मेरठ: मुंडाली पुलिस पर उठे सवाल, पीड़ित परिवार के आरोपों ने खोली व्यवस्था की पोल

Meerut. मेरठ के थाना मुंडाली क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में आ गई है। ग्राम कुढ़ला में एक गर्भवती महिला और उसके परिवार पर हुए हमले का मामला अब गरमा गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने दबंगों पर कार्रवाई करने के बजाय उनके खिलाफ ही चालान कर दिया।
घटना का विवरण
दो दिन पहले कुछ दबंग व्यक्तियों ने कुढ़ला गांव में एक परिवार के घर में घुसकर गर्भवती महिला समेत परिवार के अन्य सदस्यों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने थाना मुंडाली में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से लेने के बजाय उल्टा उनके खिलाफ ही चालान कर दिया।
एसएसपी से गुहार
पीड़ित परिवार ने इस मामले में एसएसपी विपिन टांडा से मुलाकात की और उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि दबंग लगातार उनके घर में घुसकर मारपीट कर रहे हैं, जिससे परिवार भय के साए में जी रहा है। मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस की निष्क्रियता ने पीड़ित परिवार की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
पुलिस की भूमिका पर सवाल
पीड़ित परिवार का आरोप है कि थाना मुंडाली पुलिस ने निष्पक्षता से काम करने के बजाय दबंगों के पक्ष में झुकाव दिखाया है। वीडियो सबूत होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस पर पहले भी इस तरह के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला संवेदनशील है क्योंकि गर्भवती महिला पर हमला हुआ है।
सोशल मीडिया पर आक्रोश
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। स्थानीय लोग और सोशल मीडिया यूजर्स इस मामले में पुलिस की भूमिका की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता से अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
न्याय की उम्मीद
एसएसपी विपिन टांडा ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन सवाल उठता है कि क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा? पुलिस की इस तरह की लापरवाही न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि पीड़ितों के विश्वास को भी चोट पहुंचाती है।
मेरठ की यह घटना पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि पीड़ित परिवार को समय पर न्याय नहीं मिला, तो इससे दबंगों का मनोबल और बढ़ेगा। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह निष्पक्षता और त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए और दबंगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए।












