बिजनौर में चकबन्दी का बड़ा अपडेट: हल्दौर और भागूवाला में प्रक्रिया पूरी, अब बदलेगा भूमि अभिलेखों का स्वरूप
उत्तर प्रदेश सरकार ने धारा-52(1) की अधिसूचना जारी कर दी अंतिम मुहर, किसानों को मिलेगी रिकॉर्ड संबंधी नई सुविधा
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive
मुख्य बिंदु
- ग्राम हल्दौर और भागूवाला में चकबन्दी प्रक्रिया पूर्ण।
- धारा-52(1) के तहत शासकीय गजट में अधिसूचना प्रकाशित।
- नए भूमि अभिलेख होंगे प्रभावी।
- किसानों को राजस्व रिकॉर्ड और भूमि प्रबंधन में मिलेगी सुविधा।
- प्रशासन करेगा अभिलेखों का नियमानुसार अद्यतन।
बिजनौर, 03 अगस्त। जनपद बिजनौर के किसानों और भू-स्वामियों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक अपडेट सामने आया है। तहसील बिजनौर के ग्राम हल्दौर तथा तहसील नजीबाबाद के ग्राम भागूवाला में वर्षों से चल रही चकबन्दी प्रक्रिया अब आधिकारिक रूप से पूर्ण हो गई है। उत्तर प्रदेश चकबन्दी अधिनियम, 1953 की धारा-52(1) के अंतर्गत अधिसूचना शासकीय गजट में प्रकाशित होने के बाद दोनों गांवों में चकबन्दी की कार्यवाही विधिवत समाप्त मानी जाएगी।
डिप्टी कलेक्टर एवं बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी ने बताया कि इस संबंध में अधिसूचना संख्या 1428/जी-123/58-88(1), दिनांक 10 अप्रैल 2026 के क्रम में 18 जुलाई 2026 को शासकीय गजट में प्रकाशन किया जा चुका है। इसके साथ ही संबंधित गांवों में चकबन्दी प्रक्रिया का विधिक समापन हो गया है।
क्या होता है धारा-52(1) का महत्व?
चकबन्दी प्रक्रिया के दौरान भूमि का पुनर्गठन, सीमांकन तथा अभिलेखों का पुनर्संयोजन किया जाता है। जब धारा-52(1) की अधिसूचना प्रकाशित हो जाती है, तो इसका अर्थ होता है कि—
- चकबन्दी की संपूर्ण प्रक्रिया समाप्त मानी जाती है।
- नए भू-अभिलेख प्रभावी हो जाते हैं।
- राजस्व अभिलेखों का अद्यतन नियमानुसार किया जाता है।
- भूमि स्वामित्व एवं खेतों की नई स्थिति प्रशासनिक रिकॉर्ड का हिस्सा बन जाती है।
- भविष्य के राजस्व और भूमि संबंधी मामलों में यही अभिलेख आधार बनते हैं।
किसानों को क्या होगा फायदा?
चकबन्दी पूरी होने के बाद किसानों को कई व्यावहारिक लाभ मिलने की संभावना है—
- बिखरी हुई कृषि भूमि के स्थान पर व्यवस्थित खेत।
- भूमि विवादों में कमी आने की उम्मीद।
- राजस्व अभिलेख अधिक स्पष्ट और अद्यतन।
- कृषि कार्यों में सुविधा तथा संसाधनों का बेहतर उपयोग।
- सरकारी योजनाओं एवं बैंकिंग कार्यों में भूमि रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में आसानी।
प्रशासन ने क्या कहा?
बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी के अनुसार, धारा-52(1) का प्रकाशन होने के साथ ही दोनों गांवों में चकबन्दी की समस्त कार्यवाही विधिवत पूर्ण मानी जाएगी तथा संबंधित अभिलेखों का अद्यतन नियमानुसार किया जाएगा।
TargetTvLive विश्लेषण
चकबन्दी केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सुधार है। भूमि का वैज्ञानिक पुनर्गठन कृषि उत्पादन, सिंचाई प्रबंधन और भविष्य में होने वाले भूमि विवादों को कम करने की दिशा में अहम कदम माना जाता है। हल्दौर और भागूवाला में प्रक्रिया पूरी होने से अब किसानों को अद्यतन राजस्व रिकॉर्ड और स्पष्ट भू-अधिकारों का लाभ मिलेगा।
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