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ABVP का बड़ा मंथन: 50 हजार सदस्यता के दावे से कैंपस रणनीति तक, बोले एस. बालकृष्ण—‘प्रतिनिधि नहीं, संगठन का प्रतिरूप बनें कार्यकर्ता’

धामपुर में ABVP का बड़ा मंथन: 50 हजार सदस्यता के दावे से कैंपस रणनीति तक, बोले एस. बालकृष्ण—‘प्रतिनिधि नहीं, संगठन का प्रतिरूप बनें कार्यकर्ता’

दो दिवसीय प्रांत कार्यकारिणी बैठक में राष्ट्र निर्माण, छात्रहित, सदस्यता अभियान और युवाओं को जोड़ने पर बनी रणनीति; ‘स्क्रीन टाइम से एक्टिविटी टाइम’ पर भी जोर
TargetTvLive | अवनीश त्यागी

धामपुर/बिजनौर। धामपुर की धरती पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के मेरठ प्रांत का दो दिवसीय मंथन शुरू हो गया है। राजपूताना रिसोर्ट में आयोजित प्रांत कार्यकारिणी बैठक में संगठन के विस्तार से लेकर कैंपस की गतिविधियों और युवाओं की भूमिका तक कई अहम विषयों पर चर्चा हुई। उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री एस. बालकृष्ण ने कार्यकर्ताओं को संगठन की पहचान केवल मंच और कार्यक्रमों से नहीं, बल्कि उनके व्यवहार और कार्यशैली से स्थापित करने का संदेश दिया।

उन्होंने साफ कहा कि कार्यकर्ता केवल संगठन का प्रतिनिधि बनकर विद्यार्थियों के बीच न जाएं, बल्कि संगठन के प्रतिरूप के रूप में काम करें। उनके मुताबिक राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ युवाओं को राष्ट्र के पुनर्निर्माण की यात्रा में सक्रिय भागीदार बनाना समय की जरूरत है।

स्वामी विवेकानंद और मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से शुरुआत

रविवार सुबह प्रांत कार्यकारिणी बैठक का विधिवत शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री एस. बालकृष्ण, प्रांत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम वत्स, प्रांत मंत्री गौरव गौड़ और प्रांत संगठन मंत्री अनुज श्रीवास्तव ने स्वामी विवेकानंद एवं मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर बैठक का उद्घाटन किया।

दो दिन तक चलने वाली बैठक में अलग-अलग सत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के साथ आगामी कार्यक्रमों की रणनीति पर कार्यकर्ताओं से संवाद किया जाएगा। खास बात यह है कि चर्चा का दायरा केवल संगठन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों और कैंपस से जुड़े सामाजिक एवं शैक्षिक विषयों पर भी विमर्श किया जाएगा।

सदस्यता अभियान से मिशन साहसी तक—कार्यकर्ताओं को मिलेगा नया रोडमैप

प्रांत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम वत्स ने कहा कि महाराज विदुर की पावन भूमि पर बैठक आयोजित होना कार्यकर्ताओं के लिए विशेष अवसर है। उन्होंने बताया कि बैठक में विभिन्न आयामों, कार्यों और गतिविधियों की समीक्षा के साथ सदस्यता अभियान, युवती सम्मेलन और मिशन साहसी जैसे कार्यक्रमों को लेकर आगे की दिशा तय की जाएगी।

इसके अलावा ‘स्क्रीन टाइम से एक्टिविटी टाइम’, गुरु तेग बहादुर जी के 350वें वर्ष, आपातकाल के विरुद्ध आंदोलन के 50 वर्ष, भगवान बिरसा मुंडा के सार्धशती वर्ष और SEIL के 60 वर्ष से जुड़े कार्यक्रमों पर भी चर्चा होगी।

50 हजार से अधिक सदस्यता का दावा, गौरव गौड़ बोले—‘साथ और समर्थन दिखाया’

