दिल्ली में गूंजा बिजनौर का नाम: 8 साल के विराट ने जीता गोल्ड, आदित्य-आयान ने भी लूटे मेडल, SP ने कहा- ये हैं जिले की शान
दिल्ली किड एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में बिजनौर के आदित्य चौधरी, आयान और विराट देशवाल ने 5 मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। 8 साल के विराट ने जीता गोल्ड। SP बिजनौर ने दी बधाई। पढ़ें TargetTvLive की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।
बिजनौर। दिल्ली के एथलेटिक्स ट्रैक पर जब बिजनौर के नन्हे धावकों ने दौड़ लगाई तो देखने वाले दंग रह गए। उम्र भले ही छोटी थी, लेकिन रफ्तार ऐसी कि बड़े-बड़े उस्ताद भी देखते रह गए। प्रथम दिल्ली किड एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में जनपद के तीन लालों ने ऐसा तूफान मचाया कि कुल 5 मेडल जीतकर बिजनौर का परचम राष्ट्रीय मंच पर लहरा दिया।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि की गूंज जैसे ही बिजनौर पहुंची, पुलिस अधीक्षक बिजनौर ने स्वयं हर्ष व्यक्त करते हुए तीनों नन्हे चैंपियनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
1. नारायणपुर का शेर: आदित्य चौधरी (अंडर-12)
ग्राम नारायणपुर के आदित्य चौधरी पुत्र प्रदीप कुमार ने साबित कर दिया कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं। अंडर-12 वर्ग में उन्होंने 60 मीटर रेस में सिल्वर मेडल और लॉन्ग जंप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर डबल धमाका किया। इसके पीछे हैं उनके कोच संदीप चौधरी, जिनकी तपस्या अब रंग लाने लगी है।
2. चांदपुर का सितारा: आयान (अंडर-10)
ग्राम गांधौर, चांदपुर के आयान पुत्र जहीर आलम ने अंडर-10 वर्ग की 60 मीटर रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपने क्षेत्र का सीना चौड़ा कर दिया। आयान की इस छलांग ने साबित किया कि प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं।
3. नांगल सोती का विराट रिकॉर्ड: विराट देशवाल (अंडर-8)
सबसे बड़ी खबर आई सबसे छोटे चैंपियन से। ग्राम लालपुर मान, नांगल सोती के महज 8 वर्षीय विराट देशवाल पुत्र निकुल कुमार ने 40 मीटर रेस में गोल्ड मेडल जीतकर सबको चौंका दिया। इतना ही नहीं, शाफ्ट बॉल थ्रो में सिल्वर मेडल जीतकर विराट ने डबल मेडल अपने नाम किया।
क्यों है ये जीत खास?
विश्लेषण करें तो ये सिर्फ 5 मेडल नहीं हैं, ये बिजनौर के ग्रामीण खेल क्रांति की आहट है। नारायणपुर, चांदपुर और नांगल सोती जैसे गांवों से निकलकर दिल्ली जैसे महानगर में पदक जीतना बताता है कि अगर सही मार्गदर्शन मिले तो बिजनौर के बच्चे ओलंपिक तक का सफर तय कर सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक की बधाई ने इन बच्चों के हौसले को दोगुना कर दिया है। अब जरूरत है प्रशासन और खेल विभाग के सहयोग की ताकि ये नन्हे पैर आगे चलकर देश के लिए दौड़ें।












