बिजनौर में कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर हाई अलर्ट, नूरपुर में रामडोल के रूट पर पुलिस का फ्लैग मार्च
नूरपुर, बिजनौर। जनपद बिजनौर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर पुलिस प्रशासन ने अब आर-पार के मूड में कमर कस ली है। TargetTvLive की इस एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है कि आज दिनांक 04.09.2026 को प्रकाश कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, बिजनौर ने नूरपुर कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया।
मौका था – नूरपुर के ऐतिहासिक और सबसे बड़े रामडोल जुलूस / शोभायात्रा के मार्ग का निरीक्षण। ASP ग्रामीण अकेले नहीं थे, उनके साथ पूरी सरकारी मशीनरी मौजूद थी – क्षेत्राधिकारी चांदपुर, प्रभारी निरीक्षक थाना नूरपुर, नगरपालिका अधिशासी अधिकारी और विद्युत विभाग के जेई-एसडीओ।
TargetTvLive की ग्राउंड रिपोर्ट: रूट पर क्या-क्या परखा?
अधिकारियों के काफिले ने रामडोल के पूरे रूट पर पैदल मार्च किया। सूत्र बताते हैं कि ASP प्रकाश कुमार की नजरें सिर्फ सड़क पर नहीं, बल्कि ऊपर लटकते खतरनाक बिजली के तारों और नीचे अतिक्रमण पर भी थीं।
निरीक्षण के 3 सबसे संवेदनशील पॉइंट्स जो TargetTvLive के कैमरे में कैद हुए:
बिजली का जाल: शोभायात्रा में ऊंची झांकियां निकलती हैं। लूज और लटकते तारों से बड़ा हादसा हो सकता है। विद्युत विभाग को तत्काल लाइन दुरुस्त करने का फरमान।
अतिक्रमण पर प्रहार: जुलूस मार्ग पर लगे ठेले, अवैध चबूतरे और अतिक्रमण को चिन्हित किया गया। नगरपालिका को क्लीन चिट नहीं, क्लीन रूट चाहिए।
सुरक्षा का चक्रव्यूह: संवेदनशील मोड़, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल, सीसीटीवी और ड्रोन निगरानी की योजना।
बंद कमरे में मंथन: जुलूस कमेटी और संभ्रांत नागरिकों को दो टूक संदेश
मार्ग निरीक्षण के तुरंत बाद थाना परिसर में एक हाई-लेवल गोष्ठी बुलाई गई। इस गोष्ठी में रामडोल जुलूस कमेटी के पदाधिकारियों और नूरपुर के संभ्रांत, जिम्मेदार नागरिकों के साथ सीधा संवाद किया गया।
TargetTvLive को बैठक के अंदर की जानकारी मिली है कि ASP ग्रामीण ने बेहद सख्त लहजे में कहा – “त्योहार हर्षोल्लास से मनाइए, लेकिन कानून हाथ में मत लीजिए। शोभायात्रा अपनी पुरानी परंपरा और तय रूट से ही निकलेगी। डीजे की ऊंचाई और अराजकता फैलाने वाले तत्वों पर जीरो टॉलरेंस की नीति रहेगी।”
वहीं जुलूस कमेटी ने भी पुलिस प्रशासन को लिखित आश्वासन दिया है कि वे शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का पूरा सहयोग करेंगे।
विश्लेषण: ये सिर्फ निरीक्षण नहीं, सख्त चेतावनी है!
बिजनौर पुलिस का ये पैटर्न बताता है कि अब रिएक्शन नहीं, प्रिवेंशन की नीति पर काम हो रहा है। नूरपुर का रामडोल जुलूस सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की अग्निपरीक्षा होता है। पिछले अनुभवों को देखते हुए, त्योहार से एक हफ्ते पहले ही टॉप बॉस का खुद ग्राउंड पर उतरना दो बातें साफ करता है – पहला, पुलिस किसी भी अप्रिय घटना को लेकर अलर्ट है और दूसरा, ये अराजक तत्वों को खुला संदेश है कि पुलिस की नजर हर एक गतिविधि पर है।
फिलहाल ASP ग्रामीण के इस दौरे के बाद नूरपुर में हड़कंप के साथ-साथ आम श्रद्धालुओं में सुरक्षा का भाव भी मजबूत हुआ है।
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