नाबालिग को लालच देकर घर से उड़ाए सोने-चांदी के जेवर! बिजनौर पुलिस ने दो महिलाओं को किया गिरफ्तार, जेवर-मोबाइल-बाइक बरामद

बिजनौर | TargetTVLive | अवनीश त्यागी
बिजनौर शहर में दोस्ती की आड़ में रची गई एक हैरान करने वाली साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना कोतवाली शहर पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने एक नाबालिग को Apple मोबाइल और रुपयों का लालच देकर उसके ही घर से सोने-चांदी के जेवरात निकलवा लिए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में जेवर, एक Apple मोबाइल फोन और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है।
शिकायत के 24 घंटे के अंदर धर दबोचीं दोनों आरोपी
मामले की शुरुआत 12 सितंबर 2026 को हुई, जब गोविंदपुरम, आवास विकास कॉलोनी निवासी कुसुम (पत्नी स्वर्गीय राकेश) ने थाना कोतवाली शहर में तहरीर दी। तहरीर में उन्होंने आरोप लगाया कि अफसाना (पत्नी स्वर्गीय निसार) और नाजिया (पुत्री स्वर्गीय निसार) ने उनके नाबालिग बेटे को बहला-फुसलाकर घर से जेवर ले लिए।
शिकायत पर मुकदमा संख्या 729/2026 दर्ज किया गया। पुलिस की सक्रियता देखिए कि तहरीर के अगले ही दिन, 13 सितंबर को दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार बरामदगी और साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में धारा 303(2) बीएनएस हटाकर धारा 305(ए)/317(2) बीएनएस की वृद्धि की गई है।
डेढ़ महीने पुरानी साजिश, दोस्ती बनी हथियार
पुलिस प्रेस नोट के मुताबिक पूछताछ में आरोपी नाजिया ने जो कहानी बताई, वह चौंकाने वाली है। नाजिया के अनुसार उसका बेटा शिकायतकर्ता के बेटे का दोस्त है और उसका उनके घर आना-जाना था। इसी दोस्ती का फायदा उठाकर करीब डेढ़ माह पहले नाबालिग से घर में रखे सोने-चांदी के जेवर ले लिए गए।
पुलिस का कहना है कि बरामद जेवरों को आरोपियों ने वही जेवर बताया, जो नाबालिग के घर से लाए गए थे। दोनों महिलाएं इन जेवरों को बेचने के लिए मुरादाबाद जाने की फिराक में थीं, लेकिन उससे पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ गईं।
लालच का जाल: Apple मोबाइल और नकद रुपये
आरोपियों ने नाबालिग को फंसाने के लिए लालच का पूरा जाल बुना था। पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि बच्चे को Apple कंपनी का मोबाइल फोन और रुपये देने का वादा किया गया था। कुछ रुपये पहले ही दिए जा चुके थे, और बरामद Apple मोबाइल कथित तौर पर उसी नाबालिग को देने के लिए खरीदा गया था।
जेवर बेचकर खरीदी बाइक, गली में खड़ी मिली महिलाएं
पूछताछ में पुलिस को एक और चौंकाने वाला खुलासा मिला। आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि बरामद जेवरों के अलावा कुछ जेवर किसी अज्ञात व्यक्ति को बेच दिए गए थे। उसी रकम से करीब 15 दिन पहले एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (UP 20 DB 6785) खरीदी गई, जो आरोपियों के घर के बाहर खड़ी बरामद हुई।
क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार बरामदगी में शामिल हैं:
पीली धातु के आभूषण: दो चूड़ी, एक चूड़ी, एक महिला अंगूठी, दो गोल नोजपिन, एक कान की बाली, एक नेकलेस, मंगलसूत्र, पायल
सफेद धातु के आभूषण: कमरबंद, पायल, लॉकेट और अन्य आभूषण
एक Apple मोबाइल फोन
स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (UP 20 DB 6785)
जांच जारी, दोषसिद्धि न्यायालय ही तय करेगा
पुलिस ने गिरफ्तारी और बरामदगी की जानकारी सार्वजनिक की है, लेकिन यह स्पष्ट किया है कि **विवेचनात्मक कार्रवाई अभी प्रचलित है**। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगी।
TargetTVLive विश्लेषण:
यह प्रकरण एक गंभीर सामाजिक चेतावनी है। बच्चों के साथ दोस्ती के नाम पर घर में घुसपैठ, फिर लालच देकर अपराध में धकेलना, अपराधियों की नई रणनीति बनती जा रही है। अभिभावकों के लिए यह मामला आंखें खोलने वाला है: अपने बच्चों की संगति पर नजर रखें, घर में रखे कीमती सामान की सुरक्षा सुनिश्चित करें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें। शिकायत के 24 घंटे में कार्रवाई के लिए कोतवाली शहर पुलिस की तत्परता सराहनीय है, लेकिन जेवरों के स्वामित्व और घटनाक्रम के सभी पहलुओं का खुलासा विवेचना पूरी होने पर ही होगा। तब तक गिरफ्तारी को दोषसिद्धि मानना जल्दबाजी होगी।












