सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर संघ का विरोध, मंडल आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

मुरादाबाद: पंचायत राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ, मुरादाबाद मंडल ने सफाई कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर मंडल आयुक्त को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में संघ ने वेतन बकाया, आवश्यक उपकरणों की अनुपलब्धता, बीमा सुविधा में अनियमितता और कर्मचारियों के अनुचित निलंबन जैसे कई मुद्दों को उठाया है। संघ ने इन समस्याओं के समाधान की मांग की है और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपील की है।
वेतन और एरियर भुगतान पर उठे सवाल
संघ ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि सफाई कर्मचारियों को लंबे समय से उनका एरियर नहीं मिला है। संगठन ने मांग की है कि जनवरी 2025 तक सभी लंबित बकाया राशि का भुगतान किया जाए। सफाई कर्मचारियों के लिए समय पर वेतन और एरियर मिलना जरूरी है ताकि वे आर्थिक रूप से सुरक्षित रह सकें।
सफाई उपकरणों की कमी से कार्य प्रभावित
संघ ने शिकायत की है कि सफाई कर्मचारियों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे वे अपने कार्य को प्रभावी ढंग से नहीं कर पा रहे हैं। संगठन ने प्रशासन से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सफाई कार्य के लिए आवश्यक संसाधन कर्मचारियों को तुरंत उपलब्ध कराए जाएं।
बीमा योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि पूर्व में जारी बीमा योजनाओं का लाभ सफाई कर्मचारियों तक नहीं पहुंच रहा है। इससे उन्हें कई तरह की आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने बीमा सुविधाओं को फिर से सक्रिय करने की मांग की है ताकि कर्मचारियों को उनका हक मिल सके।
अनुचित निलंबन और उत्पीड़न का आरोप
संघ का दावा है कि सफाई कर्मचारियों को बिना उचित कारण के निलंबित किया जा रहा है। ज्ञापन में यह मांग की गई है कि किसी भी निलंबन से पहले उचित जांच हो और कर्मचारियों को अपनी बात रखने का मौका दिया जाए।
संघ की चेतावनी: मांगें नहीं मानी गईं तो होगा आंदोलन
संघ ने साफ किया है कि यदि प्रशासन जल्द से जल्द इन मांगों को पूरा नहीं करता है तो वे विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। संघ ने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान तुरंत किया जाए ताकि कोई बड़ा आंदोलन न हो।
सफाई कर्मचारियों की यह मांगें न केवल उनके अधिकारों से जुड़ी हैं, बल्कि शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए भी जरूरी हैं। यदि प्रशासन इन मुद्दों को जल्द हल नहीं करता है, तो यह असंतोष व्यापक आंदोलन का रूप ले सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस ज्ञापन पर क्या कार्रवाई करता है और सफाई कर्मचारियों की मांगों को कितनी गंभीरता से लेता है।










