मुरादाबाद मंडल में ‘सुशासन’ का नया दौर: नवागत मंडलायुक्त संगीता सिंह का ‘श्रीजी मॉडल’ और 5-अक्षीय रोडमैप, क्या बदलेगी प्रशासनिक तस्वीर?
बिजनौर, संभल, अमरोहा, रामपुर और मुरादाबाद के चहुंमुखी विकास के लिए एक्शन मोड में कमिश्नर! जानिए—पारदर्शी प्रशासन, पीतल उद्योग की री-ब्रांडिंग और ‘श्रीजी मॉडल’ से कैसे बदलेगी आम जन की तकदीर।
ग्राउंड रिपोर्ट के मुख्य बिंदु :
- श्रीजी मॉडल से ऑन-द-स्पॉट समाधान: हर मंगलवार तहसीलों से सीधी VC, लंबे समय से अटके गंभीर राजस्व मामलों का होगा त्वरित निस्तारण।
- पीतल उद्योग & MSME को ग्लोबल संजीवनी: मुरादाबाद के निर्यातकों से सीधा संवाद; बुनियादी अड़चनें होंगी दूर, बढ़ेगा विदेशी मुद्रा का प्रवाह।
- एयर कनेक्टिविटी पर बड़ा कदम: मंडल में रुकी हवाई सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय से वार्ता का खाका तैयार।
- प्रशासन में ‘टीम वर्क’ और ‘संवेदनशीलता’: आयुष्मान भारत का विशाल प्रशासनिक अनुभव और डॉ. कुंवर बेचैन की मानवीय संवेदनाओं के साथ कार्यशैली।
मुरादाबाद (TargetTvLive विशेष ब्यूरो): पश्चिमी उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और रणनीतिक धुरी माने जाने वाले मुरादाबाद मंडल में प्रशासनिक जवाबदेही और विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। नवागत मंडलायुक्त (कमिश्नर) संगीता सिंह ने पदभार संभालते ही मंडल के पांचों जनपदों—मुरादाबाद, बिजनौर, संभल, अमरोहा और रामपुर—के सर्वांगीण विकास, पारदर्शी प्रशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम पायदान तक पहुंचाने का एक धारदार और समयबद्ध रोडमैप पेश किया है।
पत्रकारों से पहली औपचारिक वार्ता में कमिश्नर संगीता सिंह ने साफ किया कि उनके कार्यकाल में ‘निर्देशन और टीम वर्क’ सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उनका विजन बेहद स्पष्ट है—पूरा प्रशासनिक तंत्र एक ही दिशा में, पूरी लयबद्धता और पारदर्शिता के साथ जनकल्याण के लिए काम करेगा।
1. वर्षों पुराने जमीनी विवादों पर सीधा प्रहार: क्या है ‘श्रीजी मॉडल’?
