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नगीना में पटाखों के कारोबार पर प्रशासन की नजर, DM जसजीत कौर ने दुकानों-फैक्ट्रियों में परखे सुरक्षा इंतजाम

नगीना में पटाखों के कारोबार पर प्रशासन की नजर, DM जसजीत कौर ने दुकानों-फैक्ट्रियों में परखे सुरक्षा इंतजाम

रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | Target TV Live  

बिजनौर। आतिशबाजी के कारोबार में सुरक्षा मानकों की अनदेखी न हो, इसके लिए बिजनौर जिला प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। गुरुवार को जिलाधिकारी जसजीत कौर ने पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई और पुलिस-प्रशासन की टीम के साथ नगीना तहसील क्षेत्र में पटाखों की दुकानों और फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान प्रशासन की नजर सिर्फ कारोबार के संचालन पर नहीं, बल्कि लाइसेंस, सुरक्षा व्यवस्था, भंडारण और निर्धारित मानकों के पालन पर रही। जिलाधिकारी ने मौके पर अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं की जांच की और नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराने के निर्देश दिए।

पटाखों की दुकान हो या फैक्ट्री, नियमों से कोई समझौता नहीं

आतिशबाजी का कारोबार सामान्य व्यापार से अलग है। यहां छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसी संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पटाखों के निर्माण, भंडारण और बिक्री में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आतिशबाजी से जुड़े प्रतिष्ठानों की नियमित जांच की जाए और जहां निर्धारित नियमों का उल्लंघन मिले, वहां नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

लाइसेंस से भंडारण तक—अब जिलेभर में होगी पड़ताल

नगीना में निरीक्षण के बाद प्रशासन ने जांच का दायरा पूरे जिले तक बढ़ाने की तैयारी कर ली है। जिलाधिकारी ने संयुक्त टीम गठित कर जनपद की सभी आतिशबाजी एवं पटाखों की दुकानों और फैक्ट्रियों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।

इस जांच में केवल लाइसेंस देखना ही पर्याप्त नहीं होगा। प्रतिष्ठानों में मौजूद सुरक्षा व्यवस्था, पटाखों के भंडारण की स्थिति और अन्य निर्धारित मानकों का भी परीक्षण किया जाएगा।

यानी अब प्रशासन के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती होगी कि कागजों पर नियम पूरे होने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी सुरक्षा व्यवस्था वास्तव में मानकों के अनुरूप हो।

DM का साफ संदेश—लापरवाही मिली तो कार्रवाई तय

जिलाधिकारी जसजीत कौर ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त न की जाए। किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की इस सख्ती का सीधा संबंध आम लोगों की सुरक्षा से है। पटाखों के निर्माण और भंडारण वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था जितनी मजबूत होगी, दुर्घटना की आशंका को उतना ही कम किया जा सकेगा।

अब निगाह संयुक्त जांच पर—कहां कितने मानक पूरे हैं?

नगीना में हुए निरीक्षण के बाद सबसे अहम सवाल अब प्रस्तावित जिलेभर की संयुक्त जांच को लेकर है। जांच टीम जब अलग-अलग दुकानों और फैक्ट्रियों तक पहुंचेगी, तब लाइसेंस से लेकर भंडारण और सुरक्षा व्यवस्था तक की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।

प्रशासन ने फिलहाल अपना रुख स्पष्ट कर दिया है—आतिशबाजी का कारोबार नियमों के दायरे में ही होगा और आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

अब देखना होगा कि जिलेभर में होने वाली जांच में व्यवस्थाएं कितनी संतोषजनक मिलती हैं और नियमों का उल्लंघन मिलने पर प्रशासन किस स्तर तक कार्रवाई करता है।

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