बिजनौर-नूरपुर-छजलैट रोड सुदृढ़ीकरण को मंजूरी: 75 करोड़ की लागत से होगा सुदृढ़ीकरण
BIJNOR. भारी मालवाहक वाहनों और लंबी दूरी के परिवहन का प्रमुख मार्ग बिजनौर-नूरपुर-छजलैट रोड जल्द ही नई और मजबूत सूरत में नजर आएगा। अधिशासी अभियंता हेमंत कुमार सिंह ने जानकारी दी कि इस सड़क के नवीनीकरण के लिए 75 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। निर्माण कार्य अगले दो सप्ताह के भीतर शुरू होने की संभावना है। इस सड़क के सुदृढ़ीकरण से यात्रियों के साथ-साथ ट्रांसपोर्टरों को भी राहत मिलेगी, क्योंकि यह मार्ग भारी वाहनों के लिए महत्वपूर्ण है और प्रतिदिन यहां से सैकड़ों ट्रक व अन्य मालवाहक वाहन गुजरते हैं।
भारी वाहनों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग
बिजनौर-नूरपुर-छजलैट रोड लंबे समय से व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों के लिए अहम मार्ग रहा है। यह सड़क भारी ट्रकों और मालवाहक वाहनों के आवागमन के लिए मुख्य रूप से उपयोग की जाती है। खराब सड़क की वजह से माल ढुलाई में देरी, ट्रकों के रखरखाव खर्च में वृद्धि और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी। अधिशासी अभियंता हेमंत कुमार सिंह ने कहा कि सुदृढ़ीकरण के दौरान सड़क की मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि भारी ट्रैफिक के दबाव को झेल सके और लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे।
यात्रियों और व्यापारियों को राहत
यह सड़क केवल भारी वाहनों के लिए ही नहीं, बल्कि आम यात्रियों और व्यापारियों के लिए भी महत्वपूर्ण है। गड्ढों से भरी सड़क पर यात्रा करना लोगों के लिए बेहद मुश्किल हो गया था। वाहन चालकों और स्थानीय निवासियों ने कई बार इसकी मरम्मत की मांग की थी। सड़क निर्माण कार्य पूरा होने के बाद, मुरादाबाद-बिजनौर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को सुगम सफर मिलेगा और मालवाहक गाड़ियों की आवाजाही भी आसान हो जाएगी।
75 करोड़ की मंजूरी: गुणवत्ता पर रहेगा जोर
सरकार द्वारा स्वीकृत 75 करोड़ रुपये की राशि से इस सड़क का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। हेमंत कुमार सिंह ने आश्वासन दिया कि निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया की कड़ी निगरानी रखी जाएगी। ठेकेदारों को भी स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे कि सड़क को मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए तय मानकों का पूरी तरह से पालन करें।
स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रिया
इस घोषणा से स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में उत्साह और राहत है। एक ट्रांसपोर्टर ने कहा, “हमारी गाड़ियां इस सड़क पर रोजाना चलती हैं, लेकिन गड्ढों और खराब सड़क के कारण न केवल सफर मुश्किल होता था बल्कि ट्रकों की मरम्मत पर भी अतिरिक्त खर्च करना पड़ता था। नई सड़क बनने से हमें बहुत राहत मिलेगी।”
भ्रष्टाचार और गुणवत्ता की चुनौती
सरकारी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री की शिकायतें आम होती हैं। स्थानीय लोग चाहते हैं कि यह परियोजना पूरी पारदर्शिता और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जाए ताकि सड़क लंबे समय तक टिकाऊ बनी रहे। हेमंत कुमार सिंह ने भी आश्वासन दिया कि निर्माण कार्य की कड़ी निगरानी की जाएगी और तय समयसीमा में गुणवत्ता के साथ इसे पूरा किया जाएगा।
बिजनौर-नूरपुर-चांदपुर रोड का सुदृढ़ीकरण यात्रियों, ट्रांसपोर्टरों और व्यापारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि यह परियोजना गति और पारदर्शिता के साथ पूरी होती है, तो क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। अब सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं कि यह निर्माण कार्य कब और कितनी गुणवत्ता के साथ पूरा होता है।













