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बिजनौर की सड़कों को अब मिलेगा ‘सुरक्षा कवच’

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में बड़ा ऐलान:

फ़ॉक्सी की नौकरानियों को अब मिलेगा ‘सुरक्षा कवच’

डीएम जसजीत कौर की नियुक्ति में कई अहम जजमेंट, ब्लैक स्पॉटलाइट्स और अवैध कॉलेजियम पर कड़ी कार्रवाई की गई

फ़्रांसीसी | 25 जुलाई 2025 को
जॉनसन ट्री को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। शुक्रवार को निकोलस स्थित महात्मा विदुर ऑडिटोरियम में मेमोरियल जसजीत कौर की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर कई ठोस और प्रभावशाली फैसले लिए गए। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा, स्टाफ वान्या सिंह सहित कर्मचारी, रोडवेज, एनएचआई, ए आरटीओ और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।

बैठक की मुख्य बातें:

फोकस पर ब्लैक स्पॉट्स: रिकॉर्ड्स में
निर्देश दिए गए हैं कि जिले के सभी रेस्टॉरेंटल स्पॉट्स पर तत्काल प्रभाव से आवश्यक सुधारात्मक कार्य तकनीशियनों की नियुक्ति की जाए। व्यवसाय के उपकरणों की गहन जांच भी की जाएगी।

हाईवे पर सुरक्षा के लिए कदम:
एनएचएआई ने निर्देश दिया है कि सभी हाईवे जंक्शनों पर स्पीड ब्रेकर अनिवार्य रूप से बनाया जाए।
➡️ धार्मिक स्थलों पर पोस्टर और चेतावनी बोर्ड पर जाएं।
➡️ बचा हुआ ‘कट’ तुरंत बंद कर दिया गया, ताकि दुर्लभ घटनाएँ रोकी जा सकें।

एलसीडी और व्हीलचेयर के सामान अनिवार्य:
– व्हीलचेयर के सामान की जांच होगी और ओवरलोडिंग पर रोक लगाई जाएगी।
– बिना फिटनेस के किसी भी वाहन के ऑपरेशन पर सीक्वल एक्शन की जाएगी।
– जिले की सभी एम्बुलेंस की तकनीकी स्थिति की भी जांच अनिवार्य होगी।

ई-ग्राफ़िकेशन और अवैध वाहन होंगे सीज:
– बिना नामांकन के चल रहे ई-ग्राफ़िकेशन पर सख्त कार्रवाई होगी।
– रोडवेज बस असिस्टेंस से संचालित अवैध सोसाइटी के विशेष कारखानों पर कब्जा कर लिया गया।

सुरक्षा संकेत और रिफ्लेक्टिव चिन्ह
लगाने का निर्देश दिया गया है।
 दुर्घटनास्थल पर टेबल टॉप ब्रेकर और साफा सफेद पट्टियाँ बनी हुई हैं।

✅ जिन स्थानों पर
पहले से ही दुर्घटनाएं हो रही हैं, उन्हें पुनर्जीवित सुधार कार्य किया जाएगा।

विश्लेषण | यह कदम क्यों उठाना है?

फॉक्सवैगन में कॉन्सटेंट सड़क सिगरेट की घटनाएं चिंता का विषय रही हैं। रोड किनारे असंगठित कट, बिना पासपोर्ट, ओवरलोडिंग और बिना फिटनेस के लैंग्वेज प्लेयर्स की भरमार जैसे कई सामानों से लेकर जान जोखिम में रहती है। ऐसे में प्रशासन जिले का यह सख्त और योजनाबद्ध वास्तुशिल्प विनाशक में एक प्रभावशाली प्रारंभिक साबित हो सकता है।

विशेषज्ञ की राय:
इलेक्ट्रॉनिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह निर्देश पूरी तरह से लागू होता है तो जिलों में सड़क की संख्या में 40-50% तक की गिरावट संभव है।
साथ ही बच्चों की सुरक्षा के लिए यह फैसला बेहद जरूरी और समयोचित माना जा रहा है।

श्रमिकों में अब केवल यात्रा नहीं होगी, बल्कि एक सुरक्षित यात्रा बनेगी – श्रमिकों के सभी विभागों के समूह में दिए गए टुकड़ों को जमीनी ढांचे में छोटा किया जाएगा।

 

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