मिशन शक्ति 5.0 और पोषण माह:
DM ने 101 कन्याओं का पूजन, शिक्षा और सशक्तिकरण का संदेश
बिजनौर में जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में हुआ विशेष आयोजन
बेटियों की सुरक्षा, पोषण और शिक्षा पर केंद्रित रहा कार्यक्रम
बिजनौर, 30 सितम्बर 2025।
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में मिशन शक्ति 5.0 और पोषण माह के अंतर्गत मंगलवार को विकास भवन प्रांगण में एक विशेष कन्यापूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने स्वयं 101 कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराया और पाठ्य सामग्री भेंट कर शिक्षा के लिए प्रेरित किया।
यह कार्यक्रम परंपरा और आधुनिक सोच का संगम था, जिसमें न केवल बेटियों का सम्मान किया गया बल्कि उनके भविष्य को संवारने के लिए ठोस संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम की झलकियां
- जिलाधिकारी जसजीत कौर ने विधिवत कन्यापूजन कर बालिकाओं को सम्मानित किया।
- कन्याओं को पाठ्य सामग्री उपहार में दी गई ताकि वे पढ़ाई के प्रति प्रेरित हों।
- बालिकाओं को भोजन कराकर पोषण और स्वास्थ्य के महत्व पर बल दिया गया।
- कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती इंदिरा सिंह, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि मो. पुर देवमल, उपायुक्त स्वतः रोजगार, जिला कार्यक्रम अधिकारी और आईसीडीएस विभाग के अधिकारी शामिल हुए।
- आईसीडीएस विभाग की पहल पर जिले के सभी विकास खंड मुख्यालय और आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी कन्यापूजन कार्यक्रम आयोजित हुए।
जिलाधिकारी का संबोधन
जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर ने कहा –
“बेटियां केवल घर-परिवार की शान ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास की भी आधारशिला हैं। शिक्षा और पोषण से ही वे मजबूत और आत्मनिर्भर बन सकती हैं। मिशन शक्ति 5.0 का उद्देश्य बेटियों के सम्मान के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित माहौल और बेहतर भविष्य देना है।”
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों की पढ़ाई में किसी भी प्रकार की बाधा न आने दें और उन्हें बराबरी के अवसर दें।
मिशन शक्ति 5.0 और पोषण माह का महत्व
- मिशन शक्ति 5.0 उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका मकसद महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करना है।
- इसके अंतर्गत बालिकाओं और महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
- पोषण माह में विशेष रूप से बालिकाओं और गर्भवती महिलाओं को सही पोषण उपलब्ध कराने और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाता है।
- कन्यापूजन कार्यक्रम के जरिए समाज को यह संदेश दिया गया कि बेटियां केवल पूजनीय नहीं, बल्कि शिक्षित और सशक्त नागरिक बनकर देश की तरक्की में योगदान दे सकती हैं।
समाज के लिए संदेश
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को मजबूत आधार मिला।
- समाज में कन्याओं के प्रति सम्मान और समानता का भाव बढ़ा।
- पोषण और शिक्षा को जोड़कर बालिकाओं के समग्र विकास की दिशा में ठोस पहल।
- प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की संयुक्त भागीदारी से आम लोगों तक सकारात्मक संदेश पहुंचा।
निष्कर्ष
बिजनौर का यह कार्यक्रम एक प्रेरणादायी पहल के रूप में देखा जा रहा है। कन्यापूजन की इस परंपरा को आधुनिक सोच से जोड़ते हुए जिलाधिकारी ने बेटियों को पढ़ाई-लिखाई और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया।
यह आयोजन स्पष्ट करता है कि मिशन शक्ति 5.0 केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक सामाजिक अभियान है जिसका उद्देश्य बेटियों को सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है।
👉 यह पहल आने वाली पीढ़ी के लिए न सिर्फ प्रेरणा है, बल्कि समाज को भी यह सोचने पर मजबूर करती है कि बेटियां केवल पूजनीय नहीं, बल्कि राष्ट्र की वास्तविक शक्ति हैं











