“लाल किले पर ‘लखपति दीदियों’ का जलवा” यूपी की 14 ग्रामीण महिलाएं बनेंगी स्वतंत्रता दिवस के साक्षी

मुख्य बिंदु :
- यूपी की महिला शक्ति का लाल किले पर परचम – उत्तर प्रदेश की 14 लाखपति दीदियां 15 अगस्त को लाल किले पर ध्वजारोहण समारोह का प्रत्यक्ष साक्षी बनेंगी।
- नारीवाद का उदाहरण – सभी दीदियां राष्ट्रीय ग्रामीण सरकारी मिशन के अंतर्गत निर्मित स्वयं सहायता विचारधारा से जुड़े सफल व्यक्तित्व हैं।
- केशव प्रसाद मौर्य की पहली – उप मुख्यमंत्री ने नासिक से बस को हरी बस्ती दीदियों को नई दिल्ली छोड़ दिया, पति या सहयोगी भी साथ।
- सम्मान व संवाद -अग्रणी से पहले उप मुख्यमंत्री ने सम्मान पत्र व अंगवस्त्र हस्ताक्षर किया, अनुभव साझा किया और ध्वजारोहण भी किया।
- प्रधानमंत्री को साभार – लाल किले पर संदेश के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया गया।
- विशेष प्रतिनिधि के साथ -राज्य ग्रामीण उद्योग मिशन के दो अधिकारी दीदियों की यात्रा एवं स्थिरता की व्यवस्था को देखते हुए।
- 14 अगस्त का दिल्ली टूर – स्वतंत्रता दिवस से पहले इन दीदियों का विशेष पर्यटन कार्यक्रम भी तय करें।
- गाँव से देश के मंच तक – यह भागीदारी महिला उद्यमिता, समूह शक्ति और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है।
कौन-कौन हैं ‘लाखपति बहनें’? (जनपदवार सूची)
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सीमा – ममता जौहरी
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जापानी – निशा देवी
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सुल्तानपुर – ललिता मौर्य
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रेनू देवी – रेनु देवी
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प्रभात खेड़ी – उमा देवी, रुचि वर्मा, हिरोइन देवी
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बाज़ार – कांति देवी, लक्ष्मी देवी
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मिर्ज़ापुर – शशिबाला सोनकर, राखी कृष्णा सिंह
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संत कबीर नगर -विन्द्रावती देवी, संतोषी देवी
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सोनभद्र – सोनभद्र देवी
यह प्रथम महिला उद्यमिता को राष्ट्रीय पहचान बनाने का एक मजबूत उदाहरण है । रेड फ़ोर्ट का कथन केवल व्यक्तिगत सफलता का प्रतीक नहीं है, बल्कि लाखों ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो छोटे-छोटे समुदाय से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना चाह रहे हैं। यह कदम यूपी सरकार के ग्रामीण इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन के प्रति उत्पाद और नारी शक्ति को खत्म करने की दिशा में एक ठोस संदेश भी देता है।











