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नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम बिजनौर : अफवाहों के बीच हकीकत, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित, खिलाड़ियों का गौरव

नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम बिजनौर : अफवाहों के बीच हकीकत, आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित, खिलाड़ियों का गौरव

 सोशल मीडिया बनाम ग्राउंड रिपोर्ट

हाल ही में सोशल मीडिया पर नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम, बिजनौर की अव्यवस्था संबंधी वीडियो वायरल हुए। इनमें सुविधाओं की कमी और लापरवाही की बातें सामने आईं। लेकिन हकीकत इससे अलग है। जिला प्रशासन और खेल विभाग का दावा है कि स्टेडियम को आधुनिक खेल सुविधाओं से लैस किया गया है और यहाँ से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं।

स्टेडियम की प्रमुख सुविधाएँ

 

  • आधुनिक जिम : प्रशिक्षक आदित्य सिंह की देखरेख में खिलाड़ी फिटनेस पर काम कर रहे हैं।
  • स्केटिंग रिंक : प्रदेश के टॉप-3 रिंक में शुमार, शुभम तोमर जैसे अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षक उपलब्ध। यहीं से वैष्णवी शर्मा, श्रेया व आकृति जैसी खिलाड़ी निकलीं।
  • बैडमिन्टन : वायरल वीडियो में कोच की कमी बताई गई, जबकि वर्तमान में शबाब आलम की तैनाती है। एक कोर्ट पर सिंथेटिक मैट भी बिछाया गया है।
  • एथलेटिक्स : खिलाड़ियों द्वारा प्रतिबंधित साधनों के उपयोग पर जिला प्रशासन ने जांच समिति गठित कर दी है।
  • ग्राउंड व रनिंग ट्रैक : दो माह की बारिश से घास कटाई और ट्रैक मरम्मत कार्य प्रभावित। खिलाड़ियों ने प्रतियोगिताओं के चलते मरम्मत कुछ समय बाद कराने का अनुरोध किया।

 लंबित मांगें, कुश्ती, वॉलीबॉल, क्रिकेट और फुटबॉल

  • कुश्ती : प्रशिक्षक की नियुक्ति के लिए कई बार खेल निदेशालय को पत्र भेजा जा चुका है।
  • वॉलीबॉल, क्रिकेट और फुटबॉल : प्रशिक्षकों की तैनाती की मांग लंबित है। जिला क्रीड़ाधिकारी कार्यालय लगातार प्रयासरत है।

 विशेष उपलब्धियाँ

  • क्याकिंग–कैनोइंग सेंटर : पश्चिमी यूपी का पहला केंद्र, श्री फिरोज खान प्रशिक्षक के रूप में तैनात।
  • आधुनिक शूटिंग रेंज : प्रदेश की टॉप-3 वातानुकूलित शूटिंग रेंज, प्रशिक्षक सादिक अनीस द्वारा संचालित।
  • लॉन टेनिस कोर्ट : जीर्णोद्धार कर सिंथेटिक कोर्ट में परिवर्तित।
  • तरणताल (स्विमिंग पूल) : 34 साल बाद टाइल्स का पूर्ण नवीनीकरण।

 प्रशासन का पक्ष

  • राजकुमार, जिला क्रीड़ाधिकारी : “सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक खबरें असत्य हैं। स्टेडियम में उच्चस्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध हैं और खिलाड़ियों की सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
  • चित्रा चौहान, हॉकी प्रशिक्षक : “यहाँ से निकलने वाले खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।”
  • शुभम तोमर, स्केटिंग प्रशिक्षक : “बिजनौर का रिंक प्रदेश के टॉप-3 में है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी यहीं से निकले हैं।”
  • विशाल कुमार, वेटलिफ्टिंग प्रशिक्षक : “प्रतिबंधित साधनों का प्रयोग पूरी तरह गलत है। खिलाड़ियों को मेहनत और अनुशासन से सफलता की राह दिखा रहे हैं।”

 विश्लेषण : अफवाहों से बड़ी है हकीकत

  • सोशल मीडिया की भ्रामक खबरों से अलग, स्टेडियम में निरंतर सुविधाएँ बढ़ रही हैं।
  • खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग उपलब्ध है।
  • कुछ खेलों में प्रशिक्षकों की कमी अब भी चुनौती बनी हुई है।
  • वर्षा और नाले की समस्या अस्थायी है, जिसे प्रशासन हल करने में जुटा है।

नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम बिजनौर सिर्फ एक खेल मैदान नहीं, बल्कि जिले के खिलाड़ियों की नई पहचान और खेलों का उभरता केंद्र है। जहाँ एक ओर आधुनिक सुविधाएँ खिलाड़ियों को तैयार कर रही हैं, वहीं प्रशासन और खेल विभाग लगातार कमियों को दूर करने के प्रयास में जुटे हैं।

👉 सवाल यही है कि क्या सोशल मीडिया की अफवाहें इस हकीकत को दबा पाएंगी, या फिर खिलाड़ी अपनी उपलब्धियों से जिले का नाम रोशन करते रहेंगे?

 

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