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बाराबंकी लाठीचार्ज कांड: CM योगी की सख्त कार्रवाई, CO सिटी हटाए गए, IG जांच करेंगे, डिग्री वैधता पर शाम तक रिपोर्ट

बाराबंकी लाठीचार्ज कांड: CM योगी की सख्त कार्रवाई, CO सिटी हटाए गए, IG जांच करेंगे, डिग्री वैधता पर शाम तक रिपोर्ट
फाइल फोटो सीएम योगी आदित्यनाथ
 क्या है पूरा मामला ?

बाराबंकी जिले के श्री राम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी (SRMU) में पढ़ने वाले एलएलबी के छात्रों ने आरोप लगाया कि उनकी डिग्री की बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता (Approval) नहीं है।
छात्रों ने जब इस पर आवाज उठाई तो मामला बढ़ता गया और ABVP कार्यकर्ता भी छात्रों के समर्थन में आ गए।
स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।

  • इस लाठीचार्ज में छात्र और कार्यकर्ता घायल हुए।
  • वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला गरमा गया।
  • प्रशासनिक स्तर पर यह प्रश्न खड़ा हुआ कि आखिर शिक्षा संस्थान बिना वैधता छात्रों से दाखिला क्यों ले रहा था?
 CM योगी की नाराजगी और तत्काल एक्शन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाया।

CM के आदेश:
  • CO सिटी हर्षित चौहान को तुरंत हटाया गया (निलंबन/स्थानांतरण आदेश)।
  • नगर कोतवाल और गदिया चौकी इंचार्ज को भी लाइन हाजिर किया गया।
  • IG अयोध्या रेंज को पूरी घटना की जांच सौंपी गई।
  • मंडलायुक्त अयोध्या को आदेश: विश्वविद्यालय की एलएलबी डिग्री की वैधता की जांच करें और आज शाम तक रिपोर्ट सौंपें।

👉 यह आदेश दिखाता है कि मुख्यमंत्री ने न केवल पुलिस कार्रवाई को गलत माना, बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा संस्थान की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े किए।

 विवाद की जड़: डिग्री की वैधता पर सवाल
  • छात्रों का आरोप है कि SRMU ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) से बिना मान्यता एलएलबी कोर्स शुरू कर दिया।
  • इससे हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया।
  • यदि यह आरोप सही साबित होता है, तो विश्वविद्यालय प्रशासन पर धोखाधड़ी और ग़लत दाखिले का केस बन सकता है।

📍 इसी वजह से CM ने मंडलायुक्त से आज शाम तक वैधता रिपोर्ट मांगी है।

 लाठीचार्ज की घटना — छात्रों के लिए सदमे जैसा
  • प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया।
  • कई छात्र-छात्राएँ और ABVP कार्यकर्ता घायल हुए।
  • सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुलिस की जबरदस्त मारपीट साफ दिखाई दी।

⚠️ घटना ने छात्र संगठनों और अभिभावकों में गुस्सा भर दिया।
ABVP ने इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश करार दिया।

 राजनीतिक असर
  • यह मामला अब केवल विश्वविद्यालय और पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा।
  • विपक्षी दल इसे छात्र विरोधी रवैया बताकर सरकार पर निशाना साध रहे हैं।
  • वहीं ABVP (RSS से जुड़ा छात्र संगठन) भी खुलकर विरोध में उतर आया है, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ना तय है।
 सरकार का संदेश 

योगी सरकार ने इस मामले में डबल एक्शन प्लान अपनाया है:

  1. पुलिस को जवाबदेह ठहराना
    • CO और थानेदार स्तर तक की कार्रवाई से साफ संदेश दिया गया कि
      • “छात्रों पर अकारण बल प्रयोग बर्दाश्त नहीं।”
  2. विश्वविद्यालय की जवाबदेही तय करना
    • अगर डिग्री फर्जी या अमान्य निकली, तो विश्वविद्यालय प्रशासन पर कठोर कार्रवाई होगी।
    • इससे अन्य संस्थानों को भी चेतावनी मिलेगी कि बिना वैधता के दाखिला लेना अपराध है।
 आगे क्या? (भविष्य की दिशा)
  • IG जांच रिपोर्ट तय करेगी कि पुलिस पर क्या कार्रवाई और होगी।
  • मंडलायुक्त की रिपोर्ट से साफ होगा कि विश्वविद्यालय की डिग्री मान्य है या नहीं।
  • यदि अमान्यता सिद्ध हुई तो छात्रों को वैकल्पिक समाधान देना सरकार की जिम्मेदारी होगी।
  • राजनीतिक रूप से, ABVP का विरोध सरकार के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
 फास्ट हाइलाइटर (Bullet Points)
  • बाराबंकी SRMU में छात्रों और ABVP कार्यकर्ताओं पर पुलिस लाठीचार्ज।
  • डिग्री मान्यता को लेकर छात्रों का प्रदर्शन, विवाद की जड़।
  • CM योगी की नाराजगी:
    • CO सिटी हटाए गए, कोतवाल-चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर।
    • IG जांच करेंगे घटना की।
    • मंडलायुक्त अयोध्या को शाम तक रिपोर्ट देने का आदेश।
  • ABVP और विपक्ष का आक्रोश — मामला राजनीतिक रंग ले रहा है।
  • छात्रों के भविष्य और शिक्षा संस्थान की वैधता पर बड़ा सवाल।

बाराबंकी की घटना सिर्फ लाठीचार्ज या प्रशासनिक चूक का मामला नहीं है। यह शिक्षा की गुणवत्ता, संस्थानों की जवाबदेही और छात्रों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है।
मुख्यमंत्री योगी की फौरन कार्रवाई यह संदेश देती है कि सरकार छात्रों के साथ खड़ी है और न तो पुलिसिया दमन बर्दाश्त होगा और न ही फर्जी डिग्री से खिलवाड़।

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