प्रांत मंत्री गौरव गौड़ ने संगठन के सदस्यता अभियान का उल्लेख करते हुए दावा किया कि जब कुछ लोगों द्वारा जैन जी को अपने साथ बताए जाने की बात कही जा रही थी, उसी दौरान विद्यार्थी परिषद ने पूरे प्रांत में एक दिन में 50 हजार से अधिक लोगों को सदस्य बनाया

उन्होंने कहा कि जब सेना और देश के संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ कथित अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा था, तब एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने नगर इकाइयों में राष्ट्रीय ध्वज के साथ कारगिल विजय दिवस मनाया।

गौरव गौड़ के मुताबिक जब वंदे मातरम् के अपमान की घटनाओं को लेकर विवाद सामने आया, तब संगठन की छात्रशक्ति ने कैंपसों में विद्यार्थियों के साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन कर उसके महत्व से अवगत कराया।

उन्होंने विद्यार्थी परिषद को राष्ट्र के प्रति समर्पित छात्र आंदोलन बताते हुए संगठन की गतिविधियों को और व्यापक स्तर तक ले जाने की बात कही।

युवाओं की ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर जोर

राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री एस. बालकृष्ण ने युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि देश और समाज को आगे बढ़ाने के लिए नए प्रयोग और नई कार्यपद्धतियां जरूरी हैं। युवा ऊर्जा को सही दिशा मिले तो वह राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

उन्होंने भारतीय भाषा, संस्कृति और सभ्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेशों में भी भारतीयों की सांस्कृतिक पहचान का सम्मान देखने को मिलता है। ऐसे में युवाओं के भीतर अपनी जड़ों और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का भाव मजबूत होना चाहिए।

‘कार्य समाज में सकारात्मक विमर्श का विषय बने’

क्षेत्रीय संगठन मंत्री विपिन गुप्ता ने कहा कि संगठनात्मक और अभियानात्मक कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को छोटी-छोटी महत्वपूर्ण बातों पर भी ध्यान देना होगा।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम केवल आयोजन बनकर न रह जाएं, बल्कि उनके माध्यम से समाज में सकारात्मक विमर्श खड़ा हो और नए विद्यार्थी प्रेरित होकर सामाजिक कार्यों से जुड़ें—इसी दिशा में काम करने की आवश्यकता है।

राष्ट्रीय दृष्टि से कैंपस तक पहुंचेगी रणनीति

प्रांत संगठन मंत्री अनुज श्रीवास्तव ने कहा कि बैठक में इस बात पर विशेष मंथन किया जा रहा है कि राष्ट्रीय स्तर पर तय किए गए विषयों और कार्यक्रमों को नगर इकाई से लेकर कैंपस तक किस तरह प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी विचारधारा का प्रवाह संगठन तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों के बीच भी पहुंचे और छात्रों की आवाज को मजबूत मंच मिले, इसके लिए कार्यकर्ताओं को लगातार कैंपस में सक्रिय रहना होगा।

‘ज्ञान, शील और एकता’ को व्यवहार में उतारने की चुनौती

बैठक में संगठन के मूल मंत्र ‘ज्ञान, शील और एकता’ को केवल नारे तक सीमित न रखते हुए उसे कार्यकर्ताओं की दैनिक कार्यशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया।

दरअसल, दो दिवसीय बैठक का असली फोकस केवल आगामी कार्यक्रमों की सूची तैयार करना नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं की जमीनी सक्रियता बढ़ाना है। सदस्यता अभियान के विस्तार से लेकर कैंपस में विद्यार्थियों के बीच संवाद और सामाजिक मुद्दों पर भागीदारी तक—ABVP अब अपनी गतिविधियों को अधिक संगठित और प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।

धामपुर में चल रहा यह मंथन आने वाले दिनों में मेरठ प्रांत के विभिन्न जिलों और कैंपसों में संगठन की गतिविधियों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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