Target Tv Live

आगरा बनेगा ‘आलू इनोवेशन हब’, मुख्यमंत्री योगी की पहल लाई रंग!

आगरा बनेगा ‘आलू इनोवेशन हब’, मुख्यमंत्री योगी की पहल लाई रंग!

नीरज शर्मा, कंट्री मैनेजर, भारत, (बाएं से पहले), रमन अब्रोल (बाएं से दूसरे), सुधांशु सिंह, निदेशक, आईआरआरआई (दाएं से पहले) सीआईपी, पेरू के महानिदेशक डॉ. सिमोन हेक (दाएं से दूसरे)
कंद फसलों के वैश्विक नवाचार केंद्र की नींव उत्तर प्रदेश में पड़ी
मुख्य आकर्षण बिंदु:
  • कृषि नवाचार को बढ़ावा: यूपी के आगरा में स्थापित होगा CIP का दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (CSARC) — केंद्र सरकार से 111.50 करोड़ रुपये की मंजूरी।
  • वैश्विक मान्यता की ओर कदम: यूपी को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय पहचान वाला आलू व अन्य कंद फसलों का अनुसंधान केंद्र।
  • सीएम योगी से मुलाकात: पेरू स्थित अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र (CIP) के महानिदेशक डॉ. सिमोन हेक के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने की लखनऊ में भेंट।
  • उत्तर प्रदेश – आलू का गढ़:
    • 6.96 लाख हेक्टेयर में 244 लाख मीट्रिक टन उत्पादन
    • देश के कुल उत्पादन का 35% हिस्सा यूपी से
    • सिर्फ आगरा में 76,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में होती है आलू की खेती
  • बीज और प्रोसेसिंग की कमी दूर करेगा CSARC:
    • गुणवत्तायुक्त बीजों की उपलब्धता
    • प्रोसेसिंग योग्य किस्मों पर विशेष अनुसंधान
    • निर्यात संभावनाओं का होगा विस्तार
  • सीएम योगी के सुझाव:
    • सिर्फ आलू नहीं, शकरकंद व अन्य कंद फसलों पर भी हो अनुसंधान
    • कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से प्रशिक्षण कार्य तत्काल शुरू हो
  • CSARC के कार्यक्षेत्र:
    • बीज नवाचार
    • एपिकल रूटेड कटिंग तकनीक
    • जर्मप्लाज्म संरक्षण
    • वैल्यू चेन विस्तार
    • प्रोसेसिंग उद्योग को तकनीकी सपोर्ट
  • साझेदारी का मॉडल:
    • ICAR, कृषि विश्वविद्यालय, निजी कंपनियों के साथ मिलकर कार्य
    • किसानों को विश्वस्तरीय तकनीक और प्रशिक्षण की सुविधा
  • CIP का वैश्विक अनुभव:
    • 1971 से सक्रिय, 20+ देशों में अनुसंधान
    • भारत में 50 वर्षों की उपस्थिति
    • जलवायु-अनुकूल किस्में और पोषण युक्त फसलें विकसित करने में अग्रणी

क्या बोले डॉ. सिमोन हेक?

“सीएसएआरसी यूपी को दक्षिण एशिया का आलू नवाचार केंद्र बनाएगा। यह न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कृषि प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई देगा।”

विश्लेषण: क्यों अहम है यह परियोजना?

  • किसानों की आय में इजाफा: बेहतर बीज और प्रोसेसिंग सुविधाओं से उत्पादन बढ़ेगा और आय दोगुनी हो सकेगी।
  • रोजगार के अवसर: प्रोसेसिंग यूनिट्स और अनुसंधान से जुड़े उद्योगों में नए रोजगार सृजित होंगे।
  • निर्यात को मिलेगा बल: उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।
  • उत्तर प्रदेश का ब्रांड वैल्यू बढ़ेगा: राज्य कृषि इनोवेशन के नक्शे पर अग्रणी भूमिका में आएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शिता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति-समर्थन से उत्तर प्रदेश अब केवल आलू उत्पादक राज्य नहीं, बल्कि वैश्विक कृषि नवाचार का अगुवा बनने की ओर अग्रसर है।

#AgraInnovationHub #PotatoRevolution #UPAgriculture #CIP #CMYogi #DigitalKranti #FarmersFire 

Leave a Comment

यह भी पढ़ें