एग्रीस्टैक योजना में ऑफलाइन “किसान पहचान पत्र” जारी करना अवैधानिक: DDA की चेतावनी
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CSC और जनसुविधा केंद्रों पर कार्रवाई की चेतावनी, किसान रहें सतर्क
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उप कृषि निदेशक बोले,किसानों को ठगने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
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फार्मर आईडी सिर्फ ऑनलाइन, फर्जी कार्ड का न करें भरोसा
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एग्रीस्टैक योजना: किसान आईडी केवल डिजिटल, कोई भौतिक कार्ड नहीं
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नकली किसान पहचान पत्र जारी करना अपराध, तुरंत करें शिकायत
बिजनौर, 03 सितंबर 2025
प्रदेश के किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। एग्रीस्टैक योजना के तहत बनाए जा रहे डिजिटल फार्मर आईडी को लेकर कुछ अवांछनीय तत्व उन्हें गुमराह करने में जुटे हैं। जानकारी के मुताबिक, कई सीएससी/जनसुविधा केंद्र और उनसे जुड़ी एजेंसियां किसानों को ठगने के लिए भौतिक (ऑफलाइन) “किसान पहचान पत्र” बांट रही हैं, जो पूरी तरह अवैधानिक है।
क्या है एग्रीस्टैक योजना?
भारत सरकार के मार्गदर्शन में चल रही इस योजना का मकसद है—
- किसानों के गाटों/प्रक्षेत्रों का ई-खसरा पड़ताल,
- और हर किसान की डिजिटल रजिस्ट्री (फार्मर आईडी) बनाना।
इसमें किसानों को केवल डिजिटल आईडी दी जाती है। किसी भी तरह का कार्ड या ऑफलाइन पहचान पत्र जारी नहीं होता।
उप कृषि निदेशक ने दी चेतावनी
बिजनौर के उप कृषि निदेशक डॉ. घनश्याम वर्मा ने साफ किया कि ऑफलाइन मोड में किसान पहचान पत्र जारी करना न केवल नियमविरुद्ध है, बल्कि किसानों को भ्रमित करने की साजिश है। उन्होंने सीएससी/जनसुविधा केंद्रों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी हालत में किसान पहचान पत्र की छपाई, प्रसारण या वितरण न करें।
📞 किसान कहाँ करें शिकायत?
यदि किसी किसान को इस तरह का मामला संज्ञान में आए तो वे तुरंत:
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जनपद के कृषि विभाग अधिकारियों को सूचित करें,
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या टोल-फ्री नंबर 0522-2317003 पर जानकारी दें।
किसानों से अपील
कृषि विभाग ने किसानों को सतर्क करते हुए अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और केवल आधिकारिक माध्यमों से ही एग्रीस्टैक योजना का लाभ उठाएं।












