“बिजनौर में कांवड़ यात्रा को लेकर हाई अलर्ट! हर शिविर में सीसीटीवी, हर मार्ग पर सुरक्षा का पहरा, डीएम जसजीत कौर ने जारी किए सख्त निर्देश”

बिजनौर में कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट, सुरक्षा से लेकर सुविधाओं तक बनाई गई व्यापक कार्ययोजना
शिवभक्तों की सेवा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, ट्रैफिक और डिजिटल निगरानी के लिए जारी हुए सख्त निर्देश
बिजनौर। श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा-2026 को लेकर बिजनौर जिला प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट पर है। लाखों शिवभक्तों की आस्था और उनकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, ट्रैफिक और डिजिटल निगरानी सहित बहुस्तरीय कार्ययोजना तैयार की है।
मोटा महादेव मंदिर, मण्डावली परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध ढंग से कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का महापर्व है। ऐसे में प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ सुनिश्चित करें।
कांवड़ मार्ग पर नहीं मिलेगा एक भी गड्ढा, स्वच्छता पर रहेगा विशेष फोकस
जिलाधिकारी ने सड़क निर्माण एवं मरम्मत से जुड़े सभी विभागों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा प्रारम्भ होने से पहले सभी मार्ग पूरी तरह गड्ढामुक्त होने चाहिए। कहीं भी जलभराव, कीचड़ अथवा गंदगी नहीं दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लाखों शिवभक्त इन्हीं मार्गों से गुजरेंगे, इसलिए उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ना चाहिए।
लटकते बिजली के तार और झुके खंभों पर होगी तत्काल कार्रवाई
डीएम जसजीत कौर ने विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि कांवड़ मार्ग पर कहीं भी बिजली के तार लटकते हुए या बिजली के खंभे झुकी हुई अवस्था में नहीं होने चाहिए। साथ ही संपूर्ण यात्रा मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे रात्रिकालीन यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मोटा महादेव और भागूवाला में रहेगी 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मोटा महादेव मंदिर एवं भागूवाला चेक पोस्ट पर अलग-अलग एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा प्रमुख स्थलों पर चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की विशेष टीमें भी तैनात रहेंगी, जो किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएंगी।
गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में लगाए जाएंगे विशेष चेतावनी बोर्ड
बिजनौर के कई कांवड़ मार्ग वन क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं। इसे देखते हुए वन विभाग और लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में विशेष चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। इन बोर्डों पर संबंधित अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी अंकित होंगे, ताकि किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्राप्त की जा सके।
अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी पैनी नजर, सोशल मीडिया की होगी निगरानी
पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों की लगातार निगरानी की जाएगी। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने अथवा अफवाह फैलाने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद की शांति और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के लिए किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी।
हर कांवड़ शिविर में होंगे सीसीटीवी कैमरे, आग से सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम
पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिए कि शिवभक्तों की सेवा के लिए स्थापित किए जाने वाले सभी शिविरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। विशेष रूप से शिविरों के प्रवेश द्वार और रसोई घरों पर कैमरों का फोकस रखा जाएगा। इसके अलावा विद्युत वायरिंग केवल इंसुलेटेड तारों से कराई जाएगी, जिससे आगजनी जैसी दुर्घटनाओं की संभावनाओं को रोका जा सके।
ढाबों और भोजनालयों पर लगानी होगी रेट लिस्ट
श्रद्धालुओं को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी ढाबों एवं भोजनालयों में मूल्य सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाए। इससे मनमानी वसूली पर अंकुश लगेगा और शिवभक्तों को पारदर्शी व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
ट्रैफिक व्यवस्था होगी सबसे बड़ी चुनौती
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग एवं पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए कि कांवड़ यात्रा प्रारम्भ होने से पूर्व रूट डायवर्जन, पड़ाव स्थलों की व्यवस्था तथा पुलिस बल की तैनाती की व्यापक समीक्षा कर ली जाए। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित हुए बिना आम जनजीवन भी यथासंभव सुचारु बना रहे।
पूर्व सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा को सफल एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन करने और प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया।
विश्लेषण : केवल व्यवस्थाएं नहीं, यह प्रशासन की बड़ी परीक्षा भी
बिजनौर जनपद हर वर्ष लाखों कांवड़ियों की आस्था का प्रमुख पड़ाव बनता है। यही कारण है कि यहां सुरक्षा, ट्रैफिक, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन की चुनौती भी कई गुना बढ़ जाती है। इस बार जिला प्रशासन ने केवल सुरक्षा व्यवस्था तक ही स्वयं को सीमित नहीं रखा है, बल्कि डिजिटल निगरानी, वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और पारदर्शी व्यवस्थाओं को भी अपनी कार्ययोजना में शामिल किया है।
अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि कागजों पर तैयार की गई योजनाएं धरातल पर कितनी प्रभावी ढंग से दिखाई देती हैं। यदि सभी विभाग निर्धारित समय में अपनी तैयारियां पूरी कर लेते हैं, तो यह कांवड़ यात्रा श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक साबित हो सकती है।
TargetTVLive Special
“क्या है प्रशासन का मास्टर प्लान?”
- गड्ढामुक्त और स्वच्छ कांवड़ मार्ग
- मोटा महादेव और भागूवाला पर एम्बुलेंस की तैनाती
- हर शिविर में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था
- सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों की निगरानी
- संवेदनशील एवं गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था
- ढाबों पर अनिवार्य रेट लिस्ट
- ट्रैफिक डायवर्जन और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
- लाखों शिवभक्तों की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय प्रशासनिक निगरानी
“संदेश स्पष्ट है— शिवभक्तों की आस्था, सुरक्षा और सुविधा से कोई समझौता नहीं होगा।”











