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प्रतापगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दहेज उत्पीड़न व दुष्कर्म प्रकरण में तीन आरोपी गिरफ्तार

प्रतापगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दहेज उत्पीड़न व दुष्कर्म प्रकरण में तीन आरोपी गिरफ्तार

✍️ अद्वैत दशरथ तिवारी

 हाईलाइट्स

  • महिला थाना प्रतापगढ़ पुलिस की टीम ने तीन अभियुक्त/अभियुक्ता को दबोचा

  • विवाह के बाद लगातार दहेज की मांग व उत्पीड़न का मामला

  • पति और उसके साथी पर झाड़-फूंक के बहाने दुष्कर्म का आरोप

  • एएसपी पूर्वी शैलेन्द्र लाल व सीओ प्रशान्त राज के पर्यवेक्षण में कार्रवाई

 पूरा मामला

प्रतापगढ़ महिला थाना पुलिस ने दहेज उत्पीड़न एवं दुष्कर्म के संवेदनशील मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों—पति, सास और पति के मित्र—को रेलवे स्टेशन प्रतापगढ़ के पास से गिरफ्तार कर लिया।

वादिनी का विवाह 11 दिसंबर 2019 को जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र के कमालपुर निवासी नीरज साहू से हुआ था। आरोप है कि विवाह के बाद से ही पति नीरज साहू, उसकी मां उषा देवी और जेठ पंकज साहू दहेज की मांग करते रहे। मांग पूरी न होने पर वादिनी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा।

वादिनी का आरोप है कि पति नीरज साहू ने अपने मित्र संजय जायसवाल को “झाड़-फूंक” के बहाने घर बुलाया और दोनों ने मिलकर जबरन दुष्कर्म किया।

 पुलिस कार्रवाई

वादिनी की तहरीर पर महिला थाना प्रतापगढ़ में धारा 85, 61(2), 64, 351(2) बीएनएस तथा धारा 3/4 डीपी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी शैलेन्द्र लाल व सहायक पुलिस अधीक्षक नगर/क्षेत्राधिकारी नगर प्रशान्त राज के नेतृत्व में महिला थाना प्रभारी मीनाक्षी पाण्डेय और उनकी टीम (का. सुनील यादव, म.का. कुसुम सरोज, म.का. शीला यादव) ने मुखबिर की सूचना पर आरोपियों को रेलवे स्टेशन प्रतापगढ़ के पास से गिरफ्तार कर लिया।

 गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

1️⃣ नीरज साहू पुत्र घनश्याम साहू निवासी कमालपुर, थाना मुंगरा बादशाहपुर, जिला जौनपुर
2️⃣ संजय कुमार जायसवाल पुत्र रामजी जायसवाल निवासी महात्मा गांधी नगर डफलियान, थाना मुंगरा बादशाहपुर, जिला जौनपुर
3️⃣ ऊषा देवी साहू पत्नी घनश्याम साहू निवासी कमालपुर, थाना मुंगरा बादशाहपुर, जिला जौनपुर

 विश्लेषणात्मक नजरिया

➡️ यह मामला केवल दहेज उत्पीड़न तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें यौन अपराध जैसे गंभीर आरोप भी जुड़े हैं, जो समाज के लिए गहरी चिंता का विषय है।
➡️ यह कार्रवाई महिला थाना पुलिस की तत्परता और मुखबिर तंत्र की सक्रियता का परिणाम है।
➡️ दहेज और महिला उत्पीड़न के मामलों में त्वरित कार्रवाई से पीड़ित महिलाओं को न्याय मिलने की उम्मीद और मजबूत होती है।
➡️ इस तरह की घटनाएं समाज में दहेज प्रथा की कुरीति और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।

👉 आपकी राय: क्या दहेज और महिला उत्पीड़न मामलों के लिए अलग से फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित की जानी चाहिए?

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