बिजनौर में चकबंदी प्रगति की समीक्षा बैठक: सीमा विवादों के समाधान पर जोर

बिजनौर। जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में आयोजित चकबंदी प्रक्रियाधीन ग्रामों की मासिक समीक्षा बैठक में भूमि सीमांकन, सर्वेक्षण प्रगति और कब्जा परिवर्तन कार्यों की गहन समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य फोकस बिजनौर और मुजफ्फरनगर की सीमाओं से जुड़े विवादों के स्थाई समाधान पर रहा।
सीमा विवादों के समाधान की पहल
बैठक में जिलाधिकारी कौर ने निर्देश दिया कि उन गांवों के स्थाई सीमा विवाद, जिनकी सीमाएं दोनों जिलों से मिलती हैं, के निपटारे के लिए मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी और संबंधित राजस्व अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक का आयोजन किया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीमावर्ती गांवों के लोग अनावश्यक प्रशासनिक अड़चनों से मुक्त होकर अपनी भूमि से जुड़े अधिकारों का लाभ ले सकें।
सर्वेक्षण कार्य में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन गांवों का सर्वेक्षण कार्य पूरा कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है, उनकी फाइलों पर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके लिए समय-समय पर अनुस्मारक पत्र भेजने की बात कही गई ताकि निर्णय प्रक्रिया में तेजी आए।
प्रकाशन और दस्तावेज प्रबंधन पर ध्यान
जिलाधिकारी ने कार्यालय के प्रकाशन कार्यों की भी समीक्षा की और निर्देश दिया कि जिन प्रपत्रों का प्रकाशन लंबित है, उनकी स्वीकृति तत्काल ली जाए। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की कमी से कार्य बाधित न हो, इसके लिए प्रकाशन कार्य को प्राथमिकता दी जाए।
कब्जा परिवर्तन और भूमि मिलान कार्यों में तेजी
बैठक में कब्जा परिवर्तन कार्यों की धीमी प्रगति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने इस प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों और ग्रामीणों को अपनी भूमि पर वैधानिक अधिकार समय पर मिल सकें। इसके अलावा, 1359 फसली के तहत भूमि का ग्रामवार चार्ट बनाकर मिलान कार्य पूरा करने को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई।
प्रशासन की तत्परता और समन्वय की आवश्यकता
बैठक में नायब तहसीलदार सर्वे चंद्रप्रकाश, सर्वे विभाग के कानूनगो और लेखपाल उपस्थित थे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों से समन्वित रूप से कार्य करने की अपील की ताकि चकबंदी प्रक्रिया का लाभ ग्रामीण जनता को शीघ्रता से मिल सके।
इस बैठक से स्पष्ट है कि प्रशासन चकबंदी कार्यों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए संकल्पित है। सीमावर्ती विवादों के समाधान और सर्वेक्षण की गति बढ़ाने के प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि व्यवस्था को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जिलाधिकारी की सक्रियता से यह उम्मीद की जा सकती है कि चकबंदी से जुड़े लंबित मामले जल्द ही सुलझ जाएंगे, जिससे ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।












