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‘बिट्टू’ के खाते में 17 हजार! आयुष्मान कार्ड के बावजूद 15 हजार की शिकायत, जिला अस्पताल पहुंची विधानसभा समिति

‘बिट्टू’ के खाते में 17 हजार, आयुष्मान मरीज से 15 हजार की शिकायत; जिला अस्पताल में विधानसभा समन्वय समिति ने तलब किया रिकॉर्ड

फ्रैक्चर ऑपरेशन और रॉड के नाम पर वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप, फटी चादर और अधकचरे चावल पर भी समिति अध्यक्ष इकबाल महमूद ने जताई नाराजगी

बिजनौर। जिला अस्पताल में मरीजों से उपचार के नाम पर कथित वसूली और अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब विधानसभा समन्वय समिति के अध्यक्ष इकबाल महमूद के नेतृत्व में समिति ने अस्पताल का निरीक्षण किया। समिति ने इमरजेंसी और इनडोर वार्ड में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत की तो फ्रैक्चर ऑपरेशन, रॉड और उपचार सामग्री के नाम पर 15 से 17 हजार रुपये तक लिए जाने की शिकायतें सामने आईं।

एक 70 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर ऑपरेशन और रॉड के नाम पर ‘बिट्टू’ नामक व्यक्ति के खाते में 17 हजार रुपये ऑनलाइन भेजे जाने की शिकायत की। वहीं एक अन्य मरीज ने रॉड के नाम पर 15 हजार रुपये लिए जाने की बात कही। सबसे गंभीर शिकायत उस मरीज की रही, जिसके पास आयुष्मान भारत कार्ड होने के बावजूद 15 हजार रुपये लिए जाने का आरोप सामने आया।

मरीजों की शिकायतें सुनने के बाद समिति अध्यक्ष इकबाल महमूद और सदस्यों ने अस्पताल प्रशासन से आयुष्मान योजना के तहत हुए ऑपरेशनों का पूरा रिकॉर्ड और संबंधित विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

‘बिट्टू’ के खाते में 17 हजार, आखिर किसके निर्देश पर?

निरीक्षण के दौरान नांगल निवासी 70 वर्षीय शकीला ने समिति को बताया कि हाथ में फ्रैक्चर के ऑपरेशन और रॉड के नाम पर उनसे 17 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए।

शिकायत का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि रकम अस्पताल के नाम से जुड़े किसी अधिकृत भुगतान माध्यम के बजाय ‘बिट्टू’ नामक व्यक्ति के खाते में भेजे जाने की बात सामने आई।

समिति के सामने यह मामला आते ही उपचार के नाम पर लिए गए भुगतान की वैधता और संबंधित व्यक्ति की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए।

अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित भुगतान किस मद में लिया गया, किसके कहने पर लिया गया और संबंधित व्यक्ति का अस्पताल से क्या संबंध है।

गलत जुड़ा हाथ दिखाकर मरीज ने उठाए उपचार पर सवाल

मरीज रोहिताश ने भी समिति के सामने अपने उपचार को लेकर शिकायत रखी। उसने अपना हाथ दिखाते हुए आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बाद उसकी हड्डी सही तरीके से नहीं जुड़ी।

इसके बावजूद रॉड डालने के नाम पर उससे 15 हजार रुपये किसी बाहरी व्यक्ति को दिलवाए जाने की शिकायत सामने आई।

यह शिकायत दो स्तरों पर जांच की मांग करती है—पहला, मरीज से कथित भुगतान की वास्तविकता और दूसरा, उसके उपचार एवं ऑपरेशन की चिकित्सकीय गुणवत्ता।

इन दोनों पहलुओं पर संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट ही स्थिति स्पष्ट कर सकती है।

आयुष्मान कार्ड के बावजूद 15 हजार रुपये लेने की शिकायत

नरेश नामक मरीज ने समिति को बताया कि पैर की हड्डी के ऑपरेशन और सामान के नाम पर उससे 15 हजार रुपये लिए गए। उसके पास आयुष्मान भारत कार्ड होने की बात भी सामने आई।

यही शिकायत निरीक्षण के दौरान सबसे अहम सवालों में शामिल हो गई। यदि संबंधित उपचार आयुष्मान योजना के अंतर्गत स्वीकृत था, तो मरीज से ली गई रकम किस मद में थी—यह अब रिकॉर्ड से स्पष्ट होना है।

समिति ने इसी कारण आयुष्मान के तहत हुए ऑपरेशनों और संबंधित अभिलेखों का ब्यौरा तलब किया।

फटी चादर देखकर समिति अध्यक्ष ने जताई नाराजगी

मरीजों की शिकायतों के बाद जब समिति ने वार्डों का निरीक्षण किया तो बेड पर फटी और गंदी चादरें देखकर सदस्यों ने नाराजगी जताई।

समिति अध्यक्ष इकबाल महमूद ने अस्पताल प्रशासन से मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं पर सवाल किए। मैट्रन और सीएमएस से भी व्यवस्था को लेकर जवाब मांगा गया।

साफ-सुथरी चादर जैसी बुनियादी सुविधा की खराब स्थिति ने अस्पताल की आंतरिक निगरानी और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।

अस्पताल की रसोई में अधकचरा चावल, प्राचार्या से मांगा जवाब

निरीक्षण के दौरान अस्पताल की रसोई में अधकचरा चावल मिलने पर भी समिति ने कड़ी नाराजगी जताई।

मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाते हुए समिति ने मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. ललिता चौधरी से स्थिति स्पष्ट करने को कहा और मामले की विभागीय जांच कराने के निर्देश दिए।

समिति ने दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई कर उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा।

मीडिया से दूरी, सवालों पर—‘फिर बात करेंगे’

निरीक्षण में मरीजों की शिकायतें सामने आने के बाद मामले पर अस्पताल प्रशासन का पक्ष जानने के लिए मीडिया ने मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. ललिता चौधरी से बातचीत के लिए समय मांगा।

हालांकि उन्होंने मुस्कुराते हुए “फिर बात करेंगे” कहकर फिलहाल बातचीत टाल दी।

मरीजों की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच अस्पताल प्रशासन का विस्तृत पक्ष सामने नहीं आने से अब निगाहें विभागीय जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड पर टिक गई हैं। हालांकि यह भी महत्वपूर्ण है कि मरीजों के आरोपों की पुष्टि संबंधित दस्तावेज और जांच के बाद ही होगी।

समिति की कार्रवाई से बढ़ी जवाबदेही की उम्मीद

विधानसभा समन्वय समिति के अध्यक्ष इकबाल महमूद के नेतृत्व में हुए निरीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि समिति ने केवल मौके की व्यवस्थाएं देखकर आगे बढ़ने के बजाय मरीजों की शिकायतों को सीधे सुना और रिकॉर्ड तलब करने की दिशा में कदम उठाया।

अब असली तस्वीर आयुष्मान योजना के रिकॉर्ड, मरीजों के उपचार संबंधी दस्तावेज, कथित ऑनलाइन भुगतान के विवरण और विभागीय जांच से सामने आएगी।

यदि किसी मरीज से योजना के बावजूद अनधिकृत राशि लेने की पुष्टि होती है तो यह गंभीर जवाबदेही का विषय होगा। वहीं यदि भुगतान किसी वैध मद में हुआ था तो उसका अधिकृत रिकॉर्ड भी सामने आना चाहिए।

यानी इस पूरे प्रकरण में सबसे बड़ा सवाल यही है—सरकारी अस्पताल में इलाज के नाम पर मरीजों से ली गई कथित रकम आखिर किस मद में गई और किसके खाते में पहुंची?

रावली तटबंध पर 35 करोड़ की परियोजना की DPR भी तलब

जिला अस्पताल के निरीक्षण से पहले समिति ने रावली गंगा तटबंध का भी निरीक्षण किया। सिंचाई विभाग की ओर से करीब 35 करोड़ रुपये की परियोजना और अब तक ठेकेदार को किए गए 9 करोड़ 25 लाख रुपये के भुगतान की जानकारी दी गई।

समिति ने परियोजना की DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना और भुगतान संबंधी विवरण का परीक्षण किया जा सके।

कस्तूरबा विद्यालय में व्यवस्था मिली संतोषजनक

समिति ने धर्मनगरी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां छात्राओं से बातचीत की गई, पढ़ाई के संबंध में जानकारी ली गई और छात्राओं से पहाड़े सुने गए।

समिति सदस्यों ने छात्राओं को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय की व्यवस्थाओं पर समिति ने संतोष व्यक्त किया।

निरीक्षण में ये अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान एसडीएम सदर स्मृति मिश्रा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चिकित्सक, मेडिकल कॉलेज प्रशासन तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | Target TV Live, बिजनौर

 

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