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सड़क सुरक्षा पर DM का सख्त रुख: जनपद बिजनौर में दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए व्यापक कदम

सड़क सुरक्षा पर DM का सख्त रुख: जनपद बिजनौर में दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए व्यापक कदम

बिजनौर। सड़क सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, जिलाधिकारी जसजीत कौर ने सख्त रुख अपनाते हुए विभिन्न विभागों को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। महात्मा विदुर सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को “चिंताजनक” बताते हुए कहा कि जनसाधारण की जान-माल की सुरक्षा के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है।

सड़क संकेतों की कमी पर नाराजगी
बैठक में जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा संकेतक (साइन बोर्ड) की कमी पर नाराजगी जताई और अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि वे तत्काल साइन बोर्ड लगवाकर उनकी तस्वीरें प्रस्तुत करें। यह कदम सड़क पर चलने वाले यात्रियों को सतर्क करने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बेहद जरूरी है।

शिक्षा संस्थानों की भूमिका पर जोर
जसजीत कौर ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को स्कूलों और कॉलेजों में गठित सड़क सुरक्षा क्लबों को सक्रिय और प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित बैठकें आयोजित कर, अभिभावकों को भी आमंत्रित किया जाए ताकि वे बच्चों को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने के लिए प्रेरित कर सकें। इसके अलावा, पीटीएम (पैरेंट-टीचर मीटिंग) के दौरान भी सड़क सुरक्षा जागरूकता पर चर्चा अनिवार्य करने की बात कही गई।

पेट्रोल पंपों पर सख्ती
बैठक में एक अहम फैसला यह लिया गया कि जो पेट्रोल पंप बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल उपलब्ध कराते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश जनता को सड़क पर अपनी सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

विशेष निरीक्षण टीम का गठन
जिलाधिकारी ने सड़क सुरक्षा, परिवहन, लोक निर्माण और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित करने के आदेश दिए। यह टीम सड़क दुर्घटनाओं के स्थलों का निरीक्षण करेगी, हादसों के संभावित कारणों की पहचान करेगी, और सुधारात्मक उपाय सुझाएगी। टीम को गहन विश्लेषण के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए।

वाहनों की गति पर नियंत्रण
नेशनल हाईवे और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे निर्धारित गति सीमा लागू कराने के लिए आवश्यक उपाय करें। स्पीड ब्रेकर, कैमरा सर्विलांस और अन्य तकनीकी उपायों को मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि ओवरस्पीडिंग जैसी लापरवाहियों पर अंकुश लगाया जा सके।

सड़क सुरक्षा की सामूहिक जिम्मेदारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन विनय कुमार सिंह, आरटीओ प्रवर्तन मुरादाबाद प्रवण झा, एआरटीओ (ए) शिव शंकर सिंह, एआरटीओ (ई) गौरीशंकर, और पुलिस क्षेत्राधिकारी संग्राम सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। सभी ने सड़क सुरक्षा में अपनी भूमिका को लेकर प्रतिबद्धता जताई।

समाज के लिए संदेश
जिलाधिकारी जसजीत कौर की इस पहल से स्पष्ट है कि प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। हालांकि, केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे — आम जनता को भी जागरूक होकर यातायात नियमों का पालन करना होगा। यदि प्रशासन, शिक्षा संस्थान, पेट्रोल पंप, और नागरिक समाज मिलकर काम करें, तो सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है और कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

इस बैठक से निकले फैसले सड़क सुरक्षा के प्रति एक ठोस और परिणामकारी कदम की ओर इशारा करते हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन निर्देशों का ज़मीनी स्तर पर कितना प्रभाव पड़ता है और कितनी जल्दी जनपद की सड़कें सुरक्षित बन पाती हैं।

 

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