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बिजनौर KGBV भर्ती में बड़ा खेल? रिजल्ट गायब, मुख्यमंत्री के मंच से बांट दिए गए नियुक्ति पत्र!
महीनों बाद भी नहीं घोषित हुआ भर्ती परिणाम, मेरिट सूची पर सस्पेंस, EWS आरक्षण पर उठे गंभीर सवाल
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive Investigative Desk
बिजनौर में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (KGBV) की भर्ती प्रक्रिया अब एक बड़े विवाद का रूप लेती दिखाई दे रही है। भर्ती प्रक्रिया पूरी हुए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन आज तक न तो चयन सूची सार्वजनिक की गई है और न ही आधिकारिक रूप से भर्ती परिणाम घोषित किया गया है। इस बीच, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में नियुक्ति पत्र वितरित किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब भर्ती का परिणाम घोषित ही नहीं हुआ, तो आखिर नियुक्ति पत्र किस आधार पर जारी किए गए? यदि चयन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, तो मेरिट सूची और चयनित अभ्यर्थियों के नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए?
इन्हीं सवालों के बीच TargetTvLive की खोजी पड़ताल में कई ऐसे तथ्य और आरोप सामने आए हैं, जो भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े करते हैं।
क्या है पूरा मामला?
बिजनौर में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों एवं अन्य पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया पूरी की गई थी। अभ्यर्थियों ने आवेदन किए, चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया और परिणाम की प्रतीक्षा करते रहे। लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी भर्ती परिणाम सार्वजनिक नहीं किया गया।
हजारों अभ्यर्थी आज भी यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि उनका चयन हुआ या नहीं। विभाग की ओर से इस विषय पर कोई स्पष्ट और सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
मुख्यमंत्री के मंच से नियुक्ति पत्र, लेकिन विभाग का नाम नहीं!
17 जुलाई को बिजनौर में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे। सूत्रों के अनुसार, इन नियुक्ति पत्रों में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय से संबंधित नियुक्तियां भी शामिल थीं।
चौंकाने वाली बात यह है कि कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक रूप से कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय भर्ती का अलग से उल्लेख नहीं किया गया। इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि यदि भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, तो उसे सार्वजनिक रूप से बताने में आखिर क्या परेशानी थी?
क्या यह महज प्रशासनिक चूक थी या फिर भर्ती प्रक्रिया को सार्वजनिक जांच से बचाने का प्रयास?
यदि नियुक्तियां हो गईं तो परिणाम क्यों नहीं?
किसी भी पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया में सामान्यतः निम्नलिखित चरण अपनाए जाते हैं—
- भर्ती विज्ञापन जारी करना।
- आवेदन प्राप्त करना।
- चयन प्रक्रिया सम्पन्न करना।
- मेरिट सूची तैयार करना।
- भर्ती परिणाम सार्वजनिक करना।
- चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र जारी करना।
लेकिन इस भर्ती में कथित रूप से नियुक्ति पत्र पहले और परिणाम बाद में अथवा अभी तक नहीं घोषित किए जाने का मामला सामने आ रहा है।
यदि सब कुछ नियमानुसार हुआ है, तो संबंधित विभाग को निम्नलिखित जानकारियां तत्काल सार्वजनिक करनी चाहिए—
- चयनित अभ्यर्थियों की सूची।
- श्रेणीवार मेरिट सूची।
- चयनित अभ्यर्थियों के प्राप्तांक।
- नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों का विवरण।
- आरक्षण के अनुपालन की स्थिति।
- भर्ती प्रक्रिया से संबंधित सभी अभिलेख।
मोलतोल के आरोपों ने बढ़ाई चिंता
इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर सबसे गंभीर आरोप यह है कि चयनित अभ्यर्थियों से कथित रूप से लगातार मोलतोल की जा रही है। सूत्रों का दावा है कि इसी कारण परिणाम घोषित करने में जानबूझकर देरी की जा रही है।
हालांकि, TargetTvLive इन आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। यदि इनमें सच्चाई पाई जाती है, तो यह भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।
EWS आरक्षण को लेकर सबसे बड़ा विवाद
