। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तत्वावधान में डी.एन. शर्मा इंटर कॉलेज, बहेड़ी ब्रह्मनान में शनिवार को राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य था — समाज में बढ़ती तंबाकू लत के खतरों पर रोक लगाना और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से अवगत कराना।
“हर सिगरेट, हर बीड़ी है ज़हर की पुड़िया” — डॉक्टरों ने दी चेतावनी

मेडिकल ऑफिसर डा. सविता त्यागी और डा. सविता राणा ने छात्रों के साथ प्रश्नोत्तरी सत्र आयोजित किया।
उन्होंने बताया कि—
“तंबाकू सिर्फ फेफड़ों को नहीं, बल्कि हृदय, यकृत, दांत, त्वचा और पूरे तंत्र को प्रभावित करता है।
इसका असर न केवल स्वास्थ्य पर बल्कि व्यक्ति की आर्थिक स्थिति और परिवारिक वातावरण पर भी पड़ता है।”
छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक सवाल पूछे और संकल्प लिया कि वे स्वयं तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे, साथ ही दूसरों को भी रोकेंगे।
प्रतियोगिताओं में दिखाई रचनात्मकता और जागरूकता
कार्यक्रम के तहत पोस्टर, संकेत लेखन और दीवार लेखन प्रतियोगिता भी कराई गई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों ने भाग लिया।
रचनात्मक प्रस्तुतियों में छात्रों ने नशामुक्त समाज का सुंदर चित्रण किया।
🏆 पुरस्कार विजेता छात्र-छात्राएँ:
- 🥇 फैजिया – प्रथम स्थान
- 🥈 माहेनूर – द्वितीय स्थान
- 🥉 निशांत कुमार – तृतीय स्थान
- 🎖️ अदीवा नूरी – चतुर्थ स्थान
सभी विजेताओं को शील्ड और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
शिक्षा जगत की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे —
- शिक्षाविद पं. राधेश्याम शर्मा,
- प्रधानाचार्य दाऊद अली,
- सीताराम कश्यप, अवधेश कुमार, राजेंद्र सिंह,
- ओमपाल सिंह, भोलू सिंह, शकुन्तला देवी सहित
कॉलेज के सभी अध्यापक एवं शिक्षण कर्मी।
सभी ने युवाओं के इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि “जब युवा जागरूक होते हैं, तब समाज में बदलाव निश्चित होता है।”
कार्यक्रम का विश्लेषण : क्यों है ज़रूरी ऐसे अभियान
✅ भारत में हर वर्ष लगभग 13 लाख लोग तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से मरते हैं।
✅ 15 वर्ष से कम उम्र के 9% किशोर कभी न कभी तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं।
✅ सरकारी रिपोर्ट्स के अनुसार, तंबाकू पर खर्च की गई राशि एक गरीब परिवार की कुल आय का औसतन 15-20% होती है।
ऐसे में स्कूल-कॉलेज स्तर पर चल रहे इस तरह के अभियान ही वह “बीज” हैं, जो आने वाले कल में एक नशामुक्त और स्वस्थ भारत की नींव रखेंगे।
निष्कर्ष
कार्यक्रम का समापन छात्रों के संकल्प गीत “ना मैं तंबाकू लूंगा, ना किसी को लेने दूंगा” के साथ हुआ।
इस अवसर ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि—
“स्वस्थ समाज की शुरुआत स्वस्थ विचारों से होती है, और आज की युवा पीढ़ी ही बदलाव की असली ताकत है।”
लेखक की टिप्पणी:
इस तरह के कार्यक्रम न सिर्फ शिक्षा जगत की सामाजिक ज़िम्मेदारी को उजागर करते हैं, बल्कि यह दर्शाते हैं कि प्रशासन, चिकित्सा विभाग और शिक्षण संस्थान जब एक मंच पर आते हैं, तो समाज में असल परिवर्तन संभव है।











