पंचायत राज सफाई कर्मी संघ का बड़ा पत्राचार
मुरादाबाद मंडल के जिलों में एसीपी और बकाया वेतन को लेकर उठे सवाल
खास बातें
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बिजनौर, रामपुर, मुरादाबाद में द्वितीय एसीपी लागू, लेकिन संभल और अमरोहा अब भी वंचित
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200 से अधिक कर्मचारियों का एसीपी लाभ मिलने के बावजूद एरियर भुगतान अटका
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जनवरी 2026 तक सभी जिलों में एसीपी लागू करने की मांग
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कर्मचारियों के रुके वेतन व एरियर निकालने को लेकर चेतावनी
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संघ ने समाधान न मिलने पर आंदोलन की दी अप्रत्यक्ष चेतावनी
क्या है पूरा मामला?
पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ, मुरादाबाद मंडल ने उपनिदेशक (पंचायत) मुरादाबाद मंडल को ज्ञापन सौंपा है। इसमें मंडल के पांचों जिलों—बिजनौर, रामपुर, मुरादाबाद, संभल और अमरोहा—के कर्मचारियों की समस्याओं को विस्तार से रखा गया है।
जिलों की स्थिति
- बिजनौर, रामपुर, मुरादाबाद
- यहां द्वितीय एसीपी लागू हो चुकी है।
- लेकिन एसीपी का एरियर और भुगतान अटका हुआ है।
- संभल और अमरोहा
- अभी तक द्वितीय एसीपी लागू ही नहीं हुई।
- कर्मचारियों में भारी रोष, त्वरित कार्यवाही की मांग।
वेतन और एरियर का मुद्दा
- बिजनौर जिले में विभागीय आदेश के बावजूद 200 से अधिक कर्मचारियों को एसीपी लाभ का एरियर नहीं दिया गया।
- नियमित वेतन भी कई बार समय पर नहीं मिल रहा।
- संघ ने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
संघ की प्रमुख मांगें
- सभी जिलों में जनवरी 2026 तक एसीपी लागू की जाए।
- रुके हुए वेतन और एरियर का भुगतान तत्काल कराया जाए।
- वरिष्ठता सूची भेजकर लंबित प्रमोशन प्रक्रिया शुरू की जाए।
- संघ पदाधिकारियों की समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित हो।
संभावित असर
यदि समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ तो सफाई कर्मियों में असंतोष और बढ़ सकता है। इससे पंचायत स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
संघ का रुख
संघ का कहना है कि—
“हमारी मांगें जायज़ हैं और इन्हें तुरंत सुना जाना चाहिए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाना मजबूरी होगी।”
यह पत्राचार स्पष्ट करता है कि मुरादाबाद मंडल के सफाई कर्मी वेतन और प्रमोशन से जुड़ी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं।
सरकार और प्रशासन को तुरंत पहल करनी होगी, वरना आने वाले महीनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।












