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“वोट चोरी कांग्रेस की परंपरा”, नेहरू से लेकर वाराणसी तक का राजभर का आरोप

“वोट चोरी कांग्रेस की परंपरा”, नेहरू से लेकर वाराणसी तक का राजभर का आरोप 

“राहुल गांधी की भाषा बौखलाहट की निशानी” – पीएम मोदी की मां और आरएसएस पर अपशब्दों का मुद्दा गर्माया
🔹 “अखिलेश यादव मुसलमानों के दबाव में गए बिहार” – राजभर का करारा तंज
🔹 “राहुल-तेजस्वी-अखिलेश रथ पर सवार, लेकिन भाजपा की सरकार बनवाएंगे” – राजभर की भविष्यवाणी
🔹 विपक्षी गठबंधन पर सीधा वार: कांग्रेस और सहयोगियों की साख पर उठे सवाल
🔹 वाराणसी से उठी गूंज: यूपी-बिहार की राजनीति में नए समीकरण के संकेत

वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस और विपक्षी नेताओं पर जमकर हमला बोला।

  • राहुल गांधी के बिहार में लगाए गए “वोट चोरी” आरोप पर राजभर ने पलटवार करते हुए कहा –
    • “पहली बार वोट चोरी कांग्रेस के पंडित नेहरू ने किया था।”
    • “दूसरी बार बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को हराने में कांग्रेस ने वोट चोरी की।”
    • “तीसरी बार वाराणसी में मत पेटी को गंगा जी में फेंककर यह कृत्य किया गया।”

👉 राजभर का कहना है कि कांग्रेस का वोट चोरी का इतिहास रहा है, और आज राहुल गांधी का यह बयान केवल हताशा और निराशा से उपजा हुआ है।

भाषा पर भी हमला: “बौखलाहट में अपशब्दों का सहारा”

  • राजभर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को गाली दी गई और आरएसएस को अपशब्द कहे गए।
  • उन्होंने कहा कि यह विपक्ष की बौखलाहट का परिणाम है और जनता ऐसे शब्दों को स्वीकार नहीं करेगी।

 अखिलेश पर तंज: “मुसलमानों के दबाव में गए बिहार”

  • बिहार में अखिलेश यादव के शामिल होने पर भी राजभर ने सवाल उठाए।
  • उन्होंने कहा –
    • “मध्य प्रदेश में कांग्रेस को धोखेबाज कहने वाले अखिलेश अब मुसलमानों के दबाव में बिहार यात्रा कर रहे हैं।”
    • “राहुल, तेजस्वी और अखिलेश तीनों रथ पर सवार होकर बिहार में भाजपा की सरकार ही बनवा देंगे।”

 विश्लेषणात्मक नज़रिया:

  1. रणनीतिक हमला: राजभर के बयान सीधे-सीधे राहुल गांधी, कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं।
  2. भाषाई राजनीति: राहुल गांधी की भाषा और मंच पर दिए गए अपशब्दों का मुद्दा उठाकर भाजपा समर्थक वोटरों को साधने की कोशिश।
  3. मुस्लिम फैक्टर: अखिलेश यादव पर “मुसलमानों के दबाव” का आरोप लगाकर विपक्षी एकजुटता में दरार दिखाने की रणनीति।
  4. इतिहास की गूंज: नेहरू और अंबेडकर के दौर की घटनाओं का उल्लेख करके कांग्रेस की ऐतिहासिक छवि पर चोट।

 निचोड़:

ओम प्रकाश राजभर का यह बयान न सिर्फ राहुल गांधी बल्कि पूरे विपक्षी गठबंधन पर सीधा हमला है।                                     👉 वाराणसी से उठी यह सियासी गूंज साफ इशारा करती है कि उत्तर प्रदेश और बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में “भाषा, वोट चोरी और गठबंधन की मजबूरी” बड़े मुद्दे बनने जा रहे हैं।

 

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