गणतंत्र दिवस पर बिजनौर में देशभक्ति और जनभागीदारी का उत्साहपूर्ण प्रदर्शन

बिजनौर : गणतंत्र दिवस के अवसर पर बिजनौर जिले में आयोजित कार्यक्रमों ने राष्ट्रीय एकता, संविधान की महत्ता और जनभागीदारी की मिसाल पेश की। जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर की अगुवाई में हुए आयोजनों में प्रशासनिक और सामाजिक सहभागिता का समन्वय देखने को मिला।
संविधान की महत्ता पर जोर
जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद अपने संबोधन में संविधान की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान न केवल विश्व का सबसे बड़ा संविधान है, बल्कि यह नागरिकों को समानता, स्वतंत्रता और न्याय सुनिश्चित करता है। उनके संदेश में समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से राष्ट्र निर्माण का आह्वान किया गया। यह विचार कि हर नागरिक अपने कार्यक्षेत्र में निष्ठा से योगदान देकर देश को सशक्त बना सकता है, प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

स्वतंत्रता सेनानियों और वीर नारियों का सम्मान
समारोह में स्वतंत्रता सेनानी श्री लेखराज सिंह, भूतपूर्व सैनिकों और शहीद पुलिसकर्मियों की विधवाओं को सम्मानित किया गया। यह पहल न केवल उनके बलिदान को मान्यता देने का प्रतीक थी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम भी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से बढ़ी जीवंतता

राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह को और अधिक जीवंत बनाया। कार्यक्रम में शामिल प्रस्तुति राष्ट्रीय भावना को प्रबल करने का सशक्त माध्यम बनीं। इन छात्राओं और शिक्षकों को जिलाधिकारी द्वारा उपहार देकर सम्मानित किया गया, जिससे शैक्षणिक और सांस्कृतिक प्रयासों को प्रोत्साहन मिला।
परेड और पुलिस बल की भागीदारी

पुलिस लाइन में आयोजित परेड कार्यक्रम, जिसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, प्रशासन और सुरक्षा बलों के समर्पण को दर्शाने वाला एक प्रतीकात्मक आयोजन था। परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पुलिस टुकड़ियों को पुरस्कृत किया गया, जो कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस के महत्व को रेखांकित करता है।
जनभागीदारी और विविध आयोजन
गणतंत्र दिवस पर जिले में जनभागीदारी भी प्रमुख रूप से दिखाई दी। शैक्षणिक संस्थानों में ध्वजारोहण और खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिससे युवाओं में देशभक्ति की भावना का संचार हुआ। इसके अलावा, कुष्ठ आश्रम और जिला अस्पताल में फल वितरण जैसे कार्यक्रमों ने सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया।
संविधान और जिम्मेदारी का संदेश

कार्यक्रम के दौरान लिए गए संकल्प में संविधान की रक्षा और देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रतिबद्धता जाहिर की गई। यह संदेश न केवल प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों बल्कि आम नागरिकों के लिए भी प्रेरणादायक था।

बिजनौर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम न केवल राष्ट्रीय पर्व के उत्साह को जीवंत करने वाले थे, बल्कि उन्होंने प्रशासन, समाज और नागरिकों के बीच एकता और जिम्मेदारी की भावना को प्रबल किया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण था कि जब प्रशासन और नागरिक मिलकर कार्य करते हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव रखी जा सकती है।













