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बिजनौर में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, गंगा में छोड़ा गया 1.71 लाख क्यूसेक पानी
➡️ मौसम विभाग ने 2-3 सितंबर को भारी से अत्यधिक बारिश की चेतावनी दी
➡️ 215 गांवों की फसलें डूबीं, किसानों को मुआवज़े की तैयारी
➡️ अब तक 2450 राशन किट बांटी गईं, मेडिकल और पशु चिकित्सा कैंप जारी
➡️ मृतकों के 47 परिजनों को 2.36 करोड़ की आर्थिक मदद
➡️ प्रशासन अलर्ट, सड़क व तटबंधों की लगातार निगरानी
📌 डीएम जसजीत कौर बोलीं: हर पीड़ित तक राहत पहुंचाना हमारी प्राथमिकता
बारिश और बाढ़ की दोहरी मार: बिजनौर के 215 गांवों में हाहाकार
प्रशासन ने बढ़ाई रफ्तार – फसलों से लेकर पशुओं तक राहत कार्य
भारी बारिश और गंगा में छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी ने बिजनौर की चिंता बढ़ा दी है। जिले के 215 गांवों की फसलें डूब चुकी हैं और हजारों किसान मुआवज़े की राह देख रहे हैं।
किसानों की जंग – खेतों से लेकर दफ्तर तक
धान, उड़द और गन्ने की फसलों को बाढ़ ने बुरी तरह प्रभावित किया है। प्रशासन ने बीमा कंपनियों को अलर्ट कर दिया है ताकि किसानों को जल्द मुआवज़ा मिल सके।
जीविका बचाने की जद्दोजहद
केवल इंसान ही नहीं, पशुओं की जान बचाना भी बड़ी चुनौती है। अब तक 1.56 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण कराया गया और 15 शिविरों में बीमार पशुओं का इलाज जारी है।
राहत का गणित
- 47 मृतकों के परिवारों को 2.36 करोड़
- 318 मकान मालिकों को 15.69 लाख
- पशु हानि पर 2.55 लाख
- अब तक 2450 राशन किटों का वितरण
स्वास्थ्य और सफाई पर फोकस
375 मेडिकल टीमें डोर-टू-डोर कैंपेन चला रही हैं। 36 गांवों में एंटी-लार्वा स्प्रे हो चुका है और लगातार फॉगिंग से संक्रामक रोगों पर रोकथाम की कोशिश की जा रही है।
👉 ये रिपोर्ट सिर्फ आँकड़े नहीं, बल्कि बिजनौर के हजारों परिवारों की कहानी है, जो बारिश और बाढ़ से लड़ रहे हैं और राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।











