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बागपत: 65 फीट ऊंचे मंच के गिरने से बड़ा हादसा, 7 की मौत, दर्जनों घायल

बागपत: 65 फीट ऊंचे मंच के गिरने से बड़ा हादसा, 7 की मौत, दर्जनों घायल

बागपत। जिले के बड़ौत कस्बे में भगवान आदिनाथ के निर्वाण लड्डू पर्व के दौरान 65 फीट ऊंचे लकड़ी से बने मंच के गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दर्दनाक घटना गांधी रोड स्थित मानस्तंभ परिसर में हुई, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु उत्सव में भाग लेने पहुंचे थे।

65 फीट ऊंचे मंच का गिरना बना हादसे का कारण

आयोजन के लिए परिसर में लकड़ी का 65 फीट ऊंचा मंच तैयार किया गया था, जिस पर कई श्रद्धालु चढ़े हुए थे। अधिक भार और कमजोर संरचना के चलते मंच अचानक गिर गया। मंच गिरते ही वहां भगदड़ मच गई। नीचे मौजूद लोग मंच की चपेट में आ गए, जिससे कई श्रद्धालु खून से लथपथ हो गए।

घायलों की स्थिति और मृतकों की संख्या

घायल की स्थिति दर्शाती तस्वीरें

इस हादसे में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। घायलों की संख्या 50 से अधिक बताई जा रही है, जिनमें कई की हालत नाजुक है। घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

अव्यवस्था और प्रशासन की लापरवाही

हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए पर्याप्त एंबुलेंस नहीं मिलीं। मजबूरन ई-रिक्शा और अन्य निजी वाहनों का सहारा लिया गया। इस घटना ने आयोजन के दौरान सुरक्षा उपायों की कमी और प्रशासन की तैयारियों की पोल खोल दी।

एसपी ने संभाली स्थिति

सूचना मिलते ही एसपी अर्पित विजय वर्गीय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया, लेकिन इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है।

स्थानीय जनता में आक्रोश

घटना के बाद बड़ौत कस्बे में अफरा-तफरी मच गई। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने आयोजन में लापरवाही और सुरक्षा प्रबंधन की कमी को लेकर नाराजगी जताई।

विश्लेषण

65 फीट ऊंचे मंच जैसे अस्थायी संरचनाओं की मजबूती सुनिश्चित किए बिना इतने बड़े धार्मिक आयोजन की अनुमति देना गंभीर प्रशासनिक चूक है। आयोजन स्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता पर ध्यान नहीं दिया गया।

निष्कर्ष और सिफारिशें

इस हादसे से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल तय किए जाने चाहिए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संरचनाओं की जांच, आपातकालीन सेवाओं की तैनाती और आयोजन के दौरान भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

 

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