कांवड़ यात्रा-2026: ‘जीरो इंसीडेंट-जीरो एक्सीडेंट’ का लक्ष्य, बिजनौर-उत्तराखंड सीमा पर हाई अलर्ट! DM जसजीत कौर ने दिए सख्त निर्देश

कांवड़ मार्गों पर डायवर्जन, कंट्रोल रूम, स्पीड कंट्रोल और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस, पड़ोसी जनपदों के साथ बनेगा रियल टाइम समन्वय तंत्र
बिजनौर में कांवड़ यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने जीरो इंसीडेंट और जीरो एक्सीडेंट का लक्ष्य तय करते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक, कंट्रोल रूम और कांवड़ मार्गों की व्यवस्थाओं को लेकर सख्त निर्देश दिए।
बिजनौर | TargetTvLive | अवनीश त्यागी
श्रावण मास में लाखों शिवभक्तों की आस्था का प्रतीक कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए बिजनौर प्रशासन ने व्यापक तैयारियों का खाका तैयार कर लिया है। बरकातपुर स्थित उत्तम शुगर मिल में आयोजित समन्वय बैठक में जनपद बिजनौर सहित उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड के पड़ोसी जनपदों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर ने की।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य केवल कांवड़ यात्रा को संपन्न कराना नहीं, बल्कि ‘जीरो इंसीडेंट एवं जीरो एक्सीडेंट’ के लक्ष्य को हासिल करना है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या हैं प्रशासन की प्राथमिकताएं?
- कांवड़ यात्रा मार्गों पर डायवर्जन व्यवस्था का सख्ती से पालन।
- यूपी और उत्तराखंड के जनपदों के साथ रियल टाइम समन्वय।
- कंट्रोल रूम को 24×7 सक्रिय रखने के निर्देश।
- रोडवेज बसों का संचालन निर्धारित रूट प्लान के अनुसार।
- सभी चालकों के लिए ‘क्या करें और क्या न करें’ के दिशा-निर्देश।
- नशे की हालत में वाहन संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध।
- कांवड़ मार्गों पर संकेतक बोर्ड एवं सूचना प्रणाली को सुदृढ़ करना।
- स्पीड ब्रेकरों पर कैट-आइज़ लगाने के निर्देश।
- जलभराव एवं गड्ढा मुक्त कांवड़ मार्ग सुनिश्चित करने की तैयारी।
पड़ोसी जनपदों से बनेगा मजबूत समन्वय तंत्र
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बेहतर समन्वय के लिए संबंधित अधिकारियों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना का आदान-प्रदान किया जा सके। बिजनौर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड से आने वाले कांवड़ियों की बड़ी संख्या प्रशासन के लिए चुनौती भी है और जिम्मेदारी भी।
यही कारण है कि पड़ोसी जनपदों के कंट्रोल रूम से लगातार संवाद बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस की पैनी नजर
पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने बैठक में सभी पुलिस चेक प्वाइंट्स पर नियमित तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है।
उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी प्रबंध समय से पूर्ण करने पर बल देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विश्लेषण: क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?
बिजनौर जनपद हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही का प्रमुख मार्ग बनता है। ऐसे में छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वर्ष 2026 की तैयारियों में इस बार तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया है—
- जीरो एक्सीडेंट मॉडल।
- अंतरजनपदीय समन्वय तंत्र।
- रियल टाइम ट्रैफिक एवं सुरक्षा प्रबंधन।
यदि प्रशासन द्वारा निर्धारित रूट प्लान, गति सीमा और सुरक्षा मानकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है, तो यह मॉडल प्रदेश के अन्य जनपदों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
TargetTvLive Analysis Box
क्या तैयार है प्रशासन?
- कंट्रोल रूम होंगे पूरी तरह सक्रिय।
- कांवड़ मार्गों पर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
- रोडवेज बसों के लिए विशेष रूट प्लान लागू होगा।
- पड़ोसी जनपदों के साथ लगातार समन्वय रहेगा।
- स्पीड कंट्रोल और सड़क सुरक्षा पर विशेष फोकस रहेगा।
महत्वपूर्ण निर्देश एक नजर में
- जीरो इंसीडेंट एवं जीरो एक्सीडेंट का लक्ष्य।
- डायवर्जन व्यवस्था का सख्ती से पालन।
- कांवड़ मार्गों को गड्ढा मुक्त बनाने के निर्देश।
- स्पीड ब्रेकरों पर कैट-आइज़ लगाए जाएंगे।
- जलभराव रोकने के लिए विशेष प्रबंधन।
- शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई।
- आवश्यक सेवाओं के वाहनों को निर्धारित समय में पास के आधार पर अनुमति।
- अधिकारियों के लिए समन्वय तंत्र को और मजबूत किया जाएगा।
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(रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive)
नोट: यह समाचार जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति एवं बैठक में साझा की गई सूचनाओं पर आधारित है।












