बिजनौर में गन्ना किसानों के लिए ‘चाय पर चर्चा’, कृषि जागरूकता अभियान शुरू

रिपोर्ट : Avnish tyagi
बिजनौर: जिले के बिंदल शुगर मिल, चांगीपुर में गन्ना किसानों की उपज बढ़ाने और आधुनिक कृषि तकनीकों से अवगत कराने के उद्देश्य से ‘चाय पर चर्चा’ शीर्षक से कृषक गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 20 फरवरी तक प्रतिदिन आयोजित किया जाएगा, जिसमें गन्ना किसानों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खेती की नई तकनीकों और चीनी मिल द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।
गोष्ठी का उद्देश्य और प्रमुख विषय
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को बसंत कालीन गन्ना बुवाई और गन्ना बीज बदलाव अभियान से जोड़ना है। उपाध्यक्ष (गन्ना) की उपस्थिति में आयोजित इस चर्चा में निम्नलिखित विषयों पर जोर दिया जा रहा है:
- गन्ने की उन्नत प्रजातियों का चयन: किसानों को अधिक उत्पादन देने वाली और रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली प्रजातियों के बारे में बताया जा रहा है।
- भूमि और बीज उपचार: मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और फसल को रोगों से बचाने के लिए उपयुक्त तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।
- गहरी जुताई और ट्रेंच विधि: उत्पादन बढ़ाने के लिए खेत की गहरी जुताई और ट्रेंच विधि अपनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- चीनी मिल की सुविधाएँ: किसानों को बताया जा रहा है कि चीनी मिल उनकी उपज को बेहतर दामों पर खरीदने, समय पर भुगतान करने और उन्नत कृषि उपकरण उपलब्ध कराने जैसी सुविधाएँ प्रदान कर रही है।
प्रगतिशील किसानों की भागीदारी
इस कार्यक्रम में उन किसानों को भी आमंत्रित किया गया है, जिन्होंने गन्ना उत्पादन में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अधिक उपज प्राप्त की है। वे अपने अनुभवों को अन्य किसानों के साथ साझा कर रहे हैं, जिससे परंपरागत खेती करने वाले किसान भी नई विधियों को अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें।
गोष्ठी का प्रभाव और संभावित लाभ
‘चाय पर चर्चा’ कार्यक्रम किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है, जहाँ वे कृषि विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर सकते हैं और अपने प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल न केवल गन्ना उत्पादन में वृद्धि करेगी, बल्कि किसानों की आय भी बढ़ाएगी।
सरकार और चीनी मिलों के सहयोग से चलाए जा रहे ऐसे कार्यक्रम कृषि क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। यदि यह अभियान सफल रहता है, तो इसे अन्य चीनी मिलों और कृषि क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है, जिससे किसानों को व्यापक रूप से लाभ होगा।












