मुरादाबाद में मेधा का बड़ा सम्मान, 43 छात्र-छात्राओं संग 40 शिक्षक सम्मानित

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के समारोह में 43 छात्र-छात्राएं और 40 शिक्षक-शिक्षिकाएं सम्मानित, शिक्षा के साथ अनुशासन और चरित्र पर जोर
मुरादाबाद। मेधावी विद्यार्थियों की मेहनत को मंच मिला और उन्हें दिशा देने वाले शिक्षकों को भी सम्मान। दिल्ली रोड स्थित मधुरम हेरिटेज में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा महानगर मुरादाबाद के सम्मान समारोह में 43 छात्र-छात्राओं और 40 शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। समारोह में शिक्षा के साथ अनुशासन, चरित्र और संस्कार को सफलता की असली ताकत बताया गया।
TargetTvLive के लिए अवनीश त्यागी की रिपोर्ट।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक हापुड़ डॉ. श्वेता पूठिया और अध्यक्षता कर रहे जिला विद्यालय निरीक्षक अमरोहा शतानंद शर्मा ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। डॉ. श्वेता पूठिया ने कहा कि आज के दौर में पढ़ाई के साथ अनुशासन, निष्ठा, चरित्र और बेहतर स्वास्थ्य भी जरूरी है।
दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ समारोह
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. श्वेता पूठिया, अध्यक्ष शतानंद शर्मा, विशिष्ट अतिथि डॉ. विश्वास शर्मा, समाजसेवी प्रदीप शुक्ल, स्वागताध्यक्ष राजेश कौशिक और प्रेरणास्रोत डॉ. प्रदीप शर्मा ने भगवान परशुराम एवं मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों की उपलब्धि केवल उनके परिवार की खुशी नहीं होती, बल्कि यह समाज और देश के भविष्य के लिए भी उम्मीद पैदा करती है। ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को समय-समय पर प्रोत्साहन मिलना जरूरी है।
विद्यार्थियों से डॉ. राधाकृष्णन के आदर्श अपनाने का आह्वान
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला विद्यालय निरीक्षक अमरोहा शतानंद शर्मा ने कहा कि छात्र-छात्राएं ही देश के विकास की रूपरेखा तैयार करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करना नहीं है। शिक्षा व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक बनाने का काम भी करती है।
मुख्य अतिथि डॉ. श्वेता पूठिया ने विद्यार्थियों को अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने निष्ठा, चरित्र और शारीरिक रूप से मजबूत रहने को भी विद्यार्थी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

शिक्षक सम्मान से मिला बड़ा संदेश
विशिष्ट अतिथि डॉ. विश्वास शर्मा ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के हृदय में ज्ञान की ज्योति जलाने का काम करते हैं। इसलिए विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान और आदर का भाव रखना चाहिए।
स्वागताध्यक्ष राजेश कौशिक ने कहा कि शिक्षक-विद्यार्थी के बीच स्नेह और विश्वास का संबंध शिक्षा को बेहतर बनाता है। शिक्षकों को अपनी गरिमा बनाए रखते हुए विद्यार्थियों के साथ प्रेरणादायक और स्नेहपूर्ण व्यवहार करना चाहिए।
प्रेरणास्रोत डॉ. प्रदीप शर्मा ने शिक्षकों को सभ्य समाज का निर्माता और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का मार्गदर्शक बताया।
83 लोगों का सम्मान, उपलब्धि को मिला प्रोत्साहन
समारोह में 43 मेधावी छात्र-छात्राओं और 40 शिक्षक-शिक्षिकाओं, कुल 83 प्रतिभाओं को स्मृति चिह्न एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
आयोजन का खास पहलू यह रहा कि मंच पर विद्यार्थियों की उपलब्धियों के साथ उन शिक्षकों को भी सम्मान मिला, जिन्होंने उन्हें शिक्षा और मार्गदर्शन देने में भूमिका निभाई। इससे विद्यार्थियों की सफलता के पीछे शिक्षक की भूमिका को भी सामने लाया गया।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी और समाजसेवी रहे मौजूद
समारोह में विपिन जेटली, सत्यप्रकाश शर्मा, डॉ. ए.पी. शर्मा, धर्मेंद्र नाथ मिश्र, श्याम बिहारी शर्मा, डॉ. विनोद पाण्डेय, राहुल शर्मा और डॉ. इन्दु पारिख बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
इसके अलावा विमलेंद्र शर्मा, राजेश त्रिपाठी, राधेश्याम शर्मा, अवधेश पाठक, सत्येंद्र शर्मा, शरद चतुर्वेदी, डॉ. प्रेमवती उपाध्याय, डॉ. अनामिका त्रिपाठी, डॉ. मधुबाला त्यागी, सीमा शर्मा, जीवनलता शर्मा, संजय स्वामी, अनिमेष शर्मा, डॉ. शरद कुमार शर्मा, धवल दीक्षित, श्याम मोहन पण्डित, नकुल शर्मा, डॉ. महेश शर्मा, अतुल दूबे, मिथुन शर्मा, विद्याशरण शर्मा, राजदीप शर्मा, डॉ. पी.के. शुक्ल, डॉ. सुरेंद्र शर्मा और ज्ञानेंद्र देव शर्मा सहित अन्य लोगों ने आयोजन में सहयोग किया।
महानगर अध्यक्ष अनिल कुमार शर्मा, महामंत्री सुनील कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष सचिन शंखधार, महिला मोर्चा अध्यक्ष ऊषा शर्मा, महामंत्री श्वेता शर्मा, कोषाध्यक्ष ऋचा शर्मा, युवा इकाई अध्यक्ष अमित शर्मा राजू, महामंत्री प्रवीणवीर शर्मा और कोषाध्यक्ष अभिषेक चतुर्वेदी सहित संगठन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय स्तर के कवि मयंक शर्मा ने किया।
सम्मान के साथ शिक्षा का संदेश भी
समारोह ने यह संदेश देने की कोशिश की कि विद्यार्थियों की सफलता को पहचानना और शिक्षकों के योगदान को सम्मान देना समाज की जिम्मेदारी है। प्रतिभा को प्रोत्साहन मिले और शिक्षा के साथ अनुशासन, चरित्र व संस्कार को महत्व दिया जाए, तो विद्यार्थी केवल परीक्षा में ही नहीं, बल्कि जीवन में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
अवनीश त्यागी | TargetTvLive












