रावली तटबंध पर मंडराया खतरा!
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने किया,गंगा बैराज का आकस्मिक निरीक्षण, जनहानि रोकने के लिए दिए कड़े निर्देश
बिजनौर, 09 सितंबर 2025।
गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने और कटान की रफ्तार तेज होने से रावली बैराज तटबंध खतरे में आ गया है। स्थिति को गंभीर देखते हुए प्रदेश सरकार ने मोर्चा संभाल लिया है। मंगलवार दोपहर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल बिजनौर पहुंचे और तटबंध का स्थल निरीक्षण कर प्रशासन को सख्त निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री का संदेश: “जनहानि हर हाल में रोकें”
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी कीमत पर जनहानि नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तटबंध की मजबूती और मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर, गुणवत्ता और तेजी के साथ किया जाए।
अतिरिक्त संसाधन तैनात
- तटबंध की मरम्मत के लिए दो अतिरिक्त पोकलेन मशीनें तुरंत लगाई जा रही हैं।
- राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के उपकरण और संसाधनों को भी लगाया जाएगा।
- मंत्री ने चेतावनी दी कि मरम्मत कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी।
ग्रामीणों ने बढ़ाया हाथ, मंत्री ने की सराहना
गांव के लोग तटबंध बचाने के लिए खुद भी प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा—
“आपका सहयोग सराहनीय है। प्रशासन और सरकार पूरी तरह आपके साथ है। जब तक तटबंध पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाता, आप हमारा साथ देते रहें।”
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर नागरिक की जान-माल की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
मौके पर रहे अधिकारी व जनप्रतिनिधि
निरीक्षण के समय कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे—
- विधायक बिजनौर श्रीमती सूचि चौधरी
- जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर
- पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा
- भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेंद्र चौहान बॉबी
- अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह
- एडीएम वित्त एवं राजस्व श्रीमती वान्या सिंह
साथ ही अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
रावली तटबंध पर खतरा बना हुआ है, लेकिन सरकार और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
ग्रामीणों के सहयोग और प्रशासनिक प्रयासों से जल्द ही तटबंध को सुरक्षित करने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह जंग किस तेजी से तटबंध को बचा पाती है।
यह ख़बर न सिर्फ़ बिजनौर बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए अहम है, क्योंकि तटबंध टूटने पर दर्जनों गांवों के सामने बाढ़ का खतरा खड़ा हो सकता है।













