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 UP कैबिनेट मीटिंग: शिक्षा, उद्योग, प्रशासन और निवेश से जुड़े कई बड़े फैसले |

 UP कैबिनेट मीटिंग: शिक्षा, उद्योग, प्रशासन और निवेश से जुड़े कई बड़े फैसले |

 लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 07 अगस्त को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई दूरगामी एवं प्रभावशाली निर्णय लिए। इन फैसलों से राज्य में शिक्षा, उद्योग, प्रशासनिक दक्षता, निवेश और रोजगार को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

🔹 मुख्य निर्णयों पर एक नजर:

‘अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग छात्रवृत्ति योजना’ को मंजूरी

UK सरकार के सहयोग से शुरू होगी छात्रवृत्ति योजना।

2025-26 से प्रारंभ होकर तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगी।

हर साल 5 छात्रों को UK में मास्टर्स के लिए भेजा जाएगा।

ट्यूशन फीस, रिसर्च शुल्क, रहने-खाने का खर्च और फ्लाइट किराया होगा शामिल।

चयन प्रक्रिया राज्य सरकार और FCDO UK के बीच एमओयू के तहत तय होगी।

MSME औद्योगिक आस्थान नीति 2025 का अनुमोदन

औद्योगिक शेड/भूमियों का ई-ऑक्शन के माध्यम से आवंटन।

रिजर्व प्राइस – पश्चिमांचल: ₹3000/म², मध्यांचल: ₹2500/म², पूर्वांचल/बुंदेलखंड: ₹2000/म²।

हर साल दरों में 5% की वार्षिक वृद्धि।

एससी/एसटी के लिए 10% आरक्षण।

लीज/रेन्ट जमा न करने पर 18% पेनल्टी लागू होगी।

ग्रामीण आबादी अभिलेख विधेयक-2025 को हरी झंडी

स्वामित्व योजना के अंतर्गत घरौनी रिकॉर्ड्स को विधिक मान्यता।

उत्तराधिकार, विक्रय, वसीयत इत्यादि के आधार पर नामांतरण का प्रावधान।

राजस्व निरीक्षक एवं तहसीलदार को अधिकृत किया गया।

अब तक 1 करोड़ से अधिक घरौनियों का वितरण।

फुटवियर, लेदर व नॉन-लेदर नीति 2025

वैश्विक बाजार को ध्यान में रखकर निर्यात में वृद्धि का लक्ष्य।

नए निवेशकों को मिलेगा प्रोत्साहन और सब्सिडी।

तकनीकी अपग्रेडेशन, उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार पर फोकस।

कुशल श्रमिक तैयार करने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू होंगे।

नगर निगमों में विज्ञापन लाइसेंस की अवधि बढ़ी

UP Nagar Nigam Act 1959 की धारा 305(1) में संशोधन।

विज्ञापन अनुज्ञा की अवधि 2 वर्षों से बढ़ाकर 15 वर्ष की गई।

लंबी अवधि से राजस्व स्थिरता और तकनीकी नवाचार को मिलेगा बढ़ावा।

नियमावली 2025 के अनुसार नई प्रणाली लागू होगी।

KGMU लखनऊ अधिनियम में संशोधन को मंजूरी

अनुसूचित जाति/जनजाति एवं ओबीसी वर्ग के प्रोफेसरों को वर्किंग काउंसिल में प्रतिनिधित्व मिलेगा।

धारा 24(1)(A) अंतर्गत संशोधन राज्य विधानसभा में प्रस्तुत होगा।

निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को मिली हरी झंडी:

1. वेदांता विश्वविद्यालय, मुजफ्फरनगर

ग्राम हुसैनपुर बोपाडा में 23.33 एकड़ में प्रस्तावित।

प्रायोजक संस्था को ‘फतेह चंद चैरिटेबल ट्रस्ट’ नाम से अनुमोदन।

2. के.डी. विश्वविद्यालय, मथुरा

ग्राम अकबरपुर, तहसील छाता में 50.54 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित।

चतुर्थ संशोधन अध्यादेश 2025 लाकर अधिनियम में संशोधन होगा।

3. बोधिसत्व विश्वविद्यालय, बाराबंकी

ग्राम गदिया, देवा तहसील में 25.31 एकड़ भूमि में प्रस्तावित।

तृतीय संशोधन अध्यादेश 2025 के माध्यम से स्थापना प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

विश्लेषणात्मक टिप्पणी:

✅ इस कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय न केवल शिक्षा और उद्योग के बुनियादी ढांचे को मजबूती देंगे बल्कि युवाओं को विदेशों में उच्च शिक्षा के अवसर भी उपलब्ध कराएंगे।

✅ निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता का स्तर बढ़ेगा, साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।

✅ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की प्रशासनिक पारदर्शिता को सुदृढ़ करने हेतु विधायी संशोधनों को भी प्राथमिकता दी गई।

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