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धामपुर में किसानों की हुंकार, बाढ़ राहत में भ्रष्टाचार के आरोप, 13 अगस्त को बिजनौर कूच तय

 धामपुर में किसानों की हुंकार, बाढ़ राहत में भ्रष्टाचार के आरोप, 13 अगस्त को बिजनौर कूच तय

BIJNOR. धामपुर क्षेत्र के ग्राम गजुपुरा और अजीतपुर में किसानों की बैठकों में बाढ़ से तबाह फसलों, प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के मुद्दे गरमाए रहे। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने साफ कहा — “अगर समय रहते तैयारी और पारदर्शी खर्च होता, तो किसान इस हालत में न होते।”

 बैठक के अहम बिंदु

  • गजुपुरा बैठक: ब्लॉक अध्यक्ष अशोक कुमार की अध्यक्षता, संचालन कविराज सिंह ने किया।

  • अजीतपुर बैठक: नेतृत्व कर्मवीर सिंह ने संभाला।

  • मुख्य अतिथि: जिलाध्यक्ष सुनील प्रधान, युवा जिलाध्यक्ष सरदार मनप्रीत सिंह, प्रदेश महासचिव ठाकुर रामौतार सिंह।

  • ग्रामीणों ने नेताओं का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

 किसानों के आरोप और मांगें

  • जिले में कई जगह बाढ़ जैसे हालात, खेत जलमग्न और गांव पानी में घिरे।
  • लोग छतों पर बैठकर राहतकर्मियों का इंतजार कर रहे, लेकिन प्रभावी राहत नहीं पहुंची
  • बाढ़ प्रबंधन के लिए आने वाला ज्यादातर फंड “बंदरबांट” में खत्म हो जाता है।
  • वर्षाकाल से पहले योजना और धन का सही इस्तेमाल हो, तो आपदा से बचा जा सकता है।
  • प्रशासन से फसलों व अन्य नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग।

 आंदोलन की चेतावनी

  • 13 अगस्त को बिजनौर में ट्रैक्टर मार्च और धरना प्रदर्शन का आह्वान।

  • किसानों से अपील — “अधिकतम संख्या में ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे।”

टीका-टिप्पणी व विश्लेषण

किसानों का यह आक्रोश सिर्फ बाढ़ की तबाही तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक तंत्र की संरचनात्मक खामियों पर भी सीधा सवाल है।

  • बाढ़ राहत फंड में भ्रष्टाचार का मुद्दा नया नहीं है, लेकिन इस बार किसानों की नाराज़गी चुनावी मौसम से पहले एक राजनीतिक दबाव के रूप में उभर रही है।
  • भाकियू का ट्रैक्टर मार्च न केवल बाढ़ पीड़ित किसानों की आवाज़ बुलंद करेगा, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की साख की परीक्षा भी बनेगा।
  • अगर प्रशासन ने पारदर्शी व समयबद्ध राहत योजना नहीं बनाई, तो यह आंदोलन लंबे धरने में भी बदल सकता है।
  • इस तरह की स्थितियां यह भी दर्शाती हैं कि आपदा प्रबंधन को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लागू करने की जरूरत है — वरना हर मानसून में यही हालात दोहराए जाएंगे।

 बैठक में मौजूद प्रमुख किसान

मास्टर विजयपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, अमरपाल सिंह, जितेंद्र सिंह, देवराज सिंह, शुभम चौधरी, आकाश चौधरी, सौरव काकरान, राजेंद्र सिंह प्रधान, इन्द्रवीर सिंह, अजय सिंह, हमीद प्रधान, रामकुमार सिंह, हरिराज सिंह, ठाकुर महिपाल सिंह, योगेंद्र पाल सिंह, रिंकू चौहान, तारा सिंह, अमित कुमार, विशाल डबास, हिमांशु कुमार, धर्मपाल सिंह, अनूप चौहान आदि।

 

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