अलीगढ़ मंडल में विकास की बंपर बारिश!
मुख्यमंत्री योगी ने 4 जिलों के 4,771 करोड़ के 1,248 प्रोजेक्ट्स पर कसा शिकंजा
“काम चाहिए वक्त पर, लापरवाही की अब कोई जगह नहीं!”
अलीगढ़ | 05 अगस्त 2025। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अलीगढ़ दौरा सिर्फ एक औपचारिक समीक्षा नहीं, बल्कि एक साफ संदेश था — अब फाइलें नहीं, ज़मीन पर दिखेगा विकास!
मुख्यमंत्री की मीटिंग में क्या-क्या हुआ खास? पढ़िए :
🔸 ₹4,771 करोड़ की रिकॉर्ड तोड़ योजना:
अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज — चारों जिलों में कुल 1,248 विकास कार्य होंगे। सड़कें बनेंगी, पुल जुड़ेंगे, धार्मिक स्थल सजेंगे और संपर्क मार्ग चकाचक होंगे।
🔸 15 सितम्बर से नया अध्याय शुरू:
हर नई परियोजना का भूमिपूजन जनप्रतिनिधियों के हाथों होगा। शिलापट्टों पर उनके नाम भी चमकेंगे।
🔸 परियोजनाओं में देरी? तो कार्रवाई तय!
मुख्यमंत्री ने साफ कहा — “समय, गुणवत्ता और पारदर्शिता से समझौता नहीं चलेगा।”
🔸 हर विधानसभा को मिलेगा टूरिज़्म गिफ्ट:
मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तहत हर क्षेत्र में एक धार्मिक/पर्यटन स्थल विकसित होगा। इससे रोज़गार भी मिलेगा, पहचान भी।
🔸 जनप्रतिनिधियों को खुली छूट — लेकिन ज़िम्मेदारी के साथ:
मुख्यमंत्री बोले — “जनता की ज़रूरत जानें, प्रोजेक्ट उसी हिसाब से बनाएं।”
🔸 “हर वॉर्ड बने स्वच्छता का वॉरियर”:
हर वार्ड में स्वच्छता समितियां एक्टिव रहेंगी। नालियों की सफाई, जलनिकासी और सफाई पर विशेष ध्यान।
🔸 राजमार्गों से लेकर गांव तक सड़कें होंगी बेहतर:
ब्लॉक मुख्यालयों को 2-लेन और ज़िलों को 4-लेन सड़कों से जोड़ा जाएगा। शहीद गांवों की सड़कों को भी प्राथमिकता।
🔸 बिना विधायक की सलाह के नहीं बनेगा कोई प्लान:
अब कोई भी विकास योजना बिना जनप्रतिनिधियों की राय के पास नहीं होगी — जनता से सीधा जुड़ाव!
रूद्राक्ष का पौधा लगा, विकास के साथ प्रकृति का संदेश भी
मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट परिसर में रूद्राक्ष का पौधा रोपित कर दिया हरियाली का संदेश — विकास भी, पर्यावरण भी।
मंच पर मौजूद रहे:
- बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह
- प्रमुख सचिव लोक निर्माण अजय चौहान
- प्रमुख सचिव नगर विकास अमृत अभिजात
- प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम
- अलीगढ़ मंडल के सभी विधायक, सांसद व प्रशासनिक अधिकारी
इस बैठक ने ये साबित कर दिया कि अब उत्तर प्रदेश में विकास सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि “वर्क इन प्रोग्रेस” की हकीकत बन चुका है।
योगी सरकार धार्मिक पर्यटन, कनेक्टिविटी और स्वच्छता को एक साथ जोड़कर एक नई विकास संस्कृति गढ़ रही है — जिसमें जनता ही केंद्र है और जनप्रतिनिधि हैं सीधे ज़िम्मेदार।
“काम भी दिखेगा, नाम भी जुड़ेगा – लेकिन समय पर और क्वालिटी के साथ!”
यही है योगी मॉडल की अगली बड़ी रणनीति।










