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बिजनौर में ओवरलोड डंपर की टक्कर से भीषण हादसा: दो की मौत, प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल

बिजनौर में ओवरलोड डंपर की टक्कर से भीषण हादसा: दो की मौत, प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल

BIJNOR.बिजनौर के नगीना देहात थाना क्षेत्र के किशनपुर आंवला गांव में ओवरलोड खनन वाहन की वजह से हुआ सड़क हादसा पूरे इलाके में आक्रोश का कारण बन गया है। इस हादसे में एक महिला समेत तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है। स्थानीय लोग और किसान संगठनों ने प्रशासन की लापरवाही को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है।

चेतावनी के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई
खुलासा हुआ है कि किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष ने पहले ही ARTO बिजनौर को फोन पर सूचना दी थी कि ओवरलोड खनन वाहनों के चलते कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। लेकिन अफसोस की बात है कि अधिकारियों ने इस चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप तीन निर्दोष लोगों की जान चली गई।

हादसे का दर्दनाक मंजर
जानकारी के अनुसार, खनन सामग्री से लदा डंपर तेज रफ्तार में था। वजन अधिक होने के कारण वाहन चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और सामने से आ रहे ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रिक्शा में सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।

परिजनों का हाहाकार, ग्रामीणों में आक्रोश
मृतकों के घरों में मातम पसरा हुआ है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, गांववालों और किसान संगठनों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और ARTO समेत जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाई गई होती, तो आज तीन लोगों की जान नहीं जाती।

पुलिस की कार्रवाई और जांच की मांग
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। डंपर को जब्त कर लिया गया है, लेकिन चालक फरार है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, किसान यूनियन ने इस लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।

प्रशासन की भूमिका पर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर दिखा दिया है कि किस तरह प्रशासन की उदासीनता आम जनता की जान पर भारी पड़ रही है। किसान यूनियन की ओर से पहले ही हादसे की आशंका जताई गई थी, लेकिन ARTO ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या प्रशासन किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?

किशनपुर आंवला की त्रासदी सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक विफलता की कहानी है। तीन लोगों की जान जाने के बाद अब जरूरी है कि प्रशासन जागे, ओवरलोड वाहनों पर सख्ती बरते और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और बेगुनाह लोगों की जान बचाई जा सके।

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