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बिजनौर में रोजगार की नई उम्मीद! 800 युवाओं की भीड़ उमड़ी, क्या निजी क्षेत्र बनेगा बेरोजगारी का बड़ा समाधान?

बिजनौर में रोजगार की नई उम्मीद! 800 युवाओं की भीड़ उमड़ी, क्या निजी क्षेत्र बनेगा बेरोजगारी का बड़ा समाधान?

 

TargetTvLive | विशेष रिपोर्ट
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी

बिजनौर, 5 अगस्त। उत्तर प्रदेश के बिजनौर में बेरोजगारी के बीच युवाओं के लिए एक सकारात्मक पहल देखने को मिली। ग्राम नवादा चौहान (नेहतौर–शादीपुर रोड) स्थित क्रिएटिव फार्मिंग प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा आयोजित विशाल रोजगार मेले में करीब 800 युवाओं ने भाग लेकर रोजगार की संभावनाओं को तलाशा। बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी ने एक बार फिर यह संकेत दिया कि जनपद में रोजगार की मांग लगातार बढ़ रही है और निजी क्षेत्र की भागीदारी अब पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है।

800 युवाओं की मौजूदगी ने बताया—रोजगार सबसे बड़ी जरूरत

रोजगार मेले में जिले और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों युवक-युवतियों ने विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया। अभ्यर्थियों ने नौकरी की पात्रता, वेतनमान, कार्यस्थल और भविष्य की संभावनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। युवाओं की भारी भागीदारी यह दर्शाती है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना समय की प्रमुख आवश्यकता बन चुका है।

प्रशासन ने भी सराहा रोजगार मेला

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बिजनौर, उप कृषि निदेशक तथा जिला रोजगार अधिकारी ने मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में भाग लिया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को निजी क्षेत्र से जोड़ने, कौशल आधारित रोजगार बढ़ाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस पहल को जिले के लिए सकारात्मक कदम बताया।

इन संस्थानों ने दिया रोजगार का भरोसा

रोजगार मेले में क्रिएटिव फार्मिंग प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, पनेला एग्रो प्रोडक्ट्स तथा मिल्क-राइज डेयरी फार्म्स प्राइवेट लिमिटेड सहित विभिन्न संस्थानों ने भाग लिया। कंपनियों ने अभ्यर्थियों से संवाद करते हुए भविष्य में योग्य युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

क्या बोले कंपनी के प्रबंध निदेशक?

क्रिएटिव फार्मिंग प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विजेन्द्र कुमार ने कहा कि संस्था का उद्देश्य ग्रामीण एवं अर्धशहरी क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने बताया कि भविष्य में भी नियमित अंतराल पर ऐसे रोजगार मेलों का आयोजन किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।

विश्लेषण: सिर्फ रोजगार मेला नहीं, बदलते दौर का संकेत

बिजनौर जैसे कृषि प्रधान जनपद में सरकारी नौकरियों की सीमित संख्या के कारण बड़ी संख्या में युवा निजी क्षेत्र की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में रोजगार मेले केवल भर्ती का माध्यम नहीं, बल्कि उद्योगों और युवाओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का मंच भी बन रहे हैं।

हालांकि, रोजगार मेलों की वास्तविक सफलता का आकलन इस आधार पर होगा कि इनमें शामिल कितने अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से नियुक्ति मिलती है, उन्हें किस स्तर का वेतन मिलता है और उनके लिए दीर्घकालिक रोजगार की क्या संभावनाएं बनती हैं। यदि ऐसे आयोजनों के बाद चयनित अभ्यर्थियों के आंकड़े सार्वजनिक किए जाएं तो पारदर्शिता और विश्वास दोनों मजबूत होंगे।

युवाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?

  • स्थानीय स्तर पर रोजगार की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध।
  • निजी कंपनियों से सीधे संपर्क का अवसर।
  • रोजगार के साथ कौशल विकास की संभावनाएं।
  • पलायन कम करने की दिशा में सकारात्मक प्रयास।
  • ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार तक आसान पहुंच।

आयोजन में रहा व्यापक सहयोग

कार्यक्रम का संचालन शिशिर भटनागर ने किया। आयोजन को सफल बनाने में गजेन्द्र सिंह, पंकज, विमल चंदोला, संजीव, रजत, शिवकुमार, प्रतिभा, मुनेश, राहुल, नीमा, वैश्णवी, अर्चना, उस्मान, दिनेश, लक्ष्य, विशाल, सत्यप्रकाश, स्वराज तथा गजेन्द्र सहित अनेक सहयोगियों की सक्रिय भूमिका रही।

TargetTvLive विश्लेषण

बिजनौर में आयोजित यह रोजगार मेला युवाओं के लिए एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आया है। करीब 800 युवाओं की भागीदारी यह स्पष्ट करती है कि जिले में रोजगार की मांग अत्यधिक है। यदि निजी उद्योग, प्रशासन और स्थानीय संस्थाएं मिलकर ऐसे रोजगार मेलों को नियमित स्वरूप दें और चयनित अभ्यर्थियों के रोजगार संबंधी परिणामों को सार्वजनिक करें, तो यह मॉडल जिले में रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बन सकता है।

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