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विद्या भारती विद्यालय में वार्षिक परीक्षा फल एवं पुरस्कार वितरण: शिक्षा और संस्कारों का संगम

विद्या भारती विद्यालय में वार्षिक परीक्षा फल एवं पुरस्कार वितरण: शिक्षा और संस्कारों का संगम

नहटौर/बल्लाशेरपुर: विद्या भारती द्वारा संचालित सावित्री देवी सरस्वती शिशु मंदिर में 1 अप्रैल 2025 को वार्षिक परीक्षा फल एवं पुरस्कार वितरण समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम ने न केवल छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों को रेखांकित किया, बल्कि उनके नैतिक और सांस्कृतिक विकास पर भी प्रकाश डाला।

शैक्षणिक उत्कृष्टता की झलक

विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अर्जुन कुमार शर्मा जी ने सत्र 2024-25 के वार्षिक परीक्षा परिणामों की घोषणा की। इसमें विभिन्न कक्षाओं के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। कक्षा पंचम में तृषा चौहान, कक्षा चतुर्थ में तेंजल, कक्षा तृतीय में नमन चौधरी जैसे छात्रों ने प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को दर्शाया। यह परिणाम विद्यालय के समर्पित शिक्षकों और छात्रों की मेहनत का प्रमाण हैं।

संस्कार और प्रेरणा का मंच

इस समारोह में शिक्षा केवल परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और प्रेरणा का भी मंच बना। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला संपर्क प्रमुख श्री हिमांशु राजपूत जी ने छात्रों को जीवन की परीक्षाओं से निडर होकर जूझने की प्रेरणा दी। उनका उद्बोधन केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने तक सीमित न होकर आत्मनिर्भरता और राष्ट्र सेवा के मूल्यों पर केंद्रित रहा।

समारोह की भव्यता और आयोजन प्रबंधन

कार्यक्रम का संचालन श्री संजय कुमार आचार्य जी ने किया, जिनकी ओजस्वी वाणी ने पूरे आयोजन को प्रभावशाली बनाया। विद्यालय के अध्यक्ष श्री थम्मन सिंह जी एवं प्रबंधक श्री जसवंत सिंह जी की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा प्रदान की।

शिक्षा के साथ संस्कृति का समावेश

विद्या भारती विद्यालय केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भारतीय संस्कृति और संस्कारों को भी छात्रों में रोपित करता है। मां सरस्वती की वंदना, दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन से कार्यक्रम की शुरुआत करना इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का आधार भी है।

यह समारोह न केवल मेधावी छात्रों का सम्मान करने का अवसर बना, बल्कि शिक्षा और संस्कृति के सामंजस्य का उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया। विद्या भारती विद्यालय का यह प्रयास विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक रूप से श्रेष्ठ बना रहा है, बल्कि उन्हें एक संस्कारित नागरिक भी बना रहा है।

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