बिजनौर की दिव्यांग छात्राओं के लिए बड़ी सौगात! सरकार देगी 65 हजार रुपये तक की ई-ट्राईसाइकिल
ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन
बिजनौर। दिव्यांग छात्राओं की शिक्षा को नई गति देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित ई-ट्राईसाइकिल योजना के तहत जनपद बिजनौर की पात्र दिव्यांग छात्राओं को अधिकतम 65 हजार रुपये की लागत तक ई-ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छात्राओं को विद्यालय, महाविद्यालय और प्रशिक्षण संस्थानों तक सुगम एवं सम्मानजनक आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
मुख्य विकास अधिकारी रण विजय सिंह ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य केवल आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि दिव्यांग छात्राओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनके शैक्षिक एवं सामाजिक पुनर्वास को मजबूत करना भी है। यह योजना उन छात्राओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगी, जिन्हें प्रतिदिन कक्षाओं, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं अथवा छात्रावास तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ जनपद बिजनौर की 16 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु की ऐसी दिव्यांग छात्राओं को मिलेगा जो किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय, महाविद्यालय या प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययनरत अथवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
इन दिव्यांगताओं को मिलेगी प्राथमिक पात्रता
- मस्क्यूलर डिस्ट्रोफी
- स्ट्रोक से प्रभावित छात्राएं
- सेरेब्रल पाल्सी
- हीमोफिलिया सहित अन्य पात्र दिव्यांगता श्रेणियां
हालांकि, आवेदिका की दृष्टि एवं मानसिक स्थिति सामान्य होना आवश्यक है। इसके साथ ही कमर का ऊपरी भाग स्वस्थ होना चाहिए, ताकि वह ई-ट्राईसाइकिल का सुरक्षित संचालन कर सके।
इन दस्तावेजों का होना है अनिवार्य
- यूडीआईडी (दिव्यांगता) कार्ड अथवा मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा जारी दिव्यांग प्रमाण-पत्र।
- शिक्षण अथवा प्रशिक्षण संस्थान से अध्ययनरत होने का प्रमाण-पत्र।
- अन्य निर्धारित ऑनलाइन आवेदन संबंधी अभिलेख।
किसे नहीं मिलेगा योजना का लाभ?
- जिन छात्राओं के परिवार आयकरदाता हैं।
- जिन्होंने पिछले पांच वर्षों में किसी भी स्रोत से ई-ट्राईसाइकिल प्राप्त की है।
- जो निर्धारित पात्रता शर्तों को पूर्ण नहीं करती हैं।
गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले परिवारों की छात्राओं को योजना में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक दिव्यांग छात्राएं केवल आवागमन की समस्या के कारण अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो जाती हैं। ऐसे में ई-ट्राईसाइकिल उनके लिए केवल एक वाहन नहीं बल्कि शिक्षा, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की नई राह साबित हो सकती है। इससे छात्राओं की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी तथा उन्हें अपने शैक्षिक एवं व्यावसायिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
आवेदन कैसे करें?
योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन निर्धारित की गई है। इच्छुक एवं पात्र छात्राएं किसी भी कार्यदिवस में जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय, विकास भवन, बिजनौर से योजना संबंधी विस्तृत जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया के बारे में मार्गदर्शन प्राप्त कर सकती हैं।
मुख्य विकास अधिकारी रण विजय सिंह ने जनपद की सभी पात्र दिव्यांग छात्राओं एवं उनके अभिभावकों से समय रहते आवेदन कर इस महत्वाकांक्षी योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की है।
TargetTvLive Analysis
यह योजना केवल सरकारी सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि दिव्यांग छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास के नए द्वार खोलने वाली पहल है। शिक्षा तक सुगम पहुंच सुनिश्चित होने से न केवल उनकी शैक्षिक उपलब्धियां बढ़ेंगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। यदि इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन होता है तो यह दिव्यांग छात्राओं के जीवन में सकारात्मक और दीर्घकालिक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
(रिपोर्ट : अवनीश त्यागी, संपादक – TargetTvLive)











