DM की एंट्री से टूटा गतिरोध, BKU ने धरना खत्म किया, 15 दिन में फिर आमने-सामने होगी वार्ता

बिजनौर। दो दिन से कलेक्ट्रेट में चल रहा भारतीय किसान यूनियन (BKU) का धरना आखिरकार जिलाधिकारी जसमीत कौर की मौजूदगी में खत्म हो गया। कई मांगों पर तुरंत कार्रवाई और बाकी पर 15 दिन में निर्णायक बैठक के वादे ने किसानों को मानने पर मजबूर कर दिया।
धरना ड्रामा, शुरुआत से अंत तक
- पहले दिन का झटका:
महात्मा विदुर सभागार में वार्ता में DM के न आने पर जिला अध्यक्ष सुनील प्रधान ने बातचीत से इनकार कर दिया था। किसानों ने ऐलान कर दिया – “सक्षम अफसर नहीं, तो वार्ता नहीं!” - दूसरे दिन का टर्निंग प्वाइंट:
आज दोपहर बाद DM खुद धरना स्थल पर आईं और किसानों को कलेक्ट्रेट में बुलाकर आमने-सामने बैठाया। - फुल हाउस मीटिंग:
ADM, DFO, रेंजर, बिजली विभाग, चकबंदी, गन्ना, PWD, कोऑपरेटिव और पुलिस समेत सभी बड़े अफसर टेबल पर मौजूद रहे।
क्या मिला किसानों को
- कई मुद्दों पर मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया शुरू।
- बाकी समस्याओं पर 15 दिन में निर्णायक वार्ता का आश्वासन।
- प्रशासन ने कहा – “हर विभाग के जिम्मेदार अफसर होंगे मौजूद।”
किसानों का प्रतिनिधिमंडल
सुनील प्रधान (जिला अध्यक्ष), मनप्रीत सिंह (युवा जिला अध्यक्ष), रामावतार सिंह, कुलदीप सिंह, बाबूराम तोमर, दिनेश कुमार, कवराज सिंह, देवदत्त शर्मा, कोमन सिंह, प्रमोद कुमार, जितेंद्र सिंह, कर्मेंद्र सिंह, आशु चौधरी समेत भारी भीड़।
अधिकारियों का पैनल
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DM – जसमीत कौर
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ADM – वन्य सिंह
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DFO व रेंजर, वन विभाग
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बिजली विभाग अभियंता
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SDM सदर नितिन
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गन्ना विभाग DCO
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PWD अधीक्षण अभियंता
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CEO संग्राम सिंह
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सहायक पुलिस अधीक्षक
किसानों का मैसेज
“बातचीत तभी होगी, जब सामने फैसले लेने वाला होगा।” – सुनील प्रधान











