यूपी बनेगा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल सेंटर: सीएम योगी की बड़ी घोषणा
50 बिलियन डॉलर उत्पादन और 10 लाख रोजगार का लक्ष्य, लागू होगी नई इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025
हाइलाइट्स
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यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी-2025 को जल्द मिलेगी मंजूरी
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50 बिलियन डॉलर के उत्पादन और 10 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य
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मोबाइल उत्पादन में 60% हिस्सेदारी वाला यूपी अब बनेगा वैश्विक हब
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2023-24 में यूपी से हुआ 37 हजार करोड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर निर्यात
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केंद्र की ECMS स्कीम पर यूपी देगा टॉप-अप इंसेंटिव, निवेशकों को बड़ा लाभ
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जेवर एयरपोर्ट और DMIC से मज़बूत होगी यूपी की ग्लोबल सप्लाई चेन कनेक्टिविटी
सीएम योगी का विज़न: यूपी की पहचान बनेगी ‘इलेक्ट्रॉनिक्स हब’
लखनऊ में हुई उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केन्द्र (Global Hub) बनाना है। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025 को तेजी से लागू किया जाएगा।
सीएम योगी ने कहा—
“भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है और इसमें उत्तर प्रदेश की 60% हिस्सेदारी है। अब समय है कि यूपी इस क्षेत्र में वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान बनाए।”
पिछले 8 वर्षों की छलांग: उद्योग से निर्यात तक
- 2014-15 में देशभर में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन सिर्फ ₹1.9 लाख करोड़ था
- 2024-25 तक यह बढ़कर ₹11.3 लाख करोड़ पर पहुँच गया
- मोबाइल उत्पादन ₹18,000 करोड़ से बढ़कर ₹5.45 लाख करोड़
- मोबाइल निर्यात ₹1,500 करोड़ से छलांग लगाकर ₹2 लाख करोड़
- यूपी से अकेले 2023-24 में ₹37,000 करोड़ का इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर निर्यात
यह आँकड़े बताते हैं कि यूपी मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत का अहम स्तंभ बन चुका है।
नीति-2025: निवेशकों और युवाओं के लिए सुनहरा अवसर
नई नीति के तहत—
- ✅ 50 बिलियन डॉलर का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लक्ष्य
- ✅ 10 लाख रोजगार का सृजन (प्रत्यक्ष + अप्रत्यक्ष)
- ✅ केंद्र सरकार की ECMS स्कीम पर यूपी का टॉप-अप इंसेंटिव
- ✅ निवेशकों को पूंजीगत सब्सिडी, बिजली शुल्क छूट, ब्याज अनुदान
- ✅ स्टाम्प शुल्क में राहत और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट
- ✅ युवाओं को स्किल डेवलपमेंट से जोड़कर रोजगार के अवसर
नोएडा-ग्रेटर नोएडा: बनेगा ‘सिलिकॉन वैली ऑफ नॉर्थ इंडिया’
- नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर को मिलेगा और मजबूती
- जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) से यूपी को वैश्विक सप्लाई चेन में रणनीतिक बढ़त
- अनुसंधान एवं विकास (R&D), इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा
क्यों यूपी के लिए अहम है यह नीति?
- यूपी की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर लक्ष्य की ओर ले जाएगी
- फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) को आकर्षित करेगी
- आयात निर्भरता घटेगी, घरेलू वैल्यू एडिशन बढ़ेगा
- विदेशी मुद्रा की बचत और निर्यात से आय में वृद्धि
- युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार एवं स्किल डेवलपमेंट
उत्तर प्रदेश की इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025 न केवल औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिखेगी, बल्कि राज्य को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेंटर बनाने की दिशा में ठोस कदम साबित होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल यूपी को भारत के औद्योगिक मानचित्र पर नई ऊँचाई देगी और आने वाले वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व गति मिलेगी।