भूमि व राजस्व से जुड़े पेचीदा विवाद न केवल आम जनता के मानसिक उत्पीड़न का कारण बनते हैं, बल्कि कानून-व्यवस्था के लिए भी निरंतर चुनौती पैदा करते हैं। इस व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए कमिश्नर संगीता सिंह ‘श्रीजी मॉडल’ लागू करने जा रही हैं।
कैसे काम करेगा ‘श्रीजी मॉडल’? प्रत्येक मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए कमिश्नर सीधे मंडल के किसी एक जिले की सभी तहसीलों से जुड़ेंगी। प्रत्येक तहसील से सबसे जटिल, वर्षों से लंबित और गंभीर 5 से 6 राजस्व प्रकरणों को सीधे कमिश्नर के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए मौके पर ही निस्तारण की सटीक समय-सीमा तय होगी।
2. ‘पीतल नगरी’ को ग्लोबल बूस्टर और एयर कनेक्टिविटी को रफ्तार
मुरादाबाद की पहचान वैश्विक बाजार में इसके शानदार पीतल हस्तशिल्प से है। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि हस्तशिल्प और पीतल उद्योग को प्रोत्साहन मिलने से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, बल्कि देश के खजाने में भारी विदेशी मुद्रा भी आएगी।
इसके लिए वह जल्द ही मंडल के प्रमुख निर्यातकों, हस्तशिल्पियों और MSME उद्यमियों के साथ ‘सीधा संवाद’ करेंगी, ताकि औद्योगिक राह की प्रशासनिक और बुनियादी रुकावटों को जड़ से खत्म किया जा सके। इसके साथ ही, मुरादाबाद मंडल में ठप पड़ी हवाई सेवाओं को जल्द से जल्द क्रियान्वित करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय से वार्ता का मन बना लिया गया है और स्थानीय एजेंसियों को अपनी कार्ययोजना मुस्तैद रखने के निर्देश दे दिए गए हैं।
3. प्रशासनिक कड़कपन में ‘साहित्यिक संवेदनशीलता’ का अनूठा संगम
आयुष्मान भारत योजना की सीईओ (CEO) रहते हुए उत्तर प्रदेश में लाखों पात्र गरीबों को स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच (आयुष्मान कार्ड) प्रदान कराने वाली संगीता सिंह केवल एक कड़क प्रशासनिक अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक संवेदनशील साहित्यकार भी हैं। समसामयिक विषयों पर दो चर्चित पुस्तकों का संपादन कर चुकीं कमिश्नर अपनी प्रशासनिक शैली को संवेदनशीलता से जोड़ती हैं।
“तुम्हारे दिल की चुभन भी जरूर कम होगी। किसी के पांव का कांटा निकालकर तो देखो।” — डॉ. कुंवर बेचैन (अंतरराष्ट्रीय साहित्यकार की यह पंक्तियां कमिश्नर की कार्यशैली का मूलमंत्र हैं)
4. कृषि सुधार, पोषण 2.0 और रोड सेफ्टी पर ‘जीरो टॉलरेंस’
मुरादाबाद मंडल की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था (गन्ना, गेहूं, धान, मक्का, मैंथा और आलू) की मजबूती के लिए कृषि विभाग को एक विशेष और व्यावहारिक ब्लूप्रिंट तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके अलावा:
- पोषण 2.0 अभियान: मंडल में सक्षम सामाजिक संस्थाओं और औद्योगिक घरानों (CSR फंड) को जोड़कर कुपोषण के खिलाफ युद्धस्तर पर निर्णायक अभियान चलाया जाएगा।
- रोड सेफ्टी पर कड़ाई: सड़कों पर एक भी जान न जाए—इस सोच के साथ ओवरस्पीडिंग रोकने और ट्रैफिक नियमों का शत-प्रतिशत पालन कराने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू होगी।
- धरातलीय रियलिटी चेक: मंडलीय समीक्षा बैठकों के तुरंत बाद कमिश्नर स्वयं मंडल के पांचों जनपदों में ग्राउंड जीरो पर जाकर समस्याओं और योजनाओं का रियलिटी चेक करेंगी।
निष्कर्ष: निरंतरता और शिखर तक पहुंचने का संकल्प
नवागत मंडलायुक्त संगीता सिंह ने निवर्तमान मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह के सफल कार्यों की निरंतरता को बनाए रखते हुए, नई विकासपरक योजनाओं के जरिए मुरादाबाद मंडल को उत्तर प्रदेश के अग्रणी मंडलों में शुमार कराने का दृढ़ संकल्प व्यक्त किया है।
पवित्र सावन मास, रक्षाबंधन और ईद-मिलादुन्नबी के पावन अवसरों पर मंडलवासियों को बधाई देते हुए उन्होंने जनसहयोग का आह्वान किया है। TargetTvLive का यह विशेष विश्लेषण दर्शाता है कि नवागत कमिश्नर का यह ‘5-अक्षीय विजन’ यदि धरातल पर इसी गति से लागू हुआ, तो मुरादाबाद मंडल प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा की एक नई नज़ीर पेश करेगा।
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