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मां की हत्या, गुलदार का झूठ और 5 लाख रुपये का लालच! बिजनौर में बेटे की खौफनाक साजिश का पर्दाफाश

“5 लाख रुपये के लालच में बेटे ने ली मां की जान! गुलदार के हमले का रचा खौफनाक ड्रामा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला पूरा राज”

बिजनौर के हीमपुर दीपा क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार करने वाली वारदात, सरकारी मुआवजे के लिए मां की हत्या कर वन्यजीव हमले का बनाया झूठा कहानी, पुलिस की सूझबूझ से खुली साजिश।
TargetTvLive | विशेष रिपोर्ट
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी

बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने न केवल रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया बल्कि सरकारी सहायता योजनाओं के दुरुपयोग की मानसिकता को भी उजागर कर दिया है। यहां एक बेटे ने अपनी ही मां की गला दबाकर हत्या कर दी और फिर उसकी मौत को गुलदार (तेंदुए) के हमले का रूप देकर शासन से मिलने वाली पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता हासिल करने की साजिश रच डाली।

लेकिन कहते हैं कि अपराध कितना भी शातिर क्यों न हो, सच ज्यादा देर तक छिप नहीं सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने आरोपी की पूरी कहानी को झूठ साबित कर दिया और पुलिस ने महज दो दिनों के भीतर हत्या की इस खौफनाक साजिश का खुलासा कर दिया।

खेत में मिला शव, गुलदार के हमले की दी गई सूचना

मामला थाना हीमपुर दीपा क्षेत्र के ग्राम अजुपुरा जाट का है। 20 जुलाई 2026 को पीआरवी-2417 पर सूचना प्राप्त हुई कि गांव के जंगल में रहने वाली वीरो देवी की मौत गुलदार के हमले में हो गई है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

शुरुआत में गांव के लोग भी यही मान रहे थे कि महिला पर किसी वन्यजीव ने हमला किया है, क्योंकि हाल के वर्षों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में गुलदार की मौजूदगी की घटनाएं सामने आती रही हैं। यही कारण था कि घटना पर किसी को तत्काल संदेह नहीं हुआ।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदल दी पूरी कहानी

जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो उसमें महिला की मौत का कारण गला दबाकर हत्या (Strangulation) पाया गया। रिपोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया कि महिला की मौत किसी वन्यजीव के हमले से नहीं हुई है, बल्कि उसकी हत्या की गई है।

इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज किया और जांच का दायरा मृतका के परिजनों तक पहुंचाया। पुलिस को शुरुआती पूछताछ में कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके बाद मृतका के बेटे विशाल सिंह उर्फ मनिया को हिरासत में लिया गया।

मां से होता था आए दिन विवाद

पुलिस पूछताछ में आरोपी विशाल सिंह ने जो खुलासा किया, उसने सभी को स्तब्ध कर दिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसका अपनी मां से आए दिन घरेलू विवाद होता रहता था। दोनों के बीच अक्सर कहासुनी और गाली-गलौज की नौबत आ जाती थी।

घटना वाले दिन भी मां-बेटे के बीच खेत पर विवाद हुआ। आरोपी ने बताया कि विवाद के दौरान वह गुस्से में इतना आ गया कि उसने अपनी मां का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

हत्या के बाद रचा गया गुलदार हमले का झूठा नाटक

हत्या करने के बाद आरोपी ने बेहद शातिराना तरीके से घटना को गुलदार के हमले का रूप देने का प्रयास किया। उसने ऐसा माहौल बनाया कि लोगों को लगे कि महिला की मौत किसी वन्यजीव के हमले में हुई है।

आरोपी की योजना केवल हत्या को छिपाने तक सीमित नहीं थी। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि यदि प्रशासन और वन विभाग इस घटना को गुलदार के हमले में हुई मौत मान लेते, तो शासन की ओर से मिलने वाली पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता उसके परिवार को मिल जाती।

यानी आरोपी ने एक ओर अपनी मां की हत्या की और दूसरी ओर सरकारी सहायता राशि हड़पने की भी योजना बना ली थी।

पुलिस की सतर्कता से बच गया सरकारी धन का दुरुपयोग

यदि पुलिस केवल प्रारंभिक सूचना के आधार पर मामले को वन्यजीव हमले की घटना मानकर आगे बढ़ती, तो न केवल एक हत्या दब जाती बल्कि सरकारी धन का भी दुरुपयोग हो सकता था।

इस पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की वैज्ञानिक एवं सूक्ष्म जांच निर्णायक साबित हुई। समय रहते सच्चाई सामने आने से न केवल आरोपी सलाखों के पीछे पहुंचा, बल्कि सरकारी सहायता योजनाओं के दुरुपयोग का प्रयास भी विफल हो गया।

समाज के लिए एक बड़ा संदेश

यह घटना समाज के लिए कई गंभीर सवाल छोड़ जाती है। आखिर आर्थिक लालच किस हद तक इंसान को संवेदनहीन बना सकता है? जिस मां ने बेटे को जन्म दिया और उसका पालन-पोषण किया, उसी बेटे ने पांच लाख रुपये के लालच में उसकी जिंदगी छीन ली।

यह मामला केवल एक हत्या नहीं है, बल्कि यह रिश्तों के टूटते मूल्यों और बढ़ती लालच की मानसिकता को भी उजागर करता है। साथ ही यह भी साबित करता है कि किसी भी घटना की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच कितनी आवश्यक होती है।

आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने आरोपी विशाल सिंह उर्फ मनिया पुत्र स्वर्गीय मुन्ने सिंह निवासी ग्राम अजुपुरा जाट, थाना हीमपुर दीपा, जनपद बिजनौर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस टीम की सराहनीय कार्रवाई

हत्या के इस सनसनीखेज मामले के खुलासे में थाना हीमपुर दीपा पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों में—

  • प्रभारी निरीक्षक रविकरण सिंह
  • वरिष्ठ उप निरीक्षक कर्मवीर सिंह
  • उप निरीक्षक मुकेश कुमार
  • कांस्टेबल विशु सिरोही

की सक्रिय भूमिका रही।

TargetTvLive Analysis

“यह घटना बताती है कि अपराधी चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो, वैज्ञानिक जांच और सतर्क पुलिस व्यवस्था के सामने सच ज्यादा देर तक छिप नहीं सकता। सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे, इसके लिए ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।”

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रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive

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