नोएडा में साइबर सुरक्षा पर बड़ी कार्यशाला: डिजिटल ठगी रोकने को पुलिस और नागरिक साथ
मुख्य आकर्षण
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नोएडा पुलिस कमिश्नरेट व उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस का संयुक्त आयोजन
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कार्यशाला का शुभारंभ एडीजी डॉ. जी.के. गोस्वामी ने किया, साइबर अपराध को बताया राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती
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बैंकिंग धोखाधड़ी, डाटा चोरी, महिलाओं-बच्चों से जुड़े ऑनलाइन अपराधों पर गहन चर्चा
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कार्यशाला में 500 से अधिक पुलिस कर्मियों, साइबर विशेषज्ञों, व्यापारी प्रतिनिधियों व आम नागरिकों ने भाग लिया
डिजिटल युग की सबसे बड़ी चुनौती: साइबर अपराध
नोएडा पुलिस आयुक्त कार्यालय, सेक्टर-108 में शुक्रवार (22 अगस्त 2025) को “साइबर अपराध की रोकथाम एवं उपचार” विषय पर भव्य कार्यशाला आयोजित हुई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर आयोजित इस कार्यक्रम की अगुवाई पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर, श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने की।
मुख्य वक्ता एडीजी डॉ. जी.के. गोस्वामी ने कहा—
“इंटरनेट ठगी, बैंकिंग धोखाधड़ी, डाटा चोरी और महिलाओं-बच्चों से जुड़े ऑनलाइन अपराध न केवल समाज बल्कि अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बड़ी चुनौती हैं। नागरिकों को साइबर सुरक्षा की तकनीकी जानकारी और व्यवहारिक प्रशिक्षण देना अब समय की मांग है।”
कार्यशाला की खास बातें
- स्थान: पुलिस आयुक्त कार्यालय, सेक्टर-108, नोएडा
- मुख्य वक्ता: एडीजी डॉ. जी.के. गोस्वामी (निदेशक, यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस)
- प्रतिभागी:
- नोएडा कमिश्नरेट पुलिस
- साइबर अपराध के पीड़ित
- व्यापारी मंडल प्रतिनिधि
- स्थानीय नागरिक
- विषय केंद्रित:
- इंटरनेट ठगी और बैंकिंग धोखाधड़ी
- डाटा चोरी व ऑनलाइन फ्रॉड
- महिलाओं व बच्चों से जुड़े साइबर अपराध
- अपराध की विवेचना और कानूनी उपचार
नोएडा पुलिस की साइबर सुरक्षा रणनीति
- समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं
- स्कूल-कॉलेज, बाजार और आवासीय सोसायटी में साइबर सुरक्षा वर्कशॉप्स आयोजित की जा रही हैं
- पुलिस कर्मियों को लगातार अपडेटेड ट्रेनिंग दी जा रही है
- साइबर अपराध पीड़ितों को तत्काल कानूनी व तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति
इस कार्यशाला में उच्चाधिकारियों की प्रभावी मौजूदगी रही:
- श्री अजय कुमार (अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय)
- श्रीमती प्रीति यादव (डीसीपी साइबर)
- डॉ. प्रवीण रंजन सिंह (डीसीपी मुख्यालय)
- डॉ. शैलेन्द्र कुमार चितपुतकर, डॉ. पवन शर्मा (साइबर विशेषज्ञ)
- श्री आर.के. गौतम (एडीसीपी मुख्यालय)
- श्रीमती मनीषा सिंह (एडीसीपी महिला सुरक्षा)
- श्री विवेक रंजन राय (एसीपी साइबर)
- साथ ही 500 से अधिक पुलिस कर्मियों की सक्रिय भागीदारी
निष्कर्ष
नोएडा पुलिस और साइबर विशेषज्ञों की यह पहल स्पष्ट करती है कि आने वाले समय में साइबर अपराध रोकथाम पुलिस व्यवस्था का प्राथमिक एजेंडा बनने जा रहा है।
नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और पुलिस की निरंतर ट्रेनिंग ही डिजिटल ठगी के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार साबित होगी।











