बिजनौर में पटाखा फैक्टरी में लगी आग, लाखों का नुकसान – बड़ा हादसा टला

बिजनौर, नहटौर (आकू गांव)।
रविवार दोपहर करीब 12 बजे थाना नहटौर क्षेत्र के आकू गांव के पास स्थित पटाखा फैक्टरी में अचानक आग लग गई। आग लगते ही फैक्टरी में रखे पटाखे और बारूद जैसे कच्चे माल में तेज धमाके होने लगे। जोरदार विस्फोटों की आवाज़ से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और आसपास के ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए।
मौके पर अफरातफरी मच गई, लेकिन समय रहते कामगार – जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक बताई जा रही है – फैक्टरी से बाहर निकलने में सफल रहे। इस वजह से बड़ा हादसा टल गया।
मुख्य तथ्य
- स्थान: आकू गांव, नूरपुर मार्ग, थाना नहटौर, बिजनौर।
- समय: रविवार दोपहर लगभग 12 बजे।
- कारण: आग लगने की वजह स्पष्ट नहीं, शॉर्ट सर्किट या सुरक्षा लापरवाही की आशंका।
- प्रभाव:
- पटाखों और कच्चे माल का लाखों रुपये का नुकसान।
- कोई मौत या गंभीर घायल होने की सूचना नहीं।
- ग्रामीणों में दहशत का माहौल।
- कार्रवाई:
- पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
- फैक्टरी के संचालन और नियमों के पालन की जांच शुरू।
नियमों को ताक पर संचालन
ग्रामीणों का कहना है कि फैक्टरी में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। उचित अग्नि सुरक्षा इंतजाम न होने के चलते आग तेजी से फैली और विस्फोटों ने स्थिति को और खतरनाक बना दिया।
कामगारों की सुरक्षा पर सवाल
फैक्टरी में काम करने वालों में महिलाओं की संख्या अधिक थी। गनीमत रही कि सभी समय रहते बाहर निकल आए, वरना हादसा कहीं ज्यादा भयावह हो सकता था।
प्रशासनिक चुनौती
यह घटना एक बार फिर सवाल खड़ा करती है कि आखिर गांवों और कस्बों में चल रही पटाखा फैक्ट्रियों की सुरक्षा जांच कितनी सख्ती से होती है। क्या प्रशासन की निगरानी पर्याप्त है या नियम सिर्फ कागजों पर ही रह गए हैं?
पटाखा फैक्टरी में लगी यह आग केवल संयोग से बड़ा हादसा बनने से बच गई। यह स्पष्ट संकेत है कि बिना सुरक्षा मानकों के चल रही फैक्ट्रियां ग्रामीणों की जान को खतरे में डाल रही हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस घटना को चेतावनी मानकर ठोस कार्रवाई करता है या फिर ऐसे हादसे भविष्य में भी दोहराए जाते रहेंगे।
✍️ रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | Target TV Live










