बिजनौर में गूंजेगी तूलिका की आवाज़: “विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत एवं डिजिटल भारत” पर चित्रकला प्रतियोगिता
युवा सोच और कला का संगम – बड़े पैमाने पर तैयारियां पूरी, विजेताओं को मिलेंगे लाखों के पुरस्कार
बिजनौर । जिले के कला प्रेमियों और प्रतिभावान छात्रों के लिए सुनहरा अवसर सामने है। 29 सितंबर 2025 को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, बिजनौर में एक विशेष चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है, जिसका विषय होगा –
➡️ “विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत एवं डिजिटल भारत”।
यह प्रतियोगिता न सिर्फ रंगों और तूलिकाओं की सुंदरता का मंच बनेगी, बल्कि नई पीढ़ी के सपनों और विचारों को कैनवास पर उतारने का अवसर भी प्रदान करेगी।
आयोजन की खास बातें
- 📍 स्थान – राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, बिजनौर
- 📅 तारीख – 29 सितंबर 2025
- ⏰ समय – प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
- 🎯 उद्देश्य – युवाओं व कला प्रेमियों को विकसित और डिजिटल भारत के सपनों को चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का मौका देना
🏆 पुरस्कार वितरण – प्रेरणा और प्रोत्साहन का संगम
प्रतिभागियों की मेहनत और रचनात्मकता को सम्मानित करने के लिए आकर्षक नगद पुरस्कार रखे गए हैं।
🔹 कक्षा 9 से 12 तक के छात्र-छात्राएँ
- 🥇 प्रथम पुरस्कार – ₹51,000
- 🥈 द्वितीय पुरस्कार – ₹21,000
- 🥉 तृतीय पुरस्कार – ₹11,000
🔹 स्नातक / परास्नातक वर्ग
- 🥇 प्रथम पुरस्कार – ₹51,000
- 🥈 द्वितीय पुरस्कार – ₹21,000
- 🥉 तृतीय पुरस्कार – ₹11,000
🔹 सामान्य वर्ग (किसी भी आयु वर्ग के कला प्रेमी)
- 🥇 प्रथम पुरस्कार – ₹51,000
- 🥈 द्वितीय पुरस्कार – ₹21,000
- 🥉 तृतीय पुरस्कार – ₹11,000
👉 कुल मिलाकर यह प्रतियोगिता हर उम्र, हर वर्ग के कलाकारों के लिए खुली है।
निर्णायक मंडल – कला विशेषज्ञों की टीम
प्रतियोगिता के विजेताओं का चयन निष्पक्ष और गुणात्मक मूल्यांकन के आधार पर होगा। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा तीन प्रतिष्ठित कला शिक्षकों को निर्णायक बनाया गया है –
- 🎨 श्री सुधीर कुमार – प्रवक्ता, कला, राजा ज्वाला प्रसाद आर्य इंटर कॉलेज, बिजनौर
- 🎨 श्री नौशाद अख्तर – स.अ., कला, एमजीएमपीएम इंटर कॉलेज, किरतपुर
- 🎨 श्री अरशद अली – स.अ., कला, आदर्श ग्रामीण इंटर कॉलेज, चन्दक
📌 क्यों है यह प्रतियोगिता खास?
- ✅ छात्रों और कलाकारों को मिलेगा बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर।
- ✅ पुरस्कार राशि न सिर्फ उत्साह बढ़ाएगी बल्कि कला के क्षेत्र में करियर बनाने वालों के लिए प्रेरणा बनेगी।
- ✅ “विकसित भारत” और “डिजिटल इंडिया” जैसे विषयों पर युवा पीढ़ी के विचार समाज को नए दृष्टिकोण देंगे।
- ✅ यह आयोजन शहर की कला-संस्कृति को राष्ट्रीय विमर्श से जोड़ने का काम करेगा।
विश्लेषणात्मक नजरिया
आज के दौर में जब भारत आत्मनिर्भरता और डिजिटल क्रांति की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है, तो कला भी इस बदलाव को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम बन रही है।
यह प्रतियोगिता केवल पेंटिंग का मंच नहीं है, बल्कि भारत के भविष्य को रंगों और रेखाओं में गढ़ने का अवसर है।
👉 बिजनौर में होने वाला यह आयोजन निश्चित ही कला और राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।