इस भर्ती प्रक्रिया में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के अभ्यर्थियों को लेकर भी कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अभ्यर्थियों और सूत्रों के अनुसार—
- भर्ती विज्ञापन में EWS आरक्षण का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया।
- आज तक EWS वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्तियां नहीं मिलने की बात कही जा रही है।
- चयन प्रक्रिया में आरक्षण नियमों के पालन को लेकर पारदर्शिता नहीं दिखाई गई।
- सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को उनके अधिकारों से वंचित किए जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
यदि ऐसा हुआ है, तो यह केवल भर्ती प्रक्रिया की अनियमितता का मामला नहीं होगा, बल्कि संवैधानिक अधिकारों से भी जुड़ा एक गंभीर विषय बन सकता है।
क्या कहता है कानून?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 14 सभी नागरिकों को समानता का अधिकार प्रदान करता है, जबकि अनुच्छेद 16 सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर सुनिश्चित करने की बात करता है।
भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सामान्यतः निम्नलिखित जानकारियां सार्वजनिक की जाती हैं—
- मेरिट सूची।
- श्रेणीवार चयन सूची।
- चयन प्रक्रिया का विवरण।
- आरक्षण के अनुपालन की स्थिति।
यदि किसी भर्ती में परिणाम घोषित किए बिना नियुक्ति पत्र जारी किए जाते हैं अथवा चयन प्रक्रिया सार्वजनिक नहीं की जाती, तो इससे भर्ती की पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
अभ्यर्थियों के मन में उठ रहे हैं सवाल
आज हजारों अभ्यर्थियों के मन में अनेक सवाल हैं—
- जब परिणाम घोषित नहीं हुआ, तो नियुक्ति पत्र किस आधार पर जारी हुए?
- मेरिट सूची सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?
- मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में कस्तूरबा विद्यालय भर्ती का स्पष्ट उल्लेख क्यों नहीं किया गया?
- क्या EWS आरक्षण का पालन किया गया?
- चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता क्यों नहीं दिखाई गई?
- यदि भर्ती पूरी हो चुकी है, तो विभाग आधिकारिक जानकारी जारी करने से क्यों बच रहा है?
अभ्यर्थियों के पास क्या हैं विकल्प?
यदि किसी अभ्यर्थी को भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता की आशंका है, तो वह—
- सूचना का अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांग सकता है।
- संबंधित विभाग को शिकायत दे सकता है।
- जिला प्रशासन एवं सक्षम अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दे सकता है।
- आवश्यक होने पर सक्षम न्यायिक मंच का दरवाजा खटखटा सकता है।
- आरक्षण नियमों के पालन की जांच की मांग कर सकता है।
TargetTvLive Investigation:
सबसे बड़े सवाल
TargetTvLive की खोजी पड़ताल के बाद इस भर्ती प्रक्रिया से जुड़े निम्नलिखित सवाल सबसे महत्वपूर्ण बनकर सामने आए हैं—
क्या भर्ती परिणाम घोषित किए बिना नियुक्तियां कर दी गईं?
क्या मेरिट सूची को सार्वजनिक करने से जानबूझकर बचा जा रहा है?
क्या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को उनका संवैधानिक अधिकार नहीं मिला?
क्या मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में दी गई नियुक्तियों का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाएगा?
यदि सब कुछ नियमानुसार हुआ है, तो विभाग पूरी चयन प्रक्रिया को सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहा?
TargetTvLive की मांग
जनहित और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए TargetTvLive निम्नलिखित मांग करता है—
- भर्ती परिणाम तत्काल सार्वजनिक किया जाए।
- संपूर्ण मेरिट सूची जारी की जाए।
- नियुक्ति प्राप्त अभ्यर्थियों की सूची सार्वजनिक की जाए।
- आरक्षण नियमों के अनुपालन का पूरा विवरण जारी किया जाए।
- यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
Disclaimer
यह रिपोर्ट अभ्यर्थियों, सूत्रों एवं उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर तैयार की गई एक खोजी रिपोर्ट है। समाचार में उल्लिखित आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभागीय अभिलेखों एवं जांच के बाद ही संभव है। समाचार का उद्देश्य जनहित से जुड़े प्रश्नों को उठाना और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। संबंधित विभाग, जिला प्रशासन अथवा अन्य जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाएगा।
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी
TargetTvLive | Investigative Desk